तंबाकू की लत छोड़ दी है तो भी रहें सतर्क, मुंह के ये लक्षण ओरल कैंसर का हो सकते हैं संकेत

तंबाकू या सिगरेट का सेवन बंद कर देने के बाद भी ओरल कैंसर का जोखिम पूरी तरह समाप्त नहीं होता है। विशेषज्ञों के अनुसार, मुंह के अंदर दिखने वाले छोटे बदलावों को नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है और हर छह महीने में डेंटिस्ट से जांच करवाना अनिवार्य है।

तंबाकू छोड़ने के बाद भी क्यों बना रहता है जोखिम

तंबाकू, गुटखा, पान मसाला या सिगरेट का सेवन बंद करना एक बेहद सकारात्मक कदम है, लेकिन इसे अपनाने वाले कई लोग यह मान बैठते हैं कि अब उनके स्वास्थ्य पर कोई खतरा नहीं है। हालांकि, स्वास्थ्य विशेषज्ञों का स्पष्ट मानना है कि तंबाकू छोड़ने के बाद भी ओरल कैंसर का जोखिम रातों-रात खत्म नहीं होता है। लंबे समय तक तंबाकू का सेवन करने वाले व्यक्तियों में यह खतरा कई वर्षों तक बना रह सकता है। यद्यपि समय के साथ जोखिम की दर कम होती है, फिर भी पूरी तरह से निश्चिंत हो जाना खतरनाक हो सकता है। इसलिए, तंबाकू छोड़ने के बाद भी मुंह की नियमित जांच करवाना और किसी भी तरह के असामान्य बदलाव को गंभीरता से लेना आवश्यक है।

कोशिकाओं के डीएनए पर पड़ता है गहरा असर

फरीदाबाद स्थित अमृता हॉस्पिटल के डेंटल विभाग की प्रमुख और सीनियर डेंटिस्ट डॉ. शिल्पा खुल्लर सूद का कहना है कि वे अपने मरीजों को हमेशा यही समझाती हैं कि तंबाकू छोड़ना स्वास्थ्य के लिए सबसे जरूरी निर्णय है, लेकिन यह सोचना कि अब खतरा शून्य हो गया है, एक भूल है। तंबाकू न केवल आपके दांतों या मसूड़ों को प्रभावित करता है, बल्कि यह पूरे मुंह के ऊतकों (टिश्यू) को गंभीर नुकसान पहुंचाता है। यह आदत कोशिकाओं के डीएनए संरचना में भी परिवर्तन कर सकती है। यही कारण है कि तंबाकू छोड़ने के बाद भी व्यक्ति को खुद को पूर्णतः सुरक्षित नहीं मानना चाहिए और लगातार सतर्कता बरतनी चाहिए।

इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज

जो लोग 10, 12 या 20 वर्षों तक तंबाकू, खैनी या गुटखे का सेवन करते रहे हैं, उन्हें अपने मुंह की स्थिति के प्रति बहुत सावधान रहना चाहिए। डॉ. शिल्पा बताती हैं कि यदि मुंह में कोई ऐसा घाव या अल्सर है जो 3 से 4 हफ्ते तक ठीक नहीं हो रहा है, तो इसे बिल्कुल भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। इसके अलावा, मुंह के भीतर, गालों के अंदरूनी हिस्से या जीभ पर कोई सफेद या लाल रंग का पैच नजर आना, मुंह में कोई गांठ या सूजन महसूस होना, या फिर आवाज में अचानक भारीपन आना कैंसर के प्रारंभिक लक्षण हो सकते हैं। ऐसी किसी भी स्थिति में तुरंत किसी विशेषज्ञ डेंटिस्ट से परामर्श लेना चाहिए।

स्वयं करें अपने मुंह की नियमित जांच

डॉ. शिल्पा का सुझाव है कि मुंह शरीर का वह हिस्सा है जिसे कोई भी व्यक्ति स्वयं भी आसानी से देख सकता है। हर व्यक्ति को समय-समय पर टॉर्च की रोशनी में अपने मुंह के अंदर बारीकी से देखना चाहिए। यदि कहीं भी कोई घाव, असामान्य सूजन, गांठ या रंग में अंतर दिखाई दे, तो इंतजार करने के बजाय तुरंत डॉक्टर के पास जाकर जांच करवानी चाहिए। शुरुआती अवस्था में कैंसर का पता चलना जान बचाने के लिए सबसे निर्णायक कारक होता है।

नियमित डेंटल चेकअप का महत्व

इस सवाल पर कि जांच कितनी बार करानी चाहिए, डॉ. शिल्पा स्पष्ट करती हैं कि जो लोग लंबे समय तक तंबाकू के आदी रहे हैं, उन्हें प्रत्येक 6 महीने में एक बार डेंटिस्ट या जनरल फिजिशियन से पूरा चेकअप अवश्य करवाना चाहिए। यदि पहले से ही कोई स्वास्थ्य संबंधी परेशानी है, तो डॉक्टर के निर्देशानुसार और भी जल्दी जांच की जा सकती है। नियमित चेकअप से बीमारी को प्रारंभिक अवस्था में ही पकड़ना संभव हो जाता है, जिससे उपचार की संभावनाएं कई गुना बढ़ जाती हैं।

जीवनशैली में सुधार और बचाव के तरीके

तंबाकू छोड़ने के बाद खानपान और जीवनशैली में बदलाव करना भी सुरक्षा कवच का काम करता है। डॉ. शिल्पा मरीजों को सलाह देती हैं कि वे अपनी डाइट में ताजे फलों और पौष्टिक आहार को शामिल करें, ताकि शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्यूनिटी) मजबूत बनी रहे। इसके साथ ही, शराब के सेवन से पूरी तरह दूरी बनाना और बेहतर ओरल हाइजीन बनाए रखना अनिवार्य है। नियमित रूप से सही तरीके से ब्रश करना और मुंह की स्वच्छता का ध्यान रखना खतरों को कम करने में सहायक होता है। हालांकि, ये सभी आदतें पूरक हैं, लेकिन पेशेवर डेंटिस्ट द्वारा की जाने वाली नियमित जांच का कोई विकल्प नहीं है।

समय पर इलाज है सफल बचाव

अंत में डॉ. शिल्पा यह संदेश देती हैं कि तंबाकू छोड़ देने के बाद लापरवाह होना सबसे बड़ी गलती है। यदि कैंसर शुरुआती चरण में पकड़ में आ जाए, तो लगभग 90 प्रतिशत मामलों में सफल इलाज की संभावना रहती है। इसलिए, हर 6 महीने में जांच कराना एक अनुशासन होना चाहिए। समय पर उठाया गया आपका एक छोटा सा कदम आपकी जीवन रक्षा कर सकता है। किसी भी असामान्य घाव, सूजन या पैच को हल्के में न लें और बिना देरी किए डेंटिस्ट से संपर्क करें।

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