बिहार में मानसून एक बार फिर अपनी पूरी ताकत के साथ सक्रिय होने जा रहा है। मौसम विभाग के ताजा अनुमानों के मुताबिक, राज्य के कई हिस्सों में आगामी दिनों में भीषण बारिश और आकाशीय बिजली यानी वज्रपात की गंभीर स्थिति देखने को मिल सकती है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के पटना केंद्र द्वारा जारी की गई नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार, उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे सटे उत्तरी ओडिशा तथा पश्चिम बंगाल के तटों पर जो कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ था, वह अब और अधिक मजबूत होकर एक 'वेल-मार्क लो प्रेशर' यानी गहरे कम दबाव के क्षेत्र में परिवर्तित हो गया है। इस मौसम प्रणाली के असर से बिहार के लोगों को भीषण गर्मी और उमस से जल्द राहत मिलने की उम्मीद है।
उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में सक्रिय हुआ मजबूत वेदर सिस्टम
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इस बेहद शक्तिशाली मौसमी प्रणाली के साथ-साथ एक मजबूत चक्रवाती परिसंचरण (साइक्लोनिक सर्कुलेशन) भी सक्रिय है, जो समुद्र तल से लगभग 7.6 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैला हुआ है। आने वाले दो दिनों के भीतर इस मौसमी सिस्टम के उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर आगे बढ़ने की पूरी संभावना जताई जा रही है। इस भौगोलिक बदलाव का सीधा और बेहद व्यापक प्रभाव बिहार के मौसम पर पड़ने वाला है। इसी के मद्देनजर IMD ने आगामी सात दिनों यानी 16 जुलाई से 22 जुलाई 2026 तक के लिए राज्य के अलग-अलग जिलों के लिए भारी बारिश, वज्रपात और तेज रफ्तार हवाओं को लेकर ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है। इससे स्पष्ट है कि आने वाले दिनों में बिहार के कई जिलों में बादलों की आवाजाही बढ़ेगी और भारी बारिश देखने को मिलेगी।
पिछले 24 घंटों में मौसम का मिजाज और दर्ज की गई बारिश
यदि पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य के मौसम की बात करें, तो बिहार के विभिन्न हिस्सों में मौसम के अलग-अलग रंग देखने को मिले हैं। इस दौरान राज्य के मौसम में काफी विविधता दर्ज की गई है। पश्चिमी चंपारण जिले में कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश दर्ज की गई है, जिससे वहां जनजीवन प्रभावित हुआ है। इसके विपरीत, राज्य के अधिकांश अन्य हिस्सों में केवल हल्की से मध्यम दर्जे की वर्षा ही दर्ज की गई। मौसम विभाग से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, सबसे अधिक बारिश पश्चिमी चंपारण के मैनाटांड़ में 154.4 मिलीमीटर और सिकटा में 126.4 मिलीमीटर दर्ज की गई है।
इसके अलावा राज्य के अन्य प्रमुख स्थानों पर हुई वर्षा का विवरण इस प्रकार है:
- खिजिरसराय में 49.6 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।
- मटियानी में 42.6 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई।
- ठकराहा में 42.4 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड हुई।
- चेरवा में 39.2 मिलीमीटर पानी बरसा।
- सोनबर्सा और हसनपुर में समान रूप से 39.0 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।
बारिश के साथ-साथ राज्य के कुछ जिलों में तेज आंधी-तूफान जैसी स्थिति भी बनी रही। पिछले 24 घंटों के दौरान रोहतास जिले में हवाओं का सबसे रौद्र रूप देखा गया, जहां हवा की अधिकतम गति 48 किलोमीटर प्रति घंटा तक मापी गई। इस तेज हवा के कारण कई जगहों पर पेड़ और टहनियां गिरने की खबरें भी सामने आई हैं।
तापमान का उतार-चढ़ाव और उमस भरी गर्मी से राहत की उम्मीद
तापमान की बात करें तो पिछले 24 घंटों के दौरान बिहार के अधिकतम तापमान में कोई बड़ा या उल्लेखनीय बदलाव देखने को नहीं मिला है। राज्य में सबसे गर्म इलाका शेखपुरा रहा, जहां अधिकतम तापमान 37.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं, पूरे राज्य का अधिकतम तापमान मुख्य रूप से 32.0 डिग्री सेल्सियस से 37.7 डिग्री सेल्सियस के दायरे में बना रहा, जिससे लोगों को काफी उमस का सामना करना पड़ा।
न्यूनतम तापमान के मोर्चे पर, अरवल जिला सबसे ठंडा रहा जहां न्यूनतम तापमान 25.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। राज्य के बाकी अन्य जिलों में न्यूनतम तापमान का स्तर 25.2 डिग्री सेल्सियस से 30.5 डिग्री सेल्सियस के बीच रिकॉर्ड किया गया। हालांकि, मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार अगले 24 घंटों के दौरान तो अधिकतम तापमान में कोई खास बदलाव नहीं होगा, लेकिन उसके बाद के अगले 4 दिनों के दौरान राज्य के अनेक स्थानों पर अधिकतम तापमान में 2 डिग्री सेल्सियस से 4 डिग्री सेल्सियस की भारी कमी होने की संभावना है। इससे लोगों को उमस भरी गर्मी से बड़ी राहत मिलेगी।
विभिन्न जिलों के लिए मौसम विभाग का अलर्ट और चेतावनी
मौसम विभाग ने आने वाले दिनों के लिए जिलावार चेतावनियां जारी की हैं ताकि लोग सतर्क रह सकें। इसके तहत अलग-अलग क्षेत्रों के लिए निम्नलिखित अलर्ट जारी किए गए हैं:
तीन जिलों में भारी बारिश और आंधी का अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार, पूर्वी चंपारण, रोहतास और पश्चिमी चंपारण जिलों में गरज-चमक के साथ भारी बारिश और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। इन जिलों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का भी अनुमान जताया गया है। इसके अतिरिक्त, उत्तर-मध्य और दक्षिण-मध्य बिहार के जिलों जैसे अरवल, औरंगाबाद, भभुआ, भोजपुर, बक्सर, गोपालगंज, सारण और सीवान में बिजली चमकने और तेज हवाओं को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है।
बांका और चंपारण पर विशेष नजर
शुक्रवार को राज्य के बांका और पश्चिमी चंपारण जिलों में बहुत भारी बारिश और वज्रपात की विशेष चेतावनी जारी की गई है। इसके साथ ही भागलपुर, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, जमुई, खगड़िया, मुंगेर, सारण और सीवान जिलों में भी आंधी-तूफान के साथ भारी बारिश और वज्रपात की आशंका जताई गई है, जिसके चलते प्रशासन को भी सतर्क रहने को कहा गया है।
18 जुलाई को पटना, नालंदा और जहानाबाद में 'ऑरेंज अलर्ट'
इस पूरे मानसून सीजन का सबसे तगड़ा और भीषण असर शनिवार यानी 18 जुलाई को देखने को मिलेगा। IMD ने इस दिन के लिए राजधानी पटना सहित नालंदा और जहानाबाद जिलों के लिए 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया है। इन तीनों जिलों में अत्यधिक भारी बारिश के साथ-साथ अत्यंत गंभीर वज्रपात की चेतावनी दी गई है। इसके अलावा अरवल, औरंगाबाद, गया और रोहतास जिलों में भी भारी बारिश की आशंका जताई गई है। वहीं, बेगूसराय, भभुआ, भोजपुर, बक्सर, लखीसराय, नवादा और शेखपुरा जैसे जिलों में तेज आंधी और हवाएं चलने की आशंका व्यक्त की गई है। लोगों को सलाह दी गई है कि वे मौसम खराब होने पर सावधानी बरतें और सुरक्षित स्थानों पर बने रहें।
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