दुनिया की सबसे मूल्यवान कंपनी बनी एप्पल, एनवीडिया को पछाड़कर फिर हासिल किया मुकाम

तकनीकी बाजार में बड़ा उलटफेर हुआ है, जहां एप्पल ने एनवीडिया को पीछे छोड़ते हुए एक बार फिर दुनिया की सबसे कीमती कंपनी का दर्जा वापस पा लिया है।

बाजार में एप्पल की धमाकेदार वापसी

टेक जगत में एक बार फिर बड़ा बदलाव देखने को मिला है। एप्पल ने एनवीडिया को पछाड़ते हुए एक बार फिर से दुनिया की सबसे मूल्यवान कंपनी होने का खिताब अपने नाम कर लिया है। याद दिला दें कि जून 2024 में एनवीडिया ने एप्पल को पीछे धकेलते हुए यह गौरव हासिल किया था। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI क्षेत्र में आई तेजी के कारण चिप बनाने वाली एनवीडिया कंपनी ने एप्पल को कड़ी टक्कर दी थी, लेकिन अब तस्वीर बदल गई है। एनवीडिया पिछले साल से लगातार दुनिया की सबसे कीमती कंपनी बनी हुई थी, जिसे अब एप्पल ने चुनौती दी है।

बाजार पूंजीकरण में एप्पल आगे

शुक्रवार 17 जुलाई के आंकड़ों के अनुसार, एप्पल का कुल मार्केट कैपिटल 4.88 ट्रिलियन डॉलर के स्तर पर पहुंच गया है। इसके मुकाबले एनवीडिया का मार्केट कैपिटल थोड़ा घटकर 4.86 ट्रिलियन डॉलर रह गया है। एनवीडिया के शेयरों में 3.5% की गिरावट देखी गई है, जिसका सीधा असर इसके मूल्यांकन पर पड़ा है। यह बदलाव वैश्विक प्रौद्योगिकी क्षेत्र में हो रहे बड़े शिफ्ट को दर्शाता है। हालांकि दोनों कंपनियों के बीच मार्केट कैप का अंतर बहुत कम है, इसलिए यह स्थिति आने वाले समय में फिर से बदल सकती है, लेकिन फिलहाल एप्पल ने अपना वर्चस्व पुनः स्थापित कर लिया है।

एप्पल ने कैसे बदला बाजार का रुख

एआई के इस दौर में एनवीडिया को सीधा फायदा मिल रहा था और ऐसा लग रहा था कि चिप निर्माता कंपनी अपना स्थान बनाए रखेगी। लेकिन निवेशकों ने एक बार फिर एप्पल पर अपना भरोसा जताया है। एनवीडिया ने दुनिया भर में एआई इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने में बड़ी भूमिका निभाई है, जिसके चलते वह बीते एक साल से इस क्षेत्र की सबसे बड़ी लाभार्थी रही है। शुरुआती दिनों में एप्पल एआई की दौड़ में थोड़ा धीमा नजर आ रहा था, क्योंकि कंपनी ने किसी खास एआई मॉडल के विकास पर शोर नहीं मचाया था। हालांकि, अब एप्पल ने अपने एआई इकोसिस्टम और सेवाओं पर पूरा ध्यान केंद्रित किया है। पिछले साल मुद्रास्फीति और टैरिफ से संबंधित चिंताओं के कारण एप्पल के शेयरों पर काफी दबाव था, लेकिन कंपनी का मूल कारोबार मजबूत बना रहा।

iPhone की बिक्री में जबरदस्त उछाल

एप्पल की इस जीत में iPhone की वैश्विक स्तर पर बढ़ती बिक्री का अहम योगदान है। साल की शुरुआत से ही कंपनी के शेयरों में लगभग 20 प्रतिशत की बढ़त देखी गई है। स्मार्टफोन के पुर्जों और मेमोरी की लागत में बढ़ोतरी के कारण एंड्रॉइड स्मार्टफोन बनाने वाली कंपनियां अपनी कीमतों को बढ़ाने के लिए मजबूर हुईं, जिसका फायदा एप्पल को मिला। इन तमाम वजहों से एप्पल के iPhone की बिक्री में साल दर साल 24% का शानदार इजाफा दर्ज किया गया है।

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