भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी की बड़ी कार्रवाई
बिहार में इन दिनों सरकारी अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामले में निगरानी अन्वेषण ब्यूरो काफी सक्रिय दिखाई दे रहा है। इसी सिलसिले को आगे बढ़ाते हुए ब्यूरो ने पर्यटन विभाग के अधीक्षण अभियंता अवधेश कुमार सिन्हा के खिलाफ एक बहुत बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। अवधेश कुमार सिन्हा पर अपनी ज्ञात आय से कहीं अधिक संपत्ति अर्जित करने के गंभीर आरोप लगे हैं। इसी मामले में पटना स्थित उनके आधिकारिक कार्यालय और निजी आवास समेत तीन महत्वपूर्ण ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की गई। इस तलाशी अभियान के दौरान जो कुछ भी बरामद हुआ, उसे देखकर जांच अधिकारी भी हैरान रह गए। इंजीनियर के पास करोड़ों रुपये के निवेश, कीमती गहनों और अचल संपत्ति के दस्तावेज मिले हैं।
आय से अधिक संपत्ति का बड़ा मामला
प्रारंभिक जांच और दस्तावेजों के विश्लेषण से यह बात निकलकर सामने आई है कि अधीक्षण अभियंता अवधेश कुमार सिन्हा की कुल संपत्ति उनकी वैध आय से करीब 75 प्रतिशत अधिक है। इस मामले में जांच एजेंसी ने पहले ही 1.42 करोड़ रुपये से ज्यादा की अवैध संपत्ति जुटाने के आरोपों के तहत एक प्राथमिकी दर्ज कर रखी थी। विशेष न्यायालय, निगरानी से सर्च वारंट मिलने के बाद निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की टीम ने पटना में उनके तीन ठिकानों पर एक साथ धावा बोला। फिलहाल इन दस्तावेजों की बारीकी से जांच की जा रही है ताकि संपत्ति का सही और कुल आकलन किया जा सके।
क्या-क्या मिला छापेमारी में
निगरानी टीम की तलाशी में जो संपत्तियां सामने आई हैं, उनकी सूची काफी लंबी है। छापे के दौरान टीम को निम्नलिखित महत्वपूर्ण दस्तावेज और वस्तुएं बरामद हुई हैं:
- तीन आलीशान फ्लैट के कागजात।
- 12 भूखंडों (प्लॉट) के सेल डीड और संबंधित दस्तावेज।
- 19 अलग-अलग बैंक खातों का विवरण।
- 61 हजार रुपये की नकद राशि।
- 5.05 लाख रुपये मूल्य के सोने के आभूषण।
- 3.07 लाख रुपये मूल्य के हीरा जड़ित सोने के गहने।
- 1.52 लाख रुपये के चांदी के आभूषण।
- 75.62 लाख रुपये मूल्य की जमीन खरीद के एग्रीमेंट पेपर।
- विभिन्न बीमा योजनाओं में किया गया भारी निवेश।
- एक हुंडई कार और केनरा बैंक का एक लॉकर।
आशियाना नगर में आलीशान मकान
जांच के दौरान पटना के आशियाना नगर स्थित फ्रेंड्स कॉलोनी में इंजीनियर की संपत्ति का खुलासा हुआ। दस्तावेजों के अनुसार, उन्होंने वहां 2 कट्ठा 4 धूर जमीन करीब 75.63 लाख रुपये में खरीदी थी। इस जमीन पर उन्होंने एक शानदार मकान बनवाया है, जिस पर लगभग 97 लाख रुपये खर्च होने का जिक्र कागजों में है। चौंकाने वाली बात यह है कि मकान के निर्माण के लिए जो ठेकेदार नियुक्त किया गया था, उसे बतौर अग्रिम भुगतान ही 20 लाख रुपये दिए गए थे। इसका उल्लेख भी निगरानी टीम को मिले दस्तावेजों में स्पष्ट रूप से मौजूद है।
जांच का दायरा और भविष्य की कार्रवाई
निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के अनुसार, बरामद किए गए सभी दस्तावेजों, बैंक स्टेटमेंट और निवेश के रिकॉर्ड का गहन सत्यापन किया जा रहा है। जांच एजेंसी का कहना है कि केनरा बैंक के उस लॉकर को भी नियमानुसार खोला जाएगा जिसकी जानकारी छापेमारी के दौरान मिली है। इसके अलावा, जिन 12 भूखंडों और तीन फ्लैटों के दस्तावेज मिले हैं, उनकी लोकेशन और मौजूदा बाजार मूल्य का पता लगाया जा रहा है। अभी यह जांच की शुरुआती प्रक्रिया है। जैसे-जैसे वित्तीय लेनदेन की गहराई से जांच होगी, इस धनकुबेर इंजीनियर की संपत्ति का दायरा और भी बढ़ सकता है। जांच टीम ने स्पष्ट किया है कि पूरी कानूनी प्रक्रिया के तहत साक्ष्यों को इकट्ठा किया जा रहा है और पुख्ता सबूत मिलने के बाद आगे की कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। फिलहाल, यह मामला पूरे प्रशासनिक महकमे में चर्चा का विषय बना हुआ है।
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