ग्राउंड रिपोर्ट: बिलासपुर में बारिश ने मचाया तांडव, घरों में घुसा पानी तो बर्बाद हुआ लाखों का सामान

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में मूसलाधार बारिश के बाद आम जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। बंधवापारा समेत शहर के कई इलाकों में जलभराव से लोगों का घरेलू सामान खराब हो गया और उन्हें भारी नुकसान का सामना करना पड़ा है।

बिलासपुर में बारिश बनी आफत

छत्तीसगढ़ का बिलासपुर जिला इन दिनों भारी बारिश की मार झेल रहा है। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के चलते शहर के कई इलाकों की स्थिति बेहद खराब हो गई है। जगह-जगह जलभराव होने से न केवल सड़कें डूब गई हैं, बल्कि बारिश का गंदा पानी लोगों के घरों के भीतर तक घुस गया है। इस जलजमाव ने जनजीवन को पूरी तरह से ठप कर दिया है और लोगों के लिए अपने घरों में रहना भी मुश्किल हो गया है। सबसे अधिक प्रभावित बंधवापारा इलाका हुआ है, जहां के निवासियों ने अपनी व्यथा सुनाते हुए बताया कि बारिश ने उनके घर की सुख-शांति और संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचाया है।

सामान बचाने का नहीं मिला समय

स्थानीय लोगों के अनुसार, बारिश का पानी इतनी तेजी से उनके घरों में दाखिल हुआ कि उन्हें अपनी जरूरी वस्तुओं और अन्य कीमती सामान को सुरक्षित स्थान पर ले जाने तक का मौका नहीं मिला। जैसे ही बारिश ने जोर पकड़ा, आसपास के क्षेत्रों में पानी का स्तर तेजी से बढ़ने लगा। लोगों ने शुरुआत में पानी की निकासी का रास्ता बनाने की भरसक कोशिश की, लेकिन पानी का बहाव इतना अधिक था कि वह घर की दहलीज पार कर अंदर घुस गया। देखते ही देखते घरों के भीतर घुटने से ऊपर तक पानी भर गया, जिससे वहां रखा राशन, महंगे कपड़े और अन्य घरेलू उपकरण पूरी तरह जलमग्न हो गए। विवश होकर लोगों को अपना सामान पानी से निकालकर किसी तरह छतों पर रखना पड़ा, जबकि काफी सारा सामान पानी में डूबकर पूरी तरह नष्ट हो गया।

लाखों का हुआ नुकसान

बंधवापारा के निवासी विक्की कश्यप ने इस भीषण बारिश से हुए नुकसान के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि उनके घर में पानी भर जाने के कारण उन्हें बहुत बड़ा आर्थिक नुकसान हुआ है। विक्की के अनुसार, घर के अंदर घुसे पानी से उनका फ्रिज, अलमारी, पहने जाने वाले कपड़े, दो बोरी चावल और घर का जरूरी राशन सहित कई कीमती सामान खराब हो गए। उन्होंने स्पष्ट तौर पर कहा कि इस बारिश ने उनके परिवार को लाखों रुपये का नुकसान पहुंचाया है। पानी के तेजी से घर में दाखिल होते देख परिवार ने अपनी जान जोखिम में डालकर जैसे-तैसे राशन और जरूरी वस्तुओं को छत पर पहुंचाया। विक्की ने बताया कि घर के सभी कपड़े पूरी तरह भीग गए थे, जिसकी वजह से उनके परिवार को काफी लंबे समय तक भूखे रहना पड़ा। पानी के स्तर में मामूली कमी आने के बाद जब उन्होंने घर की सफाई की, तब जाकर रसोई में कुछ खाना बन पाया। उन्होंने प्रशासन पर सवाल उठाते हुए कहा कि इलाके में जल निकासी की समस्या को लेकर वे कई बार अधिकारियों से गुहार लगा चुके हैं, लेकिन आज तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला है।

बाल्टियों से पानी निकालने को मजबूर परिवार

विक्की कश्यप की मां ने घर की दयनीय स्थिति का वर्णन करते हुए बताया कि जब घर में पानी का प्रवेश हुआ, तो उनके सामने परिवार को सुरक्षित रखने की एक बड़ी चुनौती खड़ी हो गई थी। पानी को बाहर निकालने के लिए उन्हें बाल्टियों का सहारा लेना पड़ा। घंटों की मेहनत के बावजूद घर का अधिकांश सामान पानी की भेंट चढ़ गया। घर की महिलाओं की महंगी साड़ियां और अन्य कपड़े पूरी तरह बर्बाद हो गए। जो भी सामान वे थोड़ा-बहुत बचा पाए, उसे किसी तरह छत पर रखकर ही वे अपनी जान बचा सके। उनके अनुसार, मेहनत की कमाई से जुटाया गया घरेलू सामान इस बारिश में पूरी तरह नष्ट हो गया, जिससे उन्हें आर्थिक रूप से बहुत बड़ा झटका लगा है।

आधी रात को आई मुसीबत

इसी इलाके में रहने वाली त्रिवेणी कश्यप ने बताया कि जलभराव की मार उन्होंने बहुत करीब से देखी है। रात करीब तीन बजे का समय था जब पूरा परिवार सो रहा था, तभी पड़ोसी का फोन आया जिन्होंने सूचित किया कि पूरे इलाके में अचानक पानी भरना शुरू हो गया है। जैसे ही वे जागे, उन्होंने देखा कि घर के अंदर पानी का सैलाब आ चुका था। इस विकट स्थिति में परिवार को अत्यधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। अपने बच्चों को सुरक्षित रखने के लिए उन्हें दूसरे के घर ले जाना पड़ा। पूरा दिन बच्चे वहीं रहे और उन्हें मैगी खाकर ही अपना गुजारा करना पड़ा। त्रिवेणी के अनुसार, लंबे समय तक वे लोग बिना भोजन के रहे। शाम को जब जलस्तर कुछ कम हुआ, तब वे अपने घर वापस लौटे और सफाई के काम में जुट गए। उन्होंने यह भी बताया कि जलभराव की वजह से पूरे इलाके का संपर्क शहर से पूरी तरह कट गया था। लोग अपने ही घरों में कैद होने को मजबूर थे और आने-जाने का कोई रास्ता नहीं बचा था।

हर साल की एक ही समस्या

बिलासपुर के इन इलाकों में जलभराव की स्थिति कोई नई नहीं है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि हर साल बारिश के मौसम में उन्हें इसी तरह के हालात से गुजरना पड़ता है। बंधवापारा के लोगों ने बताया कि उन्होंने बार-बार पानी निकासी की उचित व्यवस्था करने के लिए शिकायतें की हैं, लेकिन हर बार उन्हें केवल कोरे आश्वासन ही मिलते हैं। स्थायी समाधान के अभाव में आज भी लोग बारिश होते ही अपने घरों में पानी घुसने की दहशत में रहते हैं। स्थानीय लोगों ने अब एक बार फिर शासन और प्रशासन से पुरजोर मांग की है कि इलाके में जल निकासी की एक पुख्ता और स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में उन्हें हर बार अपनी मेहनत की कमाई को पानी में बर्बाद होते न देखना पड़े।

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