हिमाचल के बाबा बालक नाथ मंदिर में चांदी के चढ़ावे में गड़बड़ी का सच आया सामने, DC गंधर्व राठौर ने दी सफाई

हिमाचल प्रदेश के प्रसिद्ध दियोटसिद्ध बाबा बालक नाथ मंदिर के चढ़ावे में चांदी की हेराफेरी के आरोपों को हमीरपुर की DC गंधर्व राठौर ने खारिज करते हुए इसे केवल एक लिपिकीय गलती बताया है।

हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले में स्थित प्रसिद्ध दियोटसिद्ध बाबा बालक नाथ मंदिर के चढ़ावे में चांदी की हेराफेरी को लेकर उड़ रही अफवाहों पर अब विराम लग गया है। हाल ही में राम मंदिर में चढ़ावा चोरी होने के मामले के बाद, बाबा बालक नाथ मंदिर में भी चढ़ावे की चांदी में गड़बड़ी होने के आरोप लगने लगे थे। इन आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हुए हमीरपुर की उपायुक्त (DC) और मंदिर न्यास की अध्यक्ष गंधर्व राठौर ने बड़ा बयान जारी किया है। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि मंदिर के चढ़ावे में किसी भी प्रकार की कोई धांधली या वित्तीय गड़बड़ी नहीं हुई है, बल्कि यह केवल एक लिपिकीय त्रुटि का मामला था।

क्या था चांदी की प्रविष्टि से जुड़ा पूरा विवाद?

दियोटसिद्ध के इस ऐतिहासिक मंदिर में देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु अपनी मन्नतें लेकर आते हैं और दिल खोलकर दान-चढ़ावा चढ़ाते हैं। विवाद की शुरुआत तब हुई जब मंदिर में चढ़ावे के रूप में आई चांदी के रिकॉर्ड में विसंगति देखने को मिली। खबरों के अनुसार, एक श्रद्धालु ने मंदिर में 111 ग्राम चांदी चढ़ावे के रूप में समर्पित की थी, जिसकी एंट्री को लेकर सवाल खड़े किए जा रहे थे। इसके साथ ही, वर्ष 2022 में मंदिर के खातों के किए गए ऑडिट में भी एक विसंगति सामने आई थी।

इस ऑडिट रिपोर्ट के अनुसार, ऑनलाइन सिस्टम में चांदी की प्रविष्टि केवल 10.10 ग्राम दर्ज की गई थी, जबकि भौतिक स्टॉक रजिस्टर में इसे 11 ग्राम दर्ज किया गया था। इस प्रविष्टि में आए अंतर के कारण स्थानीय स्तर पर और सोशल मीडिया पर यह अफवाह फैल गई कि मंदिर के चढ़ावे की चांदी में बड़े पैमाने पर हेराफेरी की गई है।

प्रसारण की जांच और मंदिर अधिकारी का जवाब

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए हमीरपुर की DC गंधर्व राठौर ने तुरंत कार्रवाई की और मंदिर प्रशासन के जिम्मेदार अधिकारियों से इस विसंगति पर जवाब तलब किया। जांच के बाद DC ने बताया कि मंदिर अधिकारी ने लिखित जवाब में यह स्पष्ट किया है कि यह विसंगति केवल एक लिपिकीय गलती (क्लैरिकल मिस्टेक) के कारण हुई थी, जिसे अब सुधार लिया गया है।

DC गंधर्व राठौर ने जनता को आश्वस्त करते हुए कहा कि श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाया गया सारा चढ़ावा पूरी तरह से सुरक्षित है और भौतिक रूप से जांच करने पर स्टॉक में कोई कमी नहीं पाई गई है। उन्होंने कहा कि अफवाहों पर ध्यान देने की आवश्यकता नहीं है क्योंकि मंदिर की संपत्ति और दान का पूरा हिसाब-किताब पारदर्शी तरीके से रखा जा रहा है।

सुरक्षा और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए नई SOP

भविष्य में इस प्रकार की किसी भी लिपिकीय मानवीय भूल या किसी भी प्रकार के संशय को समाप्त करने के लिए प्रशासन ने कड़े कदम उठाने का निर्णय लिया है। मंदिर न्यास की अध्यक्ष गंधर्व राठौर ने घोषणा की है कि चढ़ावे की गणना और उसके रखरखाव को पूरी तरह से सुरक्षित बनाने के लिए एक नई SOP लागू की गई है।

इस नई SOP के अंतर्गत निम्नलिखित महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं:

  • चढ़ावे की पारदर्शी गणना के लिए मंदिर परिसर में अब दो अलग-अलग गणना केंद्र स्थापित किए गए हैं।
  • गणना प्रक्रिया के दौरान सुरक्षा और निगरानी को अत्यधिक कड़ा किया जाएगा, जिसके लिए वहां CCTV कैमरों की संख्या में भारी बढ़ोतरी की जा रही है।
  • राज्य सरकार के कड़े दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए, इन CCTV कैमरों की रिकॉर्डिंग फुटेज को न्यूनतम 180 दिन तक सुरक्षित रखने के आदेश दिए गए हैं, ताकि आवश्यकता पड़ने पर कभी भी इसकी दोबारा जांच की जा सके।

इस नई पारदर्शी व्यवस्था से न केवल मंदिर प्रबंधन की कार्यप्रणाली में सुधार होगा, बल्कि दियोटसिद्ध बाबा बालक नाथ मंदिर के प्रति करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था और विश्वास भी और अधिक सुदृढ़ होगा।

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