रोबोटिक्स की दुनिया में चीन का दबदबा: 192 देशों के कुल ह्यूमनॉइड से ज्यादा अकेले चीन के पास

चीन ने रोबोटिक्स तकनीक में नया मुकाम हासिल कर लिया है, जहां अब उसके पास दुनिया के कुल ह्यूमनॉइड रोबोट मॉडल्स से भी अधिक की संख्या है। चीन के झेजियांग प्रांत ने इस क्षेत्र में क्रांति ला दी है, जहां अकेले एक शहर में 700 से ज्यादा कंपनियां रोबोटिक्स के काम में जुटी हैं।

चीन बना दुनिया का सबसे बड़ा रोबोटिक हब

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और एडवांस टेक्नोलॉजी की दौड़ में चीन ने एक बार फिर पूरी दुनिया को पीछे छोड़ दिया है। अब चीन केवल दुनिया की फैक्ट्री के रूप में नहीं जाना जाता, बल्कि वह रोबोटिक्स के क्षेत्र में महाशक्ति के रूप में उभर रहा है। चीन के उद्योग और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा जारी हालिया आंकड़ों के अनुसार, वैश्विक बाजार में उपलब्ध ह्यूमनॉइड रोबोट मॉडल्स की कुल संख्या का आधे से भी अधिक हिस्सा अकेले चीन के पास है। आलम यह है कि दुनिया भर में बिकने वाले चार पैरों वाले रोबोट्स में से करीब 70% चीन में निर्मित किए जाते हैं। चीन अब तक 400 से अधिक ह्यूमनॉइड रोबोट मॉडल विकसित करने में सफल रहा है, जो इसकी तकनीकी दक्षता का प्रमाण है।

झेजियांग प्रांत का बढ़ता प्रभाव

चीन की इस सफलता के पीछे झेजियांग प्रांत का योगदान सबसे महत्वपूर्ण माना जा रहा है। साल की पहली छमाही में इस प्रांत ने रोबोटिक्स एक्सपोर्ट में कीर्तिमान स्थापित किया है। आंकड़ों के मुताबिक, झेजियांग से इस अवधि के दौरान 1 अरब युआन यानी लगभग 1421 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के रोबोट दुनिया भर में भेजे गए हैं। देश से बाहर निर्यात किए जाने वाले स्मार्ट बायोनिक रोबोट्स में झेजियांग की हिस्सेदारी लगभग 60% है। हांगझोउ शहर इस उद्योग का मुख्य केंद्र बन चुका है, जहां रोबोटिक्स से जुड़ी 700 से अधिक कंपनियां सक्रिय हैं। ये कंपनियां अनुसंधान, पुर्जों के निर्माण, असेंबलिंग और उन्नत सॉफ्टवेयर तैयार करने के काम को बखूबी अंजाम दे रही हैं।

5G का विस्तार और 6G की दिशा में कदम

रोबोटिक्स के अलावा चीन ने अपनी डिजिटल बुनियादी संरचना को भी तेजी से मजबूत किया है। जून महीने के आंकड़ों तक चीन में 51 लाख से ज्यादा 5G बेस स्टेशन स्थापित किए जा चुके हैं। अब देश 5G-A और 10-गीगाबिट ब्रॉडबैंड नेटवर्क की ओर कदम बढ़ा चुका है। स्मार्टफोन, लैपटॉप और रोबोट जैसे स्मार्ट उपकरणों में AI और 5G का एकीकरण बहुत प्रभावशाली ढंग से किया गया है। इसके अलावा, चीन ने 6G तकनीक के दूसरे दौर के ट्रायल भी शुरू कर दिए हैं, जो भविष्य की तकनीक के प्रति उसकी दूरदर्शिता को दर्शाता है।

विदेशी निवेशकों का बढ़ा भरोसा

विशेषज्ञों का मानना है कि अपनी कोर टेक्नोलॉजी का स्वदेशी विकास ही चीन की सफलता का सबसे बड़ा कारण है, जिसने उसे वैश्विक बाजार में बढ़त दिलाई है। चीन के दूरसंचार क्षेत्र में विदेशी निवेश लगातार बढ़ रहा है। वर्तमान में चीन में 3219 विदेशी निवेश वाली टेलीकॉम कंपनियां काम कर रही हैं, जिनमें पिछले साल के मुकाबले 24% की वृद्धि देखी गई है।

आर्थिक मोर्चे पर बड़ी उपलब्धि

चीन की आर्थिक मजबूती का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि साल की पहली छमाही में देश का औद्योगिक उत्पादन 5.4% बढ़ा है। कंपनियों का मुनाफा पिछले दो वर्षों के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। तकनीक के इस वैश्विक महासंग्राम में चीन अब केवल एक निर्माता नहीं, बल्कि भविष्य की तकनीकों का सबसे बड़ा आपूर्तिकर्ता बन गया है। यह स्पष्ट है कि आने वाले समय में दुनिया भर की तकनीक पर चीन का नियंत्रण और अधिक गहरा होने वाला है।

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