तिरुपति बालाजी के प्रसाद में कथित मिलावटी घी: बीकानेर की किस फर्म तक पहुंची जांच, जानिए पूरा मामला

तिरुपति बालाजी मंदिर के लड्डू प्रसाद में कथित मिलावटी घी सप्लाई मामले की जांच अब बीकानेर तक पहुंच गई है, जहां ईडी ने करीब 30 साल पुरानी आशीष कुमार मोहनलाल फर्म के कई ठिकानों पर छापेमारी की।

तिरुपति बालाजी मंदिर के मशहूर लड्डू प्रसाद में कथित रूप से मिलावटी घी की सप्लाई से जुड़े मामले की जांच लगातार नए मोड़ ले रही है। अब इस पूरे प्रकरण की आंच राजस्थान के बीकानेर तक आ पहुंची है। बुधवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम बीकानेर पहुंची और शहर के कोयला गली इलाके में स्थित एक पुराने घी कारोबारी प्रतिष्ठान पर सर्च अभियान चलाया। कार्रवाई की खबर फैलते ही पूरे कारोबारी इलाके में हलचल मच गई और दिनभर लोगों की निगाहें इसी पर टिकी रहीं।

किस फर्म पर हुई कार्रवाई

जानकारी के मुताबिक ईडी की टीम ने आशीष कुमार मोहनलाल नाम की फर्म से जुड़े ठिकानों की जांच की। बताया जा रहा है कि यह फर्म करीब 30 साल पुरानी है। इस फर्म में आशीष कुमार पुत्र की भूमिका में हैं और मोहनलाल पिता हैं। इनका मुख्य कारोबार तेल और घी से जुड़ा हुआ बताया जाता है। इसके साथ ही एक परचून की दुकान संचालित होने की भी जानकारी सामने आई है। बताया जा रहा है कि बीकानेर के अलावा दूसरे शहरों में भी इनके कारोबारी कार्यालय मौजूद हैं।

एक साथ कई जगह पहुंचीं टीमें

सूत्रों के अनुसार ईडी की अलग-अलग टीमों ने कारोबारी के मुख्य गोदाम, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और निजी आवास समेत कई स्थानों पर एक साथ जांच शुरू की। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर दस्तावेजों, बैंकिंग रिकॉर्ड, कारोबारी फाइलों, कंप्यूटर हार्ड डिस्क और इलेक्ट्रॉनिक डाटा की बारीकी से पड़ताल की। पूरी कार्रवाई को गोपनीय रखने की कोशिश की गई, जिसके लिए सुरक्षा के विशेष इंतजाम भी किए गए थे। जांच के दौरान बाहरी लोगों की आवाजाही पर भी पैनी नजर रखी गई।

पहले से चर्चा में है मामला

यह मामला पहले से ही राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियों में बना हुआ है। तिरुपति लड्डू प्रसाद में इस्तेमाल हुए घी की गुणवत्ता को लेकर विवाद उठने के बाद कई एजेंसियां इसकी पड़ताल में जुटी हैं। इससे पहले विशेष जांच दल (एसआईटी) और आयकर विभाग भी संबंधित प्रतिष्ठानों से जुड़े मामलों की जांच कर चुके हैं। माना जा रहा है कि पहले की जांच में सामने आए कुछ तथ्यों और दस्तावेजों के आधार पर अब ईडी ने अपनी कार्रवाई को आगे बढ़ाया है। एजेंसी का ध्यान सिर्फ घी की सप्लाई तक सीमित नहीं है, बल्कि उससे जुड़े आर्थिक लेन-देन और संभावित वित्तीय गड़बड़ियों की भी जांच की जा रही है।

सप्लाई चेन और लेन-देन पर फोकस

जांच एजेंसी यह समझने की कोशिश कर रही है कि कथित सप्लाई चेन कितनी बड़ी थी और उससे जुड़े कारोबारी लेन-देन का दायरा कितना व्यापक रहा। साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि इस पूरी प्रक्रिया में किन-किन पक्षों की भूमिका रही और आर्थिक स्तर पर क्या-क्या गतिविधियां हुईं। फिलहाल ईडी की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। हालांकि जिस तरह दस्तावेजों और कारोबारी रिकॉर्ड की छानबीन की जा रही है, उससे साफ है कि एजेंसी मामले के हर पहलू को खंगालने में जुटी हुई है।

आगे क्या

बीकानेर में हुई इस कार्रवाई के बाद कारोबारी जगत में भी हलचल बढ़ गई है। लोग यह जानने की कोशिश कर रहे हैं कि जांच आगे किस दिशा में जाएगी और क्या इस मामले में नए नाम या नई जानकारियां सामने आएंगी। फिलहाल जांच जारी है और ईडी की पड़ताल पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि कथित घी सप्लाई मामले तथा उससे जुड़े आर्थिक लेन-देन में किस स्तर तक कड़ियां जुड़ी हुई थीं। इतना तय है कि तिरुपति लड्डू विवाद की जांच अब बीकानेर तक पहुंच चुकी है और आने वाले दिनों में इस मामले में और खुलासे होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

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