सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा: 1100 श्रद्धालुओं के साथ बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने किया ऐतिहासिक आगाज

बिहार सरकार द्वारा आयोजित सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा के तहत 1100 श्रद्धालुओं का जत्था पाटलिपुत्र जंक्शन से गुजरात के लिए रवाना हुआ। इस दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने यात्रियों से बिहार की खुशहाली के लिए विशेष प्रार्थना करने की अपील की।

पाटलिपुत्र जंक्शन से भक्तिमय विदाई

बिहार की राजधानी पटना स्थित पाटलिपुत्र जंक्शन सोमवार के दिन पूरी तरह से आस्था और भक्ति के रंगों में डूबा नजर आया। अवसर था बिहार सरकार द्वारा प्रायोजित सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा के शुभारंभ का। इस यात्रा के तहत 1100 श्रद्धालु भगवान सोमनाथ के दर्शन करने के लिए एक विशेष ट्रेन के माध्यम से गुजरात रवाना हुए। जैसे ही यह विशेष ट्रेन स्टेशन से रवाना होने को हुई, पूरा परिसर 'हर-हर महादेव' और 'जय श्रीराम' के नारों से गूंज उठा। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने स्वयं हरी झंडी दिखाकर इस धार्मिक यात्रा को विदा किया।

बिहार की समृद्धि का संकल्प

श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने एक भावनात्मक अपील की। उन्होंने उपस्थित लोगों से कहा कि जब वे भगवान सोमनाथ के दरबार में पहुंचें, तो सबसे पहले अपने राज्य बिहार की समृद्धि, विकास और खुशहाली के लिए प्रार्थना करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह यात्रा केवल 1100 व्यक्तियों की यात्रा नहीं है, बल्कि यह 14 करोड़ बिहारियों की भावनाओं का प्रतिनिधित्व है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि जो लोग स्वयं वहां नहीं जा सके, उनकी श्रद्धा इन यात्रियों के माध्यम से भगवान सोमनाथ तक पहुंचेगी।

ऐतिहासिक संदर्भ और डॉ. राजेंद्र प्रसाद की विरासत

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने सोमनाथ मंदिर के गौरवशाली इतिहास को याद करते हुए भारत के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि करीब 75 वर्ष पहले जब सोमनाथ मंदिर का पुनरुद्धार हुआ था, तब उसके उद्घाटन समारोह में बिहार की मिट्टी के सपूत और देश के गौरव डॉ. राजेंद्र प्रसाद वहां मौजूद थे। सम्राट चौधरी ने इसे बिहार के लिए गर्व का क्षण बताते हुए कहा कि वर्तमान सरकार उसी महान सांस्कृतिक परंपरा और ऐतिहासिक कड़ी को आगे बढ़ाने का कार्य कर रही है।

सांस्कृतिक धरोहरों की रक्षा और पुनर्स्थापना

मुख्यमंत्री ने सोमनाथ मंदिर और नालंदा विश्वविद्यालय के बीच एक गहरा सांस्कृतिक संबंध स्थापित किया। उन्होंने कहा कि इतिहास गवाह है कि विदेशी आक्रांताओं ने भारत की आध्यात्मिक और ज्ञान की विरासत को नष्ट करने के लिए सोमनाथ मंदिर को लूटा और नालंदा विश्वविद्यालय को आग के हवाले किया। हालांकि, समय के साथ देश ने अपनी सांस्कृतिक जड़ों को दोबारा मजबूती से स्थापित किया है। सम्राट चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के निरंतर प्रयासों का ही परिणाम है कि नालंदा विश्वविद्यालय को आज वैश्विक स्तर पर नई पहचान मिली है, और सोमनाथ मंदिर पूरे देश की आस्था का सबसे बड़ा केंद्र बनकर उभरा है।

भक्ति के रंग में रंगा स्टेशन

यात्रा के दिन पाटलिपुत्र जंक्शन का नज़ारा बेहद आकर्षक था। इस विशेष ट्रेन को फूलों और धार्मिक प्रतीकों के साथ बेहद भव्य रूप से सजाया गया था। यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालु भगवा गमछे ओढ़े हुए काफी उत्साहित दिखे। मुख्यमंत्री के संबोधन के बाद वहां मौजूद लोगों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ उत्साह प्रकट किया। श्रद्धालुओं ने राज्य सरकार की इस पहल का स्वागत करते हुए इसे आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत को मजबूत करने वाला कदम बताया।

22 जुलाई को सोमनाथ पहुंचेंगे श्रद्धालु

बिहार सरकार द्वारा संचालित यह सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा 22 जुलाई को गुजरात के प्रसिद्ध सोमनाथ मंदिर पहुंचेगी। वहां पहुँचकर सभी श्रद्धालु भगवान सोमनाथ के दर्शन-पूजन करेंगे और प्रदेश के विकास के लिए आशीर्वाद मांगेंगे। सरकार का स्पष्ट मानना है कि ऐसी यात्राएं न केवल धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देती हैं, बल्कि आम नागरिकों को भारत की समृद्ध आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत से सीधे जोड़ने का एक प्रभावी माध्यम भी हैं।

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