चीन की दादागिरी पर भारत का बड़ा प्रहार, बिना चुंबक के चलेगी इलेक्ट्रिक मोटर

बेंगलुरु के एक स्टार्टअप ने ऐसी तकनीक विकसित की है जो चीन की रेयर-अर्थ मैग्नेट पर निर्भरता को खत्म कर देगी। यह नई वर्चुअल मैग्नेट मोटर ईवी क्षेत्र में क्रांति लाने के लिए तैयार है।

भारत में बनी कमाल की मोटर

बेंगलुरु के डीप-टेक स्टार्टअप वी-मैग लैब्स ने एक ऐसी उपलब्धि हासिल की है जो तकनीक की दुनिया में भारत का डंका बजा रही है। कंपनी ने भारत की पहली वर्चुअल मैग्नेट मोटर तैयार की है, जिसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें किसी भी प्रकार के रेयर-अर्थ मैग्नेट का इस्तेमाल नहीं होता है। पूरी तरह से स्वदेशी तकनीक पर आधारित यह इनोवेशन भविष्य में ईवी यानी इलेक्ट्रिक वाहन उद्योग की सूरत बदल सकता है।

कैसे काम करती है यह नई तकनीक

यह मोटर पारंपरिक भौतिक चुंबकों पर निर्भर रहने के बजाय सॉफ्टवेयर-कंट्रोल इलेक्ट्रॉनिक मैग्नेटिक फील्ड के सिद्धांत पर काम करती है। इसमें केवल तांबे और स्टील का उपयोग किया जाता है, जिससे इसे बनाना काफी सुगम हो जाता है। चूंकि यह पूरी तरह से डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक कंट्रोल पर आधारित है, इसलिए इसे वर्चुअल मैग्नेट मोटर कहा जा रहा है।

चीन की निर्भरता से मिलेगी मुक्ति

वर्तमान समय में भारत अपनी कुल जरूरतों का 90% रेयर-अर्थ मिनरल्स चीन से आयात करता है। इतना ही नहीं, इन खनिजों की प्रोसेसिंग पर भी चीन का ही एकाधिकार बना हुआ है। ऐसे में वी-मैग लैब्स की यह खोज देश के लिए गेम चेंजर साबित हो रही है। इस तकनीक के आने से चीन पर भारत की निर्भरता पूरी तरह खत्म हो जाएगी और ईवी बाजार को एक नई मजबूती मिलेगी।

ईवी क्षेत्र में क्यों है यह महत्वपूर्ण

  • यह मोटर पूरी तरह से चीन द्वारा नियंत्रित रेयर-अर्थ मिनरल्स से मुक्त है।
  • इसमें फिजिकल चुंबक के बजाय केवल स्टील और कॉपर का उपयोग किया गया है।
  • सॉफ्टवेयर आधारित होने के कारण इसे भविष्य की जरूरतों के अनुसार अपडेट करना आसान होगा।
  • यह तकनीक देश के ईवी बाजार की मैन्युफैक्चरिंग लागत को कम करने में बड़ी भूमिका निभाएगी।

https://hindi.news18.com/news/nation/indian-startup-v-mag-labs-develops-virtual-magnet-ev-motor-to-end-reliance-on-china-rare-earth-metals-sushant-sinha-desh-ki-pathshala-10667327.html