जींद से सोनीपत तक ऐतिहासिक शुरुआत
हरियाणा के जींद से देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन का संचालन आधिकारिक तौर पर शुरू हो चुका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार सुबह सवा 11 बजे इस ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस विशेष अवसर पर पूरे मार्ग पर यात्रियों और स्थानीय लोगों में काफी उत्साह देखा गया। जींद से सोनीपत तक पहुंची इस ट्रेन के पहले सफर में शामिल यात्रियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए इसे भारतीय रेलवे के भविष्य का एक शानदार कदम बताया है।
यात्रियों का अनुभव और आधुनिक सुविधाएं
इस ट्रेन में यात्रा करने वाले यात्रियों ने बताया कि सफर अत्यंत आरामदायक और सुखद रहा। यात्रियों का कहना है कि यह ट्रेन आधुनिक सुविधाओं से लैस है और पारंपरिक ट्रेनों की तुलना में काफी अलग है। एक यात्री अमित ने गर्व महसूस करते हुए कहा कि यह प्रधानमंत्री की ओर से देश के लिए एक बहुत बड़ा तोहफा है। उन्होंने कहा कि सुबह साढ़े 11 बजे जब ट्रेन जींद से चली, तो रास्ते में जगह-जगह इसका जोरदार स्वागत किया गया। यात्रियों ने विशेष रूप से ट्रेन में उपलब्ध पानी और स्वच्छता सुविधाओं की सराहना की। उनका मानना है कि हाइड्रोजन तकनीक से चलने वाली यह ट्रेन प्रदूषण को कम करने में बड़ी भूमिका निभाएगी, जो कि फैक्ट्री एरिया वाले इलाकों के लिए एक बहुत बड़ी राहत की बात है।
दिल्ली तक विस्तार की मांग
इस हाइड्रोजन ट्रेन के सफल संचालन के बाद अब यात्रियों ने सरकार से इसे दिल्ली तक विस्तारित करने की मांग की है। रेणु नाम की एक महिला यात्री ने कहा कि इस आधुनिक ट्रेन का लाभ ज्यादा से ज्यादा लोगों को मिलना चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि यदि इस ट्रेन को दिल्ली तक चलाया जाए, तो रोजाना सफर करने वाले हजारों यात्रियों को इसका सीधा लाभ मिलेगा। वर्तमान में, सोनीपत पहुंचने के बाद आगे की यात्रा के लिए यात्रियों को अन्य साधनों पर निर्भर रहना पड़ता है, जिसे देखते हुए इस मांग को जोर-शोर से उठाया जा रहा है।
तकनीकी विशेषताएं और निर्माण लागत
इस अनूठी परियोजना को धरातल पर उतारने के लिए सरकार ने 89 करोड़ रुपये की बड़ी धनराशि खर्च की है। 110 किमी प्रतिघंटा की अधिकतम गति से चलने वाली यह हाइड्रोजन ट्रेन 10 कोच के साथ संचालित की जा रही है। इसे दुनिया की सबसे शक्तिशाली हाइड्रोजन ट्रेनों में से एक माना जा रहा है। गौरतलब है कि इससे पहले विश्व में हाइड्रोजन ट्रेन की शुरुआत सबसे पहले वर्ष 2022 में जर्मनी में हुई थी। भारत में भी अब इस तकनीक के आने से पर्यावरण संरक्षण को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।
किराया और रूट
यह ट्रेन मुख्य रूप से जींद और सोनीपत के बीच संचालित की जाएगी। आम लोगों की जेब को ध्यान में रखते हुए इसका किराया भी काफी किफायती रखा गया है, जो मात्र 5 रुपये से 25 रुपये के बीच निर्धारित है। हालांकि, अभी तक ट्रेन के सटीक समय और रूट की पूरी सारणी तैयार नहीं की गई है, लेकिन जल्द ही इसे लेकर भी स्पष्टता आने की उम्मीद है। इस ट्रेन में स्कूली बच्चों को भी यात्रा करने का मौका दिया गया, जिन्होंने इस आधुनिक सफर का खूब आनंद उठाया। कुल मिलाकर, यह ट्रेन केवल एक परिवहन का साधन नहीं, बल्कि भारत के तकनीकी विकास और पर्यावरण अनुकूल भविष्य का प्रतीक बनकर उभरी है।
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