ऑनलाइन गेमिंग में गंवाए लाखों रुपये तो रची खुद के अपहरण की झूठी साजिश, मुरैना पुलिस ने 48 घंटे में दिल्ली से खोज निकाला

मुरैना के एक युवक ने ऑनलाइन गेमिंग में बड़ी रकम हारने के बाद घर वालों से बचने के लिए अपने ही अपहरण का नाटक रचा था, जिसे पुलिस ने महज 48 घंटे के भीतर दिल्ली के एक होटल से बेनकाब कर दिया।

खुद के अपहरण का रचा ड्रामा

मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक 26 वर्षीय युवक ने ऑनलाइन गेमिंग की लत के कारण उपजे भारी आर्थिक नुकसान से बचने के लिए अपने ही अपहरण की पूरी कहानी गढ़ डाली। हालांकि, मुरैना पुलिस की मुस्तैद जांच के चलते यह साजिश मात्र 48 घंटे के भीतर ही पूरी तरह बेनकाब हो गई। पुलिस ने युवक को दिल्ली के एक होटल से सकुशल ढूंढ निकाला है।

क्या था पूरा मामला

पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, पमाया रोड निवासी देवी सिंह ने 17 जुलाई को बामोर थाने में आकर शिकायत दर्ज कराई थी कि उनका 26 वर्षीय बेटा सोनू कुशवाह लापता है। पिता ने आरोप लगाया था कि सोनू जब घर से बाजार की ओर जा रहा था, तब रास्ते में कुछ अज्ञात बदमाशों ने उसे जबरन एक वाहन में बिठा लिया और उसका अपहरण कर लिया। मामला अपहरण से जुड़ा होने के कारण पुलिस ने बिना देरी किए केस दर्ज किया और जांच शुरू कर दी।

पुलिस को क्यों हुआ शक

घटना की गंभीरता को देखते हुए मुरैना पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एसडीओपी और बामोर थाना प्रभारी की अगुवाई में दो विशेष जांच टीमें गठित की गईं। पुलिस ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। जांच के दौरान पुलिस को घटनाक्रम काफी संदिग्ध लगा। सबसे बड़ा सुराग तब मिला जब सोनू के ही मोबाइल फोन से परिवार को लगातार मैसेज भेजे जा रहे थे। इन संदेशों में अपहरण की बात लिखी थी, जिससे पुलिस का शक गहरा गया कि यह कोई वास्तविक अपराध नहीं, बल्कि एक मनगढ़ंत साजिश है।

दिल्ली तक पहुंची जांच

तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिरों से मिली जानकारी के बाद पुलिस को पता चला कि सोनू दिल्ली के निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन के आसपास कहीं छिपा हो सकता है। पुलिस की एक टीम तुरंत दिल्ली के लिए रवाना हुई। दिल्ली पहुंचकर पुलिस ने निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन और उसके पास के ऑटो स्टैंड वाले इलाकों में गहन तलाशी अभियान चलाया। पुलिस ने इलाके में मौजूद करीब 150 होटलों और लॉज की एक-एक करके जांच की।

होटल के कमरे में मिला सोनू

खोजबीन के दौरान 'चौहान रेजिडेंसी' नाम के एक होटल के रजिस्टर में पुलिस को सोनू कुशवाह का नाम दर्ज मिला। जब पुलिस टीम होटल के उस कमरे में पहुंची, तो वहां का दृश्य हैरान कर देने वाला था। सोनू वहां पूरी तरह सुरक्षित था और आराम से अपने मोबाइल फोन का इस्तेमाल कर रहा था। पुलिस ने उसे तुरंत हिरासत में लिया और पूछताछ के लिए मुरैना ले आई।

जुए और गेमिंग का था आदी

सख्ती से पूछताछ करने पर सोनू ने अपना गुनाह कबूल कर लिया। उसने बताया कि वह ऑनलाइन गेमिंग का बुरी तरह आदी हो चुका है। इस लत के चलते वह अब तक गेमिंग में करीब ढाई लाख रुपये हार चुका था। सोनू घर का जिम्मेदार व्यक्ति माना जाता था और घर के पैसों का हिसाब-किताब भी उसी के हाथ में था। उसने स्वीकार किया कि उसे इस बात का डर था कि अगर परिवार को उसके द्वारा गंवाई गई भारी रकम के बारे में पता चला, तो वे उसे क्या जवाब देगा। इसी शर्मिंदगी और डर के चलते उसने खुद के अपहरण का नाटक रचा।

पुलिस की कार्रवाई

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुरेंद्र पाल सिंह डावर ने बताया कि युवक ने परिवार को गुमराह करने के लिए यह खतरनाक कदम उठाया था। अब मुरैना पुलिस झूठी सूचना देने और प्रशासन को परेशान करने के संबंध में सोनू कुशवाह के खिलाफ नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई कर रही है। वहीं, इस जटिल मामले को इतनी तत्परता से सुलझाने वाली पूरी पुलिस टीम को पुरस्कृत करने की घोषणा भी की गई है।

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