न्याय के इंतजार में 75 दिन से भटक रहा परिवार
राजस्थान के सिरोही जिले के पोसालिया गांव में हुए चिंटू सिंह उर्फ नरेंद्र सिंह हत्याकांड को बीते हुए अब 75 दिन का लंबा समय बीत चुका है। इतने दिन बीत जाने के बाद भी मामले के मुख्य आरोपी सहित कुल 9 आरोपी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। इस ढिलाई से नाराज मृतक का परिवार सड़क पर उतरने को मजबूर हो गया है। पीड़ित परिवार के सदस्य, जिनमें मृतक की 70 वर्षीय मां, तीन बहनें और लकवाग्रस्त भांजा शामिल हैं, जिले के कलेक्ट्रेट परिसर के मुख्य गेट के सामने रोजगार कार्यालय के पास दूसरे दिन भी भूख हड़ताल पर बैठे हैं। इस धरने ने अब पूरे जिले का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है।
लकवाग्रस्त मां और भांजे का संघर्ष
इस आंदोलन का सबसे हृदयविदारक दृश्य यह है कि धरने पर बैठी 70 वर्षीय मां और उनका भांजा दोनों ही लकवा से पीड़ित हैं। अपनी शारीरिक अक्षमता और उम्र के बावजूद, वे अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं। परिवार के लोगों ने कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया है कि जब तक सभी फरार आरोपियों को सलाखों के पीछे नहीं भेजा जाता, तब तक उनका यह अनशन किसी भी कीमत पर समाप्त नहीं होगा।
पुलिस की कार्रवाई पर उठे सवाल
हत्या का यह मामला शिवगंज पुलिस थाने में दर्ज है और इसकी जांच शिवगंज के CO पुष्पेंद्र वर्मा कर रहे हैं। परिजनों के प्रदर्शन के बाद पुलिस प्रशासन में थोड़ी हलचल मची है। प्रशासन का दावा है कि आरोपियों को पकड़ने के लिए विशेष टीमों का गठन किया गया है और संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है। अधिकारियों ने धरना स्थल पर जाकर परिजनों से बातचीत करने और उन्हें समझाने की कई बार कोशिश की, लेकिन परिवार ने पुलिस के कोरे आश्वासनों को मानने से साफ इनकार कर दिया है।
प्रशासन को दो टूक जवाब
धरने के दौरान मृतक की मां का दर्द छलक कर बाहर आ गया। उन्होंने कहा कि अपने बेटे को न्याय दिलाने के लिए यदि उन्हें अपनी जान भी गंवानी पड़े, तो उन्हें कोई परवाह नहीं है। परिवार की नाराजगी का आलम यह है कि मृतक की बहन ने प्रशासन को चुनौती देते हुए कहा कि यदि पुलिस आरोपियों को पकड़ने में असमर्थ है, तो हमें इजाजत दे दी जाए। उन्होंने कहा कि हम स्वयं उन अपराधियों से निपटने में सक्षम हैं। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि पुलिस इन 9 आरोपियों को कब गिरफ्तार करती है।
राजस्थान में एक अन्य दुखद घटना
इसी बीच, राजस्थान के ही करौली से एक और हृदयविदारक खबर सामने आई है। वहां एक ही परिवार के चार सदस्यों ने सामूहिक रूप से जहर का सेवन कर लिया। इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना में माता-पिता और उनके बड़े बेटे की मौत हो गई है, जबकि परिवार का छोटा बेटा जीवन और मौत के बीच संघर्ष कर रहा है और उसे इलाज के लिए जयपुर के SMS अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
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