खाना देर से आने पर होटल में तोड़फोड़ और फायरिंग, टीआई का दामाद समेत तीन गिरफ्तार

ग्वालियर के मुरार में खाना लेट होने पर होटल ग्लौरी में तोड़फोड़ और गोलीबारी करने वाले तीन आरोपियों को पुलिस ने दबोचा, जिनमें मुरैना में पदस्थ टीआई का दामाद भी शामिल है। फरार आरोपियों पर एसएसपी ने 10-10 हजार रुपये के इनाम की घोषणा की है।

मध्य प्रदेश के ग्वालियर शहर में मुरार थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले मोहनपुर स्थित 'होटल ग्लौरी' पर खाने का ऑर्डर देर से आने को लेकर मचाए गए हंगामे और गोलीबारी के मामले में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। होटल में जमकर तोड़फोड़ करने और दहशत फैलाने के लिए फायरिंग करने वाले तीन प्रमुख हमलावरों को पुलिस ने गुरुवार देर रात घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए आरोपियों में मुरैना में पदस्थ थाना प्रभारी (टीआई) उदयभान सिंह का दामाद सुमित यादव भी शामिल है।

गिरफ्तारी के बाद अजीबोगरीब दलील

पुलिस की गिरफ्त में आने के बाद टीआई के दामाद ने अपनी करतूत को कमतर बताने की कोशिश करते हुए हैरान करने वाली सफाई दी। उसने पुलिस से कहा कि उसने कुछ खास नहीं किया और केवल बाहर खड़ी गाड़ियां ही तोड़ी हैं।

कैसे शुरू हुआ पूरा बवाल

घटना के ब्योरे के अनुसार, टीआई उदयभान सिंह के समधी संजय यादव और नरेंद्र सिंह होटल ग्लौरी में खाना खाने पहुंचे थे। टेबल पर खाने का ऑर्डर आने में कुछ देर हुई तो संजय यादव भड़क उठे और होटल स्टाफ से उलझते हुए झगड़ा करने लगे।

विवाद बढ़ने पर संजय यादव वहां से सीधे अपने घर गए और अपनी लाइसेंसी रायफल लेकर कार से निकले। रास्ते में चंद्रपाल, सूरज और अभय पालिया भी उनके साथ हो लिए। इसी दौरान मॉल में फिल्म देख रहे टीआई के दामाद सुमित यादव को जब अपने पिता संजय यादव के झगड़े की जानकारी मिली, तो वह फिल्म बीच में ही छोड़कर प्रदीप यादव के साथ स्कूटी से होटल ग्लौरी पहुंच गया।

स्टाफ की पिटाई और वाहनों में तोड़फोड़

होटल पर इकट्ठा होते ही सभी हमलावरों ने मिलकर जमकर उत्पात मचाया। वे होटल के अंदर घुसे और पूरे स्टाफ को पकड़-पकड़कर बेरहमी से पीटना शुरू कर दिया। माहौल में दहशत फैलाने के लिए हमलावरों ने रायफल से गोलियां चलाईं और फिर बाहर निकल गए। बाहर पार्किंग में खड़ी अन्य ग्राहकों की कारें, बाइक और दूसरे वाहनों को लाठी-डंडों से पूरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया गया।

पुलिस की कार्रवाई और इनाम की घोषणा

घटना की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी धर्मवीर सिंह और एएसपी अनु बेनीवाल ने तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए। पुलिस ने टीआई के दामाद सुमित यादव (पुत्र संजय यादव), सूरज यादव (पुत्र ओमप्रकाश यादव) और प्रदीप यादव (पुत्र गजेंद्र यादव) को गिरफ्तार कर उनके पास से वारदात में इस्तेमाल की गई स्कूटी और बाइक बरामद कर ली है।

इस मामले में टीआई के समधी संजय यादव और नरेंद्र सिंह सहित अन्य मुख्य हमलावर अभी भी फरार हैं, जिनकी तलाश में पुलिस टीमें अलग-अलग ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। एसएसपी धर्मवीर सिंह ने फरार आरोपियों की गिरफ्तारी पर 10-10 हजार रुपये के नकद इनाम की घोषणा की है।

पहले से दर्ज हैं आपराधिक मामले

पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, पकड़े गए टीआई के दामाद सुमित यादव और उसके साथियों पर पहले से ही अलग-अलग थानों में चार आपराधिक मामले दर्ज हैं, जो उनके आदतन अपराधी होने की ओर इशारा करते हैं।

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