बाबा बैद्यनाथ धाम में आस्था का महाकुंभ
श्रावण का पवित्र महीना शुरू होते ही पूरा देश भगवान शिव की भक्ति में सराबोर हो जाता है। देश के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक, बाबा बैद्यनाथ धाम, इन दिनों श्रद्धालुओं के आगमन से गुलजार है। हर साल सावन के दौरान देश-विदेश से लाखों की संख्या में शिवभक्त यहां पहुंचते हैं और बाबा भोलेनाथ का जलाभिषेक कर अपने जीवन को धन्य मानते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, श्रावणी मेले के दौरान जो भी श्रद्धालु पूरी निष्ठा के साथ यहां पूजा-अर्चना करता है, भगवान शिव उसकी सभी मनोकामनाएं पूरी करते हैं। यही वजह है कि सुल्तानगंज से गंगाजल लेकर 105 किलोमीटर की पैदल यात्रा पूरी करने वाले कांवरियों की संख्या हर साल बढ़ती जा रही है।
कोठिया मोड़ पर आधुनिक टेंट सिटी
देवघर जिला प्रशासन ने कांवरियों की थकान मिटाने और उन्हें बेहतर सुविधाएं देने के लिए कांवरिया पथ पर खास इंतजाम किए हैं। बिहार-झारखंड की सीमा में प्रवेश करते ही कोठिया मोड़ पर एक भव्य और आधुनिक टेंट सिटी का निर्माण किया गया है। बाबा मंदिर से महज 4 किलोमीटर की दूरी पर स्थित यह स्थान कांवरियों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। इस टेंट सिटी में एक साथ करीब 1,000 श्रद्धालुओं के विश्राम करने की क्षमता है। प्रशासन ने हर बेड के साथ पंखे और मोबाइल चार्जिंग प्वाइंट की व्यवस्था की है ताकि लंबी यात्रा के बाद श्रद्धालु आराम कर सकें और अपने संचार के साधनों को चार्ज कर सकें। इसके अतिरिक्त यहां स्वच्छ पेयजल, आधुनिक शौचालय, यूरिनल, सुरक्षा बल की तैनाती और पुलिस सहायता केंद्र भी मौजूद है।
सरासनी गांव में आध्यात्मिक भवन की व्यवस्था
प्रसाद योजना के तहत देवघर के कांवरिया पथ पर स्थित सरासनी गांव में एक विशाल आध्यात्मिक भवन को श्रद्धालुओं की सेवा के लिए तैयार किया गया है। बाबा मंदिर से लगभग 3 किलोमीटर पहले पड़ने वाले इस केंद्र में एक साथ 10,000 कांवरियों के रुकने की विशाल व्यवस्था की गई है। इस भवन की खासियत यह है कि इसमें कांवर रखने के लिए अलग स्टैंड की सुविधा है, जिससे भक्तों को असुविधा न हो। भवन के भीतर दो बड़े हॉल हैं, जिनमें पंखे और स्नानघर जैसी सुविधाएं मौजूद हैं। इस बार पहली बार यहां कांवरियों के लिए किफायती दर पर भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है, ताकि भूखे प्यासे श्रद्धालुओं को लंबी पदयात्रा के बीच राहत मिल सके।
बाघमारा में नई टेंट सिटी
शहर की सीमा में प्रवेश करने से पहले प्रशासन ने बाघमारा बस स्टैंड के समीप भी एक और टेंट सिटी तैयार की है। यह स्थान बाबा मंदिर से लगभग 4 से 5 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यहाँ भी करीब 1,200 श्रद्धालु एक साथ विश्राम कर सकते हैं। प्रत्येक बेड के पास बिजली और चार्जिंग की सुविधा सुनिश्चित की गई है। सावन के महीने में उमस को देखते हुए यहां साफ-सफाई और स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा गया है ताकि श्रद्धालु सुरक्षित और आरामदायक वातावरण में अंतिम पड़ाव की अपनी यात्रा पूरी कर सकें।
सामाजिक संस्थाओं का सहयोग
केवल प्रशासन ही नहीं, बल्कि विभिन्न सामाजिक संगठन भी कांवरियों की सेवा में जुटे हैं। मारवाड़ी कांवर संघ का विशाल सेवा शिविर हर साल की तरह इस बार भी अपनी सेवाएं दे रहा है। इस शिविर में कांवरियों के लिए रहने, सोने और आराम करने का प्रबंध पूरी तरह मुफ्त है। इसके साथ ही चिकित्सा सहायता और प्रसाद की भी यहां पूरी व्यवस्था रहती है। दूर-दराज के क्षेत्रों से आने वाले कांवरियों के लिए ये शिविर सुरक्षा और आराम का प्रमुख केंद्र बन गए हैं। प्रशासन और इन संगठनों के तालमेल से बाबा नगरी आने वाले भक्तों की यात्रा इस साल और भी सुखद और सरल होने वाली है।
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