बालाघाट में खौफनाक वारदात: ससुर ने दामाद के साथ बैठकर की शराब और मुर्गे की दावत, फिर गमछे से घोंट दी जान

मध्यप्रदेश के बालाघाट में हुए एक अंधे कत्ल की गुत्थी पुलिस ने महज पांच दिनों में सुलझा ली है। ससुर ने अपनी बेटी के साथ हो रही मारपीट और पैसों के विवाद के चलते अपने दोस्त के साथ मिलकर दामाद को मौत के घाट उतार दिया।

बालाघाट में सनसनीखेज वारदात का खुलासा

मध्यप्रदेश के बालाघाट जिले के अंतर्गत आने वाले वारासिवनी थाना क्षेत्र में बीते 14 जुलाई को एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई थी। कोपे और डोंगरिया के बीच स्थित घने जंगल में पुलिस को एक व्यक्ति का शव बरामद हुआ था। मृतक की पहचान 40 वर्षीय राजेंद्र शरणागत के रूप में की गई थी। इस मामले ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी थी और पुलिस के लिए यह एक चुनौतीपूर्ण केस बन गया था। हालांकि, वारासिवनी पुलिस ने अपनी तत्परता दिखाते हुए केवल 5 दिनों के भीतर ही इस हत्या के रहस्य से पर्दा उठा दिया है। जांच में जो खुलासा हुआ है, उसने सभी को हैरान कर दिया है। राजेंद्र शरणागत की हत्या किसी और ने नहीं, बल्कि उसके अपने ससुर राजेश चौहान ने अपने एक साथी प्रभुदयाल बिसेन के साथ मिलकर की है। इस जघन्य अपराध के पीछे घरेलू कलह और रुपयों के लेन-देन का विवाद मुख्य कारण बताया जा रहा है।

दावत के बहाने मौत का जाल

पुलिस की पूछताछ में पता चला है कि आरोपी ससुर राजेश चौहान ने अपने दामाद राजेंद्र शरणागत की हत्या के लिए एक सोची-समझी साजिश रची थी। घटना से पहले, आरोपी ने राजेंद्र को उसकी मां से 1000 रुपये दिलवाए थे। पैसे मिलने के बाद आरोपी ने उसे शराब और मुर्गा पार्टी का लालच देकर अपने साथ लिया। ससुर और दामाद ने बैठकर शराब पी और मुर्गे का लुत्फ उठाया। जब दामाद नशे की हालत में था, उसी समय ससुर राजेश चौहान और उसके साथी प्रभुदयाल बिसेन ने अपने ही गमछे का इस्तेमाल करते हुए राजेंद्र का गला घोंट दिया और मौके से फरार हो गए।

घटना की शुरुआत और पुलिस की जांच

इस पूरे मामले की शुरुआत तब हुई जब 14 जुलाई को ग्रामीणों ने कोपे के जंगल में एक अज्ञात शव देखा और पुलिस को सूचित किया। पुलिस ने एफएसएल टीम और डॉग स्क्वाड की मदद से साक्ष्य जुटाए और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पुष्टि हुई कि मौत गला घोंटने के कारण हुई थी। मृतक राजेंद्र डोंगरिया गांव का रहने वाला था और एक दिन पहले से ही लापता था। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए मृतक के परिजनों और आसपास के लोगों से गहन पूछताछ शुरू की।

सीसीटीवी फुटेज से मिली अहम कड़ी

जांच के दौरान पुलिस ने जब घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, तो उसमें मृतक राजेंद्र के साथ उसके ससुर राजेश चौहान और एक अन्य संदिग्ध व्यक्ति को देखा गया। इस फुटेज ने पुलिस को बड़ी सफलता दी। पुलिस ने तत्काल राजेश चौहान को हिरासत में लिया और कड़ाई से पूछताछ की। पुलिस के सामने टूटते ही राजेश चौहान ने अपना गुनाह कबूल कर लिया। उसने बताया कि उसका दामाद राजेंद्र अत्यधिक शराब पीने का आदी था और आए दिन उसकी बेटी के साथ मारपीट करता था। शराब की लत के चलते उसने अपनी कृषि भूमि तक बेच डाली थी और उससे मिले सारे पैसे भी बर्बाद कर दिए थे।

हत्या की असली वजह और बरामदगी

आरोपी ससुर ने पुलिस को बताया कि राजेंद्र ने उससे 1 लाख रुपये उधार लिए थे, जिन्हें वह वापस नहीं कर रहा था। बेटी के साथ हो रही मारपीट और रुपयों की हेराफेरी से ससुर बहुत परेशान और नाराज था। जब भी राजेंद्र अपनी पत्नी के साथ मारपीट करता, तो वह तुरंत अपने पिता को इसकी जानकारी देती थी। इन सब बातों से तंग आकर ससुर ने उसे ठिकाने लगाने का निर्णय लिया। वह दामाद के गांव गया और उसे शराब के लिए पैसों की आवश्यकता होने पर उसकी मां से 1000 रुपये दिलवाए। इसके बाद उसने और उसके साथी प्रभुदयाल बिसेन ने मिलकर योजना के अनुसार घटना को अंजाम दिया। पुलिस ने आरोपियों के पास से हत्या में इस्तेमाल किया गया गमछा, दो मोटरसाइकिल और मोबाइल फोन भी जब्त कर लिए हैं।

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