उत्तर प्रदेश के संभल जिले में अवैध निर्माणों के खिलाफ प्रशासन का कड़ा रुख लगातार जारी है। इसी कड़ी में प्रशासन ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई करते हुए सरकारी जमीन पर बने अवैध इमामबाड़े और मजार को बुलडोजर चलाकर पूरी तरह से जमींदोज कर दिया है। बताया जा रहा है कि यह पूरी कार्रवाई नियमों के तहत और पर्याप्त कानूनी प्रक्रिया का पालन करने के बाद की गई है। प्रशासन द्वारा बार-बार नोटिस जारी किए जाने के बाद भी जब अतिक्रमणकारियों की तरफ से कोई जवाब या दावा पेश नहीं किया गया, तो आखिरकार प्रशासन को बलपूर्वक इस अवैध निर्माण को हटाने के लिए बुलडोजर का सहारा लेना पड़ा।
बंजर भूमि पर किया गया था अवैध निर्माण
प्रशासनिक अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, यह पूरा मामला संभल के मुकर्रबपुर इलाके का है। यहां जिस जमीन पर ईदगाह, इमामबाड़े और मजार का निर्माण किया गया था, वह पूरी तरह से सरकारी बंजर भूमि थी। राजस्व रिकॉर्ड के मुताबिक, यह विवादित भूमि ग्राम सभा की गाटा संख्या 765 के तहत आती है, जिसका कुल रकबा लगभग 0.295 हेक्टेयर यानी करीब साढ़े चार बीघा है।
इस अवैध कब्जे को लेकर सबसे पहले 2 जून 2026 को क्षेत्रीय लेखपाल ने अपनी एक विस्तृत रिपोर्ट प्रशासन को सौंपी थी। इस रिपोर्ट में साफ तौर पर कहा गया था कि ग्राम सभा की इस बंजर भूमि पर अवैध रूप से इमामबाड़ा और मजार का निर्माण कर कब्जा किया गया है। लेखपाल की इस रिपोर्ट को संज्ञान में लेते हुए प्रशासन ने बिना किसी देरी के नियमानुसार धारा 67 के तहत एक वाद दर्ज किया। इसके बाद आम जनता और संबंधित पक्षों को सूचित करने के लिए सार्वजनिक सूचना भी प्रकाशित की गई। इस सूचना के जरिए प्रशासन ने 6 जून 2026 को न्यायालय में अपना पक्ष रखने और अपनी आपत्तियां दर्ज कराने का पूरा मौका दिया था।
किसी भी पक्ष ने नहीं जताया मालिकाना हक
प्रशासनिक अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि इस पूरी कानूनी प्रक्रिया के दौरान किसी भी व्यक्ति या संगठन ने इस ईदगाह और इमामबाड़े की जमीन पर अपना दावा पेश नहीं किया। चूंकि कोई भी दावेदार सामने नहीं आया, इसलिए इस वाद को अज्ञात के नाम से दर्ज करके आगे की कार्रवाई की गई। सार्वजनिक सूचना जारी होने के बाद भी 12 जून 2026 तक कोई भी पक्ष न तो संबंधित न्यायालय में उपस्थित हुआ और न ही किसी प्रकार की आपत्ति दर्ज कराई।
समय सीमा समाप्त होने के बाद, 12 जून 2026 को न्यायालय ने एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए ग्राम सभा की बंजर भूमि पर बने इस मजार और इमामबाड़े को वहां से बेदखल करने और जमीन को खाली कराने का आदेश पारित कर दिया। प्रशासन का कहना है कि इस आदेश के जारी होने के बाद भी अब तक किसी भी पक्ष ने इसके खिलाफ कोई पुनर्स्थापना प्रार्थना पत्र नहीं दिया है और न ही उच्च अधिकारियों या कोर्ट में कोई अपील दायर की है।
अतिक्रमण मुक्त जमीन पर गरीबों को बसाने की योजना
कार्रवाई के संबंध में संभल के जिलाधिकारी अंकित खंडेलवाल ने विस्तृत जानकारी साझा की है। उन्होंने बताया कि इस बुलडोजर एक्शन के जरिए करीब डेढ़ करोड़ रुपए की बहुमूल्य सरकारी जमीन को अवैध कब्जे से पूरी तरह मुक्त करा लिया गया है। प्रशासन की योजना है कि इस खाली कराई गई जमीन का इस्तेमाल समाज के कल्याण के लिए किया जाएगा और यहां भूमिहीन व गरीब परिवारों को बसाया जाएगा। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि कोर्ट के माध्यम से नियमानुसार लगातार नोटिस भेजे गए थे और प्रभावितों को अपना पक्ष रखने के लिए पूरा और पर्याप्त समय दिया गया था। सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद ही आज इस मजार और इमामबाड़े को ढहाने की कार्रवाई की गई है।
इसके साथ ही उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का शनिवार को संभल में एक महत्वपूर्ण दौरा प्रस्तावित है। इस दौरे के दौरान मुख्यमंत्री जिले को 550 करोड़ रुपए की विभिन्न विकास परियोजनाओं की बड़ी सौगात देंगे। इन परियोजनाओं में संभल के लिए एक अत्याधुनिक बड़ा अस्पताल, कई आंगनवाड़ी भवन और अन्य जनकल्याणकारी बुनियादी ढांचागत विकास कार्य शामिल हैं।
मढ़न गांव में भी चला था प्रशासन का पीला पंजा
संभल में अतिक्रमण के खिलाफ यह कोई पहली कार्रवाई नहीं है। इससे ठीक दो दिन पहले ही प्रशासन ने संभल के मढ़न गांव में एक और बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया था। उस दौरान प्रशासन ने करीब 10.5 बीघा से अधिक सरकारी और कब्रिस्तान की भूमि को अवैध कब्जे से मुक्त कराया था। उस अभियान के दौरान निम्नलिखित निर्माणों को ध्वस्त किया गया था:
- अवैध रूप से निर्मित एक विशाल ईदगाह और मस्जिद।
- मस्जिद परिसर में बनी करीब 30-30 फीट ऊंची दो भव्य मीनारें।
- सरकारी जमीन पर अवैध तरीके से बनाए गए दो मकान।
मढ़न गांव में चली यह अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई करीब 6 घंटे तक लगातार जारी रही थी। इस दौरान क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी संभावित विरोध से निपटने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारियों की तैनाती की गई थी। संभल प्रशासन का कहना है कि सरकारी संपत्तियों पर अवैध कब्जा किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और आने वाले दिनों में भी ऐसी कार्रवाई जारी रह सकती है।
https://www.indiatv.in/uttar-pradesh/bulldozer-action-taken-on-illegal-imambara-in-sambhal-2026-07-17-1231742