कैसे शुरू हुई जौहर यूनिवर्सिटी पर संकट की घड़ी
रामपुर विकास प्राधिकरण ने सपा नेता आजम खान द्वारा संचालित मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी की 38 इमारतों को गिराने का आधिकारिक आदेश जारी कर दिया है। प्राधिकरण का स्पष्ट आरोप है कि परिसर के भीतर बनी ये तमाम इमारतें बिना किसी पूर्व स्वीकृत नक्शे के खड़ी की गई थीं। इस फैसले के बाद से राजनीतिक गलियारों में खलबली मची है और इसे एक सुनियोजित कार्रवाई बताया जा रहा है, जिससे भविष्य में वहां अध्ययनरत छात्रों के शैक्षिक भविष्य पर गहरा संकट मंडराने की आशंका जताई जा रही है। इस पूरी घटनाक्रम की जड़ें एक औचक निरीक्षण में छिपी हैं।
फायर ऑडिट में खुली अवैध निर्माण की पोल
इस पूरे मामले का खुलासा लखनऊ के एक कोचिंग सेंटर में हुई भयावह आग की घटना के बाद हुआ। उस दुखद हादसे के बाद प्रशासन ने सतर्कता बरतते हुए रामपुर के सभी शैक्षिक संस्थानों और कोचिंग सेंटरों का व्यापक फायर ऑडिट शुरू किया था। जब इसी कड़ी में रामपुर दमकल विभाग की टीम ने जौहर यूनिवर्सिटी का निरीक्षण किया, तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। अग्नि सुरक्षा लाइसेंस के लिए आवेदन करते समय यूनिवर्सिटी प्रबंधन को बिल्डिंग के नक्शे प्रस्तुत करने थे, लेकिन वे केवल 2 भवनों के ही स्वीकृत नक्शे पेश कर पाए। जांच में पता चला कि यूनिवर्सिटी में बने कुल 40 में से 38 भवन पूरी तरह से बिना नक्शे के बने हैं।
प्रशासन की नोटिस और यूनिवर्सिटी का तर्क
दमकल विभाग की रिपोर्ट के आधार पर रामपुर प्रशासन ने यूनिवर्सिटी को कारण बताओ नोटिस जारी किया। जवाब में 6 जुलाई को यूनिवर्सिटी प्रशासन ने दलील दी कि संबंधित जमीन पहले रामपुर विकास प्राधिकरण के क्षेत्राधिकार में नहीं बल्कि ग्राम पंचायत के तहत आती थी। हालांकि, प्रशासन ने इस तर्क को सिरे से खारिज कर दिया। उनका कहना है कि यदि क्षेत्र पंचायत में था, तो फिर पहले के 2 भवनों के नक्शे कैसे पास कराए गए थे। अंततः 15 जुलाई को प्रशासन ने 38 अवैध भवनों को ध्वस्तीकरण करने का आदेश पारित कर दिया। विश्वविद्यालय के पास अब कानूनी विकल्प के रूप में कोर्ट जाकर स्टे लेने का मौका है, अन्यथा 15 दिनों के भीतर स्वयं निर्माण न हटाने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
अग्निशमन विभाग के गंभीर खुलासे
रामपुर के सीएफओ विजय कुमार सिंह के अनुसार, लखनऊ अग्निकांड के बाद की गई जांच में यह स्पष्ट हुआ कि जौहर यूनिवर्सिटी में सुरक्षा के मानकों को ताक पर रखा गया है। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि वहां फायर सेफ्टी के नियमों का बिल्कुल भी पालन नहीं हो रहा है, जो छात्रों के लिए जानलेवा साबित हो सकता है। वहां लगे कुछ अग्निशमन यंत्र भी खराब स्थिति में हैं और काम नहीं कर रहे हैं। विभाग ने 7 जुलाई को नक्शे मांगे थे, लेकिन यूनिवर्सिटी ने अब तक कोई दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए हैं। दोबारा नोटिस देकर 7 दिन का समय दिया गया है, जिसके बाद बिजली, पानी काटने और ध्वस्तीकरण की सख्त कार्रवाई की जाएगी।
राजनीतिक बयानबाजी और तीखी प्रतिक्रियाएं
इस कार्रवाई के खिलाफ समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने तीखा हमला बोला है। उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि सत्ताधारी दल को शिक्षा के क्षेत्र में भी साम्प्रदायिकता दिखाई देती है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा का ध्यान शिक्षा, शिक्षक, छात्र और रोजगार पर बिल्कुल नहीं है। इस बीच, आजम खान की पत्नी ने यूनिवर्सिटी पहुंचकर वहां तैनात पुलिस बल के प्रति अपना कड़ा रोष जाहिर किया है।
https://www.indiatv.in/uttar-pradesh/why-azam-khan-jauhar-university-to-face-demolition-read-inside-story-2026-07-16-1231593