मानसून सत्र से पहले गर्माया सियासी पारा
बिहार की राजनीति में विधानसभा के मानसून सत्र से पहले सरगर्मी तेज हो गई है। हाल ही में हुई सर्वदलीय बैठक के बाद राष्ट्रीय जनता दल यानी आरजेडी के विधायक और वरिष्ठ नेता कुमार सर्वजीत ने राज्य सरकार पर जोरदार हमला बोला है। उनकी नाराजगी का मुख्य कारण लगातार तेजस्वी यादव की अनुपस्थिति और उनके यूरोप दौरे की चर्चाओं को बनाया जाना है। कुमार सर्वजीत ने साफ तौर पर कहा कि जनता से जुड़े असली मुद्दों को दरकिनार कर बार-बार नेता प्रतिपक्ष को लेकर सवाल खड़े करना विपक्ष की आवाज को दबाने की एक कोशिश मात्र है।
तेजस्वी के यूरोप जाने पर मांगा सबूत
जब मीडिया कर्मियों ने कुमार सर्वजीत से नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के यूरोप दौरे के बारे में सवाल किया, तो उन्होंने बेहद आक्रामक लहजे में पलटवार किया। उन्होंने सीधे तौर पर पूछा कि आखिर इस बात का क्या प्रमाण है कि तेजस्वी यादव यूरोप गए हुए हैं। कुमार सर्वजीत का मानना है कि बिना किसी ठोस आधार या पुष्टि के इस तरह की बातें फैलाना न केवल अनुचित है, बल्कि यह विपक्ष का ध्यान भटकाने का एक तरीका भी है। उन्होंने कहा कि विपक्ष का पूरा ध्यान राज्य की समस्याओं पर है, जबकि सत्ताधारी पक्ष अनावश्यक विषयों को तूल दे रहा है।
जनहित के मुद्दों पर फोकस की मांग
आरजेडी नेता ने सर्वदलीय बैठक के दौरान विधानसभा अध्यक्ष से विशेष आग्रह किया है कि सदन के अंदर कार्यस्थगन प्रस्ताव को मंजूरी दी जाए। उनका तर्क है कि बिहार में हत्या की बढ़ती घटनाओं, किसानों की बदहाली और राज्य की कानून-व्यवस्था जैसे गंभीर विषय इस समय प्राथमिकताओं में सबसे ऊपर होने चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि विपक्ष चाहता है कि मानसून सत्र के दौरान इन विषयों पर विस्तार से सार्थक चर्चा हो और सरकार को जनता के सामने स्पष्ट जवाब देना चाहिए।
विपक्ष की उपस्थिति और मजबूती का दावा
तेजस्वी यादव की अनुपस्थिति को लेकर पूछे गए सवालों के जवाब में कुमार सर्वजीत ने अपनी पार्टी की प्रतिबद्धता जाहिर की। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अगर नेता प्रतिपक्ष किसी कारणवश सदन में मौजूद नहीं हैं, तो इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि विपक्ष कमजोर हो गया है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि तेजस्वी यादव के सिपाही यानी उनकी पार्टी के सभी विधायक और नेता पूरी मजबूती के साथ सदन में मौजूद हैं। जनता की आवाज उठाने और सरकार को कटघरे में खड़ा करने के लिए उनकी मौजूदगी ही काफी है।
असली मुद्दे बनाम निजी सवाल
कुमार सर्वजीत ने अपनी बात खत्म करते हुए फिर दोहराया कि मीडिया और सत्ता पक्ष को निजी यात्राओं के बजाय उन समस्याओं पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए जो बिहार की आम जनता को सीधे प्रभावित करती हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार जवाबदेही से बचने के लिए विपक्ष के नेता के निजी कार्यक्रमों को चर्चा का मुख्य मुद्दा बनाना चाहती है। आरजेडी पूरी तरह से तैयार है कि मानसून सत्र के दौरान हत्या, बेरोजगारी, किसानों की दयनीय स्थिति और अन्य महत्वपूर्ण जनहित के सवालों को पूरे दमखम के साथ उठाया जाए।
https://hindi.news18.com/news/bihar/patna-rjd-mla-kumar-sarvjeet-on-tejashwi-yadav-europe-proof-question-local18-ws-l-10666723.html