हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले के उपमंडल अंब के तहत प्रतापनगर में हुए 15 वर्षीय छात्रा प्राची हत्याकांड में अदालत ने अपना फैसला सुना दिया है। स्पेशल जज ऊना नरेश ठाकुर की अदालत ने आरोपी आसिफ मोहम्मद को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। यह सनसनीखेज हत्याकांड वर्ष 2022 में सामने आया था। दूसरी ओर, बेटे को सजा का ऐलान होने के बाद उसके पिता की सदमे में मौत हो गई।
अदालत का फैसला और सजा
अदालत ने अंब निवासी दोषी आसिफ मोहम्मद को धारा 302 के तहत आजीवन कारावास की सजा सुनाते हुए 50 हजार रुपये जुर्माना अदा करने का आदेश दिया है। जुर्माना अदा न करने की स्थिति में तीन वर्ष का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा।
इसके अलावा धारा 452 और 201 के तहत भी दोषी को तीन-तीन वर्ष का कठोर कारावास तथा 10-10 हजार रुपये जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई गई है। यह जुर्माना न देने पर एक-एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास काटना होगा। इस मामले की पैरवी जिला न्यायवादी एकलव्य ने की।
चार साल पहले हुआ था हत्याकांड
यह घटना 5 अप्रैल 2022 की है, जब अखबार बेचने वाले आसिफ मोहम्मद ने 15 वर्षीय प्राची की पेपर कटर से गला काटकर हत्या कर दी थी। उस दिन वार्षिक परीक्षा के चलते प्राची की छुट्टी थी और वह घर पर अकेली थी। उसकी छोटी बहन स्कूल गई हुई थी, जबकि माता-पिता प्रतिदिन की तरह अपनी ड्यूटी पर थे। आरोपी ने दोपहर करीब एक बजे घर में घुसकर इस वारदात को अंजाम दिया।
घर में मिला था शव
शाम को जब प्राची की मां ड्यूटी से लौटीं, तो उन्होंने बेटी को डाइनिंग हॉल में मृत अवस्था में पड़ा पाया और फर्श पर खून फैला हुआ था। सूचना मिलते ही प्राची के पिता और अंब पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर घटनास्थल से साक्ष्य एकत्र किए।
दो दिन की पड़ताल के बाद 7 अप्रैल को पुलिस को एक प्रवासी से अहम जानकारी मिली कि दोपहर के समय बच्ची के चिल्लाने की आवाज सुनाई दी थी और उसी दौरान अखबार बांटने वाला युवक भी वहां आया था, जो अक्सर सुबह के समय आता था।
शक के आधार पर गिरफ्तारी
संदेह के आधार पर पुलिस ने अखबार बांटने वाले 26 वर्षीय आसिफ मोहम्मद को रात के समय अंब से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के गुनाह कबूल करने के बाद अगले दिन पुलिस ने अंब के पक्का परोह से वह कटर बरामद किया, जिसे हत्या में इस्तेमाल कर छिपाकर रखा गया था।
इस पूरे मामले में कुल 28 गवाह अदालत में पेश हुए। केस को सुलझाने में कांस्टेबल राजीव की भूमिका अहम मानी गई, जो जांच की महत्वपूर्ण कड़ी साबित हुए।
सजा के सदमे में पिता की मौत
बेटे को सजा सुनाए जाने के बाद दोषी आसिफ मोहम्मद के पिता ताज मोहम्मद की हार्ट अटैक से मौत हो गई। एक ही परिवार में कुछ ही समय के भीतर घटे इन दो बड़े घटनाक्रमों ने पूरे इलाके में चर्चा छेड़ दी है।
बताया जा रहा है कि बेटे के दोषी साबित होने और कड़ी सजा की आशंका से पिता ताज मोहम्मद गहरे मानसिक तनाव में थे। परिजनों के अनुसार, मंगलवार देर रात अचानक उनकी तबीयत बिगड़ी और इससे पहले कि उन्हें कोई राहत मिल पाती, हार्ट अटैक के कारण उनकी मृत्यु हो गई।
इकलौता बेटा था दोषी
बताया जाता है कि आसिफ मोहम्मद अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। परिवार में पिता ताज मोहम्मद, माता जेसमीन और आसिफ ही रहते थे। पहले बेटे का हत्या के मामले में दोषी ठहराया जाना और फिर पिता की अचानक मौत ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। अब घर में केवल मां जेसमीन ही अकेली रह गई हैं।
पिता की मौत की सूचना मिलने के बाद पुलिस प्रशासन ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की। इसके बाद पुलिस सुरक्षा के बीच दोषी आसिफ मोहम्मद को उसके घर लाया गया, ताकि वह पिता के अंतिम संस्कार में शामिल हो सके। बीते बुधवार को घर के समीप स्थित कब्रिस्तान में ताज मोहम्मद को सुपुर्द-ए-खाक किया गया। इस दौरान पुलिस की कड़ी निगरानी रही और अंतिम रस्मों के बाद पुलिस आसिफ को वापस अपने साथ ले गई।
https://hindi.news18.com/news/himachal-pradesh/una-amb-15-year-old-student-prachi-murder-accused-asif-gets-life-sentence-father-died-with-shock-local18-ws-l-10542359.html