संसद के आगामी मानसून सत्र में मोदी सरकार द्वारा परिसीमन विधेयक पेश किए जाने की अटकलें तेज हैं। इस बीच, विपक्षी दलों की ओर से इस पर प्रतिक्रियाएं आने लगी हैं। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) यानी एनसीपी-एसपी की सांसद सुप्रिया सुले के बयान के बाद अब कांग्रेस पार्टी ने भी इस मुद्दे पर अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है। महाराष्ट्र विधानसभा में विपक्ष के नेता विजय वडेट्टीवार ने सुप्रिया सुले के रुख का पुरजोर समर्थन किया है। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि जब भी देश के हर राज्य में विधानसभा और लोकसभा सीटों को 50 प्रतिशत तक बढ़ाने का कोई आधिकारिक विधेयक संसद के पटल पर रखा जाएगा, तब इंडिया गठबंधन के सभी घटक दल एक साथ बैठकर इस पर आगे की रणनीति तय करेंगे।
विपक्ष के समर्थन की खबरों को बताया पूरी तरह आधारहीन
कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने मीडिया के उन दावों को पूरी तरह से खारिज कर दिया जिसमें कहा जा रहा था कि विपक्षी दलों ने परिसीमन विधेयक का समर्थन करने का मन बना लिया है। उन्होंने ऐसी खबरों को निराधार बताते हुए कहा कि सुप्रिया सुले का बयान बिल्कुल सही और तार्किक है। वडेट्टीवार के अनुसार, संसद के पिछले सत्र के दौरान जब इस विषय पर अनौपचारिक चर्चा हो रही थी, तब सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी यानी बीजेपी की तरफ से इस मुद्दे पर कोई स्पष्टता या गंभीर मानसिकता दिखाई नहीं दे रही थी। उन्होंने दावा किया कि प्रस्तावित मसौदे में ऐसा कुछ भी नहीं था जिसे विपक्ष का सीधा समर्थन मिल सके।
विपक्षी एकजुटता और इंडिया गठबंधन की बैठक
विजय वडेट्टीवार ने मीडिया में चल रही खबरों को भ्रामक बताते हुए स्पष्ट किया कि न तो उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना-यूबीटी ने और न ही शरद पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी-एसपी ने इस परिसीमन विधेयक को लेकर कोई एकतरफा समर्थन दिया है। उन्होंने कहा कि विपक्षी खेमे में इस संवेदनशील मुद्दे पर पूरी एकजुटता बनी हुई है। उनके शब्दों में, सच्चाई यह है कि जब भी किसी भी राज्य में सीटों की संख्या को 50 फीसदी तक बढ़ाने का कोई आधिकारिक प्रस्ताव या विधेयक सरकार की तरफ से सदन में पेश किया जाएगा, तब इंडिया गठबंधन के सभी प्रमुख नेता एक साथ मिलकर बैठक करेंगे। इसी बैठक में इस पर विस्तार से चर्चा होगी और तय किया जाएगा कि गठबंधन का आधिकारिक रुख क्या होगा।
सुप्रिया सुले का बयान और दक्षिण भारतीय राज्यों की चिंता
इससे पहले बुधवार को एनसीपी-एसपी की वरिष्ठ नेता सुप्रिया सुले ने भी इस मुद्दे पर पार्टी की स्थिति रखी थी। उन्होंने स्पष्ट किया था कि मीडिया में पार्टी के रुख को लेकर जो भी खबरें चलाई जा रही हैं, वे केवल सूत्रों पर आधारित हैं और पार्टी ने अब तक कोई भी आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। उन्होंने कहा कि जब तक सरकार की तरफ से नया विधेयक औपचारिक रूप से सामने नहीं आ जाता, तब तक किसी भी तरह की टिप्पणी करना जल्दबाजी होगी।
सुप्रिया सुले ने परिसीमन के व्यावहारिक पहलुओं पर चिंता जताते हुए कहा कि यदि केवल जनसंख्या को आधार बनाकर परिसीमन किया जाता है, तो यह देश के दक्षिण भारतीय राज्यों के साथ बड़ा अन्याय होगा। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और कानून मंत्री किरेन रिजिजू की ओर से हर राज्य में सीटों की संख्या में 50 प्रतिशत की वृद्धि करने का एक फॉर्मूला प्रस्तावित किया गया था।
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