सोनम वांगचुक का अनशन जारी, छात्रों पर पुलिसिया कार्रवाई से आहत होकर लिया बड़ा फैसला

सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने प्रदर्शनकारी छात्रों के साथ हुई पुलिस की सख्ती के विरोध में अपनी भूख हड़ताल जारी रखने की घोषणा की है। उन्होंने कहा है कि जब तक छात्रों को सांसदों से मिलने का मौका नहीं मिलता, वे उपवास समाप्त नहीं करेंगे।

अनशन को लेकर नया रुख

सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने सोमवार की देर शाम एक महत्वपूर्ण फैसला लेते हुए घोषणा की है कि उनकी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल फिलहाल समाप्त नहीं होगी। उनका यह निर्णय कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा आयोजित संसद चलो मार्च के दौरान प्रदर्शन कर रहे युवाओं के प्रति पुलिस द्वारा अपनाई गई कठोर नीतियों के बाद आया है। वांगचुक ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक युवा नेताओं को जनप्रतिनिधियों से मुलाकात करने की अनुमति नहीं मिल जाती, या फिर उन्हें स्वयं अस्पताल के भीतर से ऐसी चर्चा करने की छूट नहीं दी जाती, तब तक उनका उपवास लगातार चलता रहेगा।

सफदरजंग अस्पताल से हस्तलिखित बयान

सफदरजंग अस्पताल में भर्ती वांगचुक ने एक हस्तलिखित संदेश के जरिए छात्रों के साथ किए गए व्यवहार पर गहरी नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारियों पर जिस प्रकार की कार्रवाई की गई, उसने उन्हें अपना आंदोलन जारी रखने के लिए मजबूर कर दिया है। उन्होंने उम्मीद जताई है कि सरकार शिक्षा मंत्री की जवाबदेही तय करने के साथ ही छात्रों की मांगों को पूरी संवेदनशीलता के साथ सुनेगी। वांगचुक ने अपने संदेश में लिखा, शांतिपूर्ण तरीके से विरोध जता रहे युवाओं के साथ जो बर्बरता हुई, उसे देखते हुए मैंने यह फैसला लिया है कि मैं अपना अनशन तब तक नहीं तोडूंगा जब तक युवा प्रतिनिधि सांसदों से नहीं मिल लेते या मुझे उनसे यहीं अस्पताल में मिलने की अनुमति नहीं मिलती।

युवाओं को मौका देने की मांग

सोनम वांगचुक ने प्रदर्शन में शामिल युवाओं की तारीफ की है और कहा कि भारी उकसावे के बावजूद उन्होंने अपनी शांति और धैर्य को बरकरार रखा। उन्होंने शासन और प्रशासन से पुरजोर अपील की है कि वे छात्रों को संसद के समक्ष अपना पक्ष रखने और सांसदों से संवाद करने का अवसर प्रदान करें। उनका मानना है कि यदि छात्रों को यह मौका दिया जाता है तो पूरे प्रदर्शन के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखना बहुत आसान होगा। गौर करने वाली बात यह है कि इससे पूर्व वांगचुक ने कहा था कि यदि सरकार शिक्षा प्रणाली की खामियों की जिम्मेदारी स्वीकार कर ले या राजनीतिक दल मानसून सत्र में इन मुद्दों पर चर्चा का आश्वासन दे दें, तो वे अनशन खत्म करने पर विचार कर सकते हैं। हालांकि, ताजा घटनाक्रम के बाद उन्होंने अपने फैसले में बदलाव किया है।

स्वास्थ्य अपडेट और डॉक्टरी निगरानी

सोनम वांगचुक की स्वास्थ्य स्थिति पर बात करते हुए डॉक्टरों ने बताया है कि उनकी हालत फिलहाल स्थिर बनी हुई है। हालांकि उनका ब्लड शुगर अभी भी सामान्य से थोड़ा कम है, लेकिन अन्य ब्लड रिपोर्ट्स में सुधार के संकेत मिले हैं। ORS और पोटैशियम सिरप के माध्यम से उन्हें जरूरी तत्व दिए जा रहे हैं, जिससे उनकी स्थिति में बेहतरी आई है। सफदरजंग अस्पताल और AIIMS के विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम लगातार उन पर नजर बनाए हुए है। डॉक्टरों का कहना है कि डिहाइड्रेशन से पूर्ण रिकवरी और अन्य जटिलताओं से बचने के लिए उनकी निरंतर निगरानी आवश्यक है। गौरतलब है कि वांगचुक जंतर मंतर पर 28 जून से अनशन पर बैठे थे, जिसके बाद शनिवार को दिल्ली पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेकर अस्पताल में भर्ती कराया था।

https://www.indiatv.in/india/national/sonam-wangchuk-hunger-strike-continues-after-police-action-parliament-march-2026-07-20-1232364