मात्र 85 रुपये का यह पौधा बदल देगा आपकी आर्थिक स्थिति, साल भर होगी हजारों की कमाई

जौनपुर उद्यान विभाग की ओर से किसानों को कम दाम में फलदार पौधे उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जो भविष्य में अच्छी कमाई का जरिया बन सकते हैं। इन पौधों के साथ इंटरक्रॉपिंग अपनाकर किसान पहले साल से ही अतिरिक्त मुनाफा कमा सकते हैं।

बागवानी से बढ़ेगी किसानों की आय

अगर आप खेती से जुड़े हैं और कम निवेश में अपनी आमदनी को दोगुना करना चाहते हैं, तो उद्यान विभाग की यह विशेष योजना आपके लिए एक सुनहरा अवसर है। उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले में उद्यान विभाग किसानों को महज 85 रुपये की किफायती दर पर कलमी आम के पौधे मुहैया करा रहा है। जिला उद्यान अधिकारी सीमा सिंह राणा ने सभी किसानों से आह्वान किया है कि वे सरकारी पौधशालाओं का रुख करें और उच्च गुणवत्ता वाले इन पौधों के जरिए अपनी बागवानी की शुरुआत करें। उनका मानना है कि सही तरीके से की गई बागवानी न केवल भविष्य के लिए एक सुरक्षित निवेश है, बल्कि यह हर साल हजारों रुपये की आय देने की क्षमता भी रखती है।

सरकारी पौधशालाओं में पौधों की उपलब्धता

जिला उद्यान अधिकारी सीमा सिंह राणा के अनुसार, विभाग की ओर से संचालित सरकारी पौधशालाओं में न केवल आम, बल्कि अमरूद, आंवला, नींबू और अनार जैसे फलदार पौधों की बेहतरीन किस्में तैयार की जाती हैं। बाजार में मिलने वाली निजी नर्सरियों की तुलना में सरकारी केंद्र पर पौधे न केवल सस्ते हैं, बल्कि उनकी गुणवत्ता भी अधिक भरोसेमंद होती है। इन पौधों को प्राप्त करने के लिए किसान या कोई भी इच्छुक व्यक्ति सीधे नर्सरी पर पहुंचकर संपर्क कर सकता है। विभाग का मुख्य उद्देश्य किसानों तक उन्नत तकनीक और बेहतर पौधे पहुंचाना है ताकि उनकी मेहनत का उन्हें उचित फल मिल सके।

सब्सिडी का लाभ और आवेदन प्रक्रिया

बहुत से किसानों के मन में यह सवाल होता है कि क्या ये पौधे पूरी तरह से मुफ्त हैं, तो आपको बता दें कि इन पौधों के लिए एक निश्चित सरकारी शुल्क देना अनिवार्य है। हालांकि, पौधे खरीदने के बाद किसान यदि बागवानी योजना के अंतर्गत अपना आवेदन जमा करते हैं, तो सरकार उन्हें 40 से 50 प्रतिशत तक की सब्सिडी प्रदान करती है। इस वित्तीय सहायता की सबसे बड़ी खूबी यह है कि सब्सिडी की राशि डीबीटी (DBT) के माध्यम से सीधे लाभार्थी किसान के बैंक खाते में स्थानांतरित कर दी जाती है। इसके लिए किसानों को केवल अपने पौधे खरीदने का बिल और संबंधित जरूरी दस्तावेज विभाग में जमा करने होते हैं।

आधुनिक बागवानी का बढ़ता दायरा

जौनपुर में पिछले कुछ समय से आधुनिक बागवानी के प्रति किसानों का रुझान तेजी से बढ़ा है। उद्यान अधिकारी ने जानकारी दी कि आज के दौर में उद्यानिकी कृषि का एक अत्यंत लाभकारी और प्रगतिशील क्षेत्र बनकर उभरा है। जिले के किसान अब केवल पारंपरिक फसलों तक सीमित नहीं रहे हैं। उन्होंने बताया कि जौनपुर में एक ऐसे किसान भी हैं जिन्हें 140 अलग-अलग किस्मों के आम विकसित करने के लिए मुख्यमंत्री द्वारा सम्मानित किया गया है। यह उपलब्धि अन्य छोटे और मध्यम वर्ग के किसानों के लिए प्रेरणा का एक बड़ा स्रोत है, जिससे बागवानी को अपनाने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है।

इंटरक्रॉपिंग से पहले साल से ही आमदनी

बागवानी की सबसे बड़ी चुनौती यह मानी जाती है कि पेड़ बड़े होने तक किसान को खाली हाथ रहना पड़ता है, लेकिन इसे दूर करने के लिए 'इंटरक्रॉपिंग' या 'मल्टी-लेयर खेती' का सुझाव दिया गया है। सीमा सिंह राणा ने स्पष्ट किया कि यदि कोई किसान आम, अमरूद या आंवले का बाग लगाता है, तो वह पौधों के बीच खाली पड़ी जमीन का उपयोग कर सकता है। इस जगह पर हल्दी, सूरन या मौसमी सब्जियां उगाकर किसान बाग तैयार होने से पहले ही वर्ष से अपनी अतिरिक्त आय सुनिश्चित कर सकते हैं। यह तरीका खेत के हर इंच का सदुपयोग करने में मदद करता है और आमदनी के स्रोतों को बढ़ा देता है।

दीर्घकालिक लाभ और कमाई का गणित

एक वैज्ञानिक दृष्टिकोण से तैयार किया गया फलदार पौधा जब परिपक्व होता है, तो वह हर सीजन में काफी अच्छी उपज देता है। विशेषज्ञों का मानना है कि आज जो पौधा आप 85 रुपये की लागत से लगा रहे हैं, वही पौधा आने वाले कुछ सालों में आपको हर साल 10 हजार रुपये या उससे भी अधिक का मुनाफा देने में सक्षम हो सकता है। यदि आप बागवानी में सही तकनीक अपनाते हैं और समय-समय पर पौधों की उचित देखरेख करते हैं, तो यह आपकी आजीविका का एक स्थायी और मजबूत आधार बन सकता है। उद्यान विभाग का यह प्रयास किसानों की आर्थिक स्थिति को बदलने की दिशा में एक बड़ा कदम है, जिसका लाभ उठाने के लिए सभी को आगे आना चाहिए।

https://hindi.news18.com/news/agriculture/jaunpur-grafted-mango-plant-rs-85-horticulture-subsidy-intercropping-income-local18-10667617.html