नीट मुद्दे पर दिल्ली में सियासी हलचल
नीट पेपर लीक के विवादित मामले को लेकर आज कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सरकारी आवास के बाहर एक बड़े विरोध प्रदर्शन का आयोजन किया। इस दौरान कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन का नेतृत्व करते हुए राहुल गांधी ने युवाओं के भविष्य को लेकर तीखे सवाल उठाए। हालांकि, इस विरोध प्रदर्शन में विपक्षी एकता की तस्वीर मिली-जुली रही।
अखिलेश यादव का समर्थन, आम आदमी पार्टी की नाराजगी
इस पूरे मामले में समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने राहुल गांधी के कदम का समर्थन किया और कांग्रेस के साथ खड़े दिखाई दिए। इसके विपरीत, आम आदमी पार्टी ने इस प्रदर्शन से पूरी तरह दूरी बनाए रखी। आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने राहुल गांधी की रणनीति पर गंभीर सवाल खड़े किए। पार्टी का कहना है कि यह प्रदर्शन वास्तव में जन-आंदोलनों की धार को कम करने की एक साजिश मात्र है।
आम आदमी पार्टी ने क्या आरोप लगाए
आम आदमी पार्टी की ओर से सोशल मीडिया पर एक कड़ा बयान जारी किया गया, जिसमें कहा गया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राहुल गांधी को अपने आवास पर धरने के लिए जगह देकर विरोध प्रदर्शनों को कमजोर करने का काम किया है। आम आदमी पार्टी के बयानों में कुछ मुख्य बातें इस प्रकार रहीं:
- सोनम वांगचुक बीते 23 दिनों से देश के युवाओं के लिए आमरण अनशन कर रहे हैं।
- जंतर-मंतर पर छात्र लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं और 20 जुलाई को उनके साथ बर्बरता की गई।
- कांग्रेस पार्टी पिछले एक महीने से इन आंदोलनों की अनदेखी कर रही थी।
- अब राहुल गांधी युवाओं को जंतर-मंतर से हटाकर अपने धरने में शामिल होने का आह्वान कर रहे हैं।
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