मध्य प्रदेश में यूसीसी लागू करने की तैयारी, सीएम मोहन यादव बोले- एक शादी का नियम ही मान्य होगा

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने राज्य में समान नागरिक संहिता लागू करने का स्पष्ट संकेत दिया है, जिसमें तीन तलाक को अपराध और एक विवाह के नियम पर जोर दिया गया है।

समान नागरिक संहिता पर मुख्यमंत्री का बड़ा ऐलान

मध्य प्रदेश में आगामी 20 जुलाई से शुरू होने जा रहे विधानसभा के मॉनसून सत्र के दौरान मोहन यादव सरकार एक बड़ा कदम उठाने की तैयारी में है। राज्य सरकार प्रदेश में समान नागरिक संहिता यानी UCC बिल को पेश करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। इस अहम फैसले से पहले मुख्यमंत्री मोहन यादव ने एक अत्यंत महत्वपूर्ण बयान दिया है। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा है कि अब राज्य में केवल एक विवाह करने वालों को ही रहने का अधिकार होगा और यदि कोई तीन तलाक जैसी प्रथा का पालन करता है, तो उसे सीधे जेल भेजा जाएगा। मुख्यमंत्री ने अपनी बात स्पष्ट करते हुए कहा, हम सब भारत मां की संतान हैं, ऐसे में भेदभाव का कोई स्थान नहीं होना चाहिए।

एक समान कानून की वकालत

कटनी में सांदीपनि विद्यालय के लोकार्पण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने विवाह कानूनों में समानता की पुरजोर वकालत की। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि यदि एक समुदाय के व्यक्ति के लिए एक विवाह का नियम है, तो दूसरे के लिए अलग व्यवस्था क्यों होनी चाहिए? उन्होंने कहा कि मुस्लिम बहनें भी हमारी बहनें हैं और उनके सम्मान की रक्षा करना सरकार की प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री ने कड़े शब्दों में चेतावनी दी कि यदि अब कोई तलाक, तलाक, तलाक कहता है, तो उसे उठाकर जेल में डाल दिया जाएगा। उन्होंने इस दौरान एक देश, एक विधान, एक प्रधान और एक निशान के सिद्धांत को दोहराते हुए कहा कि हिंदुओं और मुसलमानों के लिए अलग-अलग कानून होने का कोई औचित्य नहीं है।

उच्चस्तरीय समिति का व्यापक मंथन

प्रदेश में UCC लागू करने की प्रक्रिया के बारे में बताते हुए मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि राज्य सरकार इस दिशा में पूरी गंभीरता के साथ कदम उठा रही है। उच्चतम न्यायालय की पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया गया था। इस समिति ने प्रदेश के विभिन्न धर्मों, सभी वर्गों और तमाम राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ विस्तृत संवाद स्थापित किया है। मुख्यमंत्री के अनुसार, इस प्रक्रिया के दौरान 10 लाख से अधिक नागरिकों से सुझाव प्राप्त किए गए हैं। उन्होंने दोहराया कि वर्तमान में विवाह और उत्तराधिकार जैसे निजी मामलों में अलग-अलग धर्मों के लिए भिन्न कानून हैं, जिन्हें एक करने का समय आ गया है।

कांग्रेस पर साधा निशाना

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विपक्षी दल कांग्रेस पर भी जमकर हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस हमेशा से ऐसे संवेदनशील विषयों को हिंदू और मुसलमान के चश्मे से देखती है। उन्होंने कहा कि UCC जैसे महत्वपूर्ण मसले पर भी कांग्रेस ने अपना दोहरा चरित्र उजागर किया है। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि अपने वोट बैंक की राजनीति के डर से कांग्रेस ने न तो समिति की बैठकों में हिस्सा लिया और न ही इस पर अपना स्पष्ट मत रखा। उन्होंने यह भी कहा कि भोजशाला जैसे मामलों से भी कांग्रेस हमेशा मुंह चुराती आई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि धार की भोजशाला मामले में राज्य सरकार न्यायालय के हर फैसले का सम्मान करने और उसके पूर्ण पालन के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

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