मेरठ जेल में दामिनी की पहली रात
मेरठ में पति अतुल पंवार को जहरीले सांप से डसवाकर हत्या करने के गंभीर मामले में आरोपी पत्नी दामिनी को न्यायिक हिरासत के तहत जेल भेज दिया गया है। जेल में उसकी पहली रात भारी बेचैनी, खामोशी और आंसुओं में व्यतीत हुई। जेल प्रशासन के अनुसार, वह जेल की बैरक में लंबे समय तक गुमसुम बैठी रही। उसने भोजन करने से पूरी तरह परहेज किया और उसकी आंखों से लगातार आंसू बहते रहे। दामिनी के मन में केवल अपने बेटे से एक बार मिलने की तीव्र आरजू है, जिसके लिए वह सोमवार को लगातार जेल कर्मियों से गुहार लगाती रही। इसी बीच, जेल में बंद मुस्कान से भी उसकी मुलाकात हुई, जहां दोनों ने एक दूसरे से अपना परिचय साझा किया।
बैरक संख्या 12 A में रखी गई दामिनी
मेरठ जेल के वरिष्ठ जेल अधीक्षक डॉ. वीरेश राज शर्मा ने मीडिया को बताया कि सभी आवश्यक कानूनी और प्रक्रियात्मक औपचारिकताओं को पूरा करने के बाद दामिनी को महिला बैरक संख्या 12 A में शिफ्ट कर दिया गया है। रविवार दोपहर तक उसका व्यवहार काफी असहज रहा, जिसमें उसने किसी से भी बातचीत करने में कोई रुचि नहीं दिखाई। वह चुपचाप बैठी रहती थी और बीच-बीच में भावुक होकर रो पड़ती थी।
बेटे की याद में जागती रही पूरी रात
जेल अधिकारियों ने इस बात की पुष्टि की है कि जेल पहुंचने के बाद पहले दिन दामिनी ने भोजन करने से साफ इनकार कर दिया था। जेल प्रशासन द्वारा रात का खाना उपलब्ध कराया गया, लेकिन उसने उसे हाथ तक नहीं लगाया। बैरक की अन्य महिला बंदियों ने जेल कर्मियों को जानकारी दी कि वह पूरी रात अपने बिस्तर पर करवटें बदलती रही। जब भी उसे ज्यादा घबराहट होती, तो वह चुपचाप उठकर टहलने लगती और फिर वापस बिस्तर पर जाकर बैठ जाती। बेटे की चिंता उसे इतनी अधिक थी कि वह रात भर एक पल के लिए भी सो नहीं सकी।
महिला बंदियों के बीच खुद को अलग रखा
हालांकि, सोमवार की सुबह दामिनी के हाव-भाव में थोड़ा परिवर्तन देखने को मिला। उसने सुबह का नाश्ता और दोपहर का भोजन ग्रहण किया। बावजूद इसके, वह अन्य महिला बंदियों से एक सुरक्षित दूरी बनाए हुए है और बहुत कम बोलने का प्रयास कर रही है। जेल प्रशासन उसकी हर छोटी-बड़ी गतिविधि पर पैनी नजर रखे हुए है और उसकी मानसिक स्थिति का भी आकलन किया जा रहा है।
मुलाकात और धार्मिक पुस्तकों की इच्छा
दामिनी ने जेल प्रशासन के सामने केवल अपने बेटे से मिलने की इच्छा व्यक्त की है। हालांकि, उसने अपने कथित प्रेमी तुषार से मिलने का कोई भी अनुरोध अब तक नहीं किया है। वरिष्ठ जेल अधीक्षक ने स्पष्ट किया कि यदि वह ऐसी कोई इच्छा जताती भी है, तो मुलाकात केवल जेल नियमावली के नियमों के दायरे में ही संभव होगी। जानकारी के अनुसार, दामिनी ने जेल की लाइब्रेरी में काम करने की इच्छा जताई है। साथ ही, उसने रामायण और सुंदरकांड जैसी धार्मिक पुस्तकों के पाठ की भी इच्छा प्रकट की है। जेल प्रशासन नियमानुसार इन सुविधाओं की व्यवस्था पर विचार कर रहा है। वहीं दूसरी ओर, उसका प्रेमी तुषार यह जानने के लिए उत्सुक है कि क्या उसके घर से कोई उससे मिलने आया है और वह जेल में मुलाकात की प्रक्रिया के बारे में पूछताछ कर रहा है।
प्रेमी के साथ मिलकर रची पति की हत्या की साजिश
दामिनी पर आरोप है कि उसने अपने प्रेमी के साथ मिलकर सुनियोजित तरीके से पति अतुल पंवार की हत्या की है। इन दोनों ने दो सपेरों की सहायता ली थी, जिन्होंने अतुल को एक ऐसे सांप से डसवाया जो एक साइलेंट किलर की तरह काम करता है। इस जहर के कारण व्यक्ति को दर्द या सूजन का आभास नहीं होता। वर्तमान में दामिनी, उसका प्रेमी और वे दोनों सपेरे अदालत के आदेश पर 14 दिन की न्यायिक हिरासत में मेरठ जेल में बंद हैं।
जेल में चर्चा का केंद्र बनी यह घटना
मेरठ जेल में इससे पहले भी पति को रास्ते से हटाने के मामले में 5 महिलाएं बंद हैं, और अब छठी महिला आरोपी के रूप में दामिनी यहां पहुंची है। इसी जेल में मुस्कान भी बंद है, जिसने अपने प्रेमी साहिल के साथ मिलकर पति सौरव की हत्या की थी और शव के टुकड़े करके नीले ड्रम में सीमेंट भरकर पैक कर दिए थे, जो कि देश भर में एक बड़ी सनसनी बन गई थी। जेल अधीक्षक के अनुसार, खाना लेते समय मुस्कान और दामिनी की मुलाकात हुई और नाम पुकारे जाने पर दोनों ने आपस में बातचीत की। यह घटना अब पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बनी हुई है। फिलहाल मामले की विस्तृत जांच चल रही है और इस पूरे प्रकरण पर अदालत की सुनवाई के बाद ही कोई अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
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