बिहार के नालंदा जिले से एक बेहद दर्दनाक और तनावपूर्ण खबर सामने आई है। यहां के हरनौत थाना क्षेत्र में पुलिस की एक गाड़ी की चपेट में आने से एक स्थानीय युवक की मौत हो गई। इस भीषण हादसे के बाद पूरे इलाके में भारी तनाव फैल गया और गुस्साए ग्रामीणों ने जमकर बवाल काटा। यह घटना चेरन गांव के पास की बताई जा रही है, जहां हादसे से नाराज परिजनों और ग्रामीणों ने मिलकर रजौली-बख्तियारपुर मुख्य सड़क मार्ग को कई घंटों तक पूरी तरह से जाम रखा। ग्रामीणों ने सड़क पर आगजनी की और पुलिस प्रशासन की लापरवाही के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
पुलिस और उग्र ग्रामीणों के बीच हिंसक झड़प
सड़क जाम की सूचना मिलने पर जब पुलिस बल मौके पर पहुंचा, तो प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाबलों के बीच टकराव की स्थिति पैदा हो गई। देखते ही देखते यह विरोध प्रदर्शन एक हिंसक झड़प में तब्दील हो गया। उग्र हो चुकी भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा। पुलिस ने स्थिति को काबू में करने के लिए हल्का लाठीचार्ज किया, आंसू गैस के गोले दागे और हवा में कई राउंड हवाई फायरिंग भी की। इसके जवाब में गुस्साए ग्रामीणों ने पुलिस टीम पर भारी पथराव शुरू कर दिया। इस हिंसा के दौरान कई वाहनों के शीशे तोड़ दिए गए और उन्हें क्षतिग्रस्त कर दिया गया।
मृतक की पहचान और पुलिस पर गंभीर आरोप
इस सड़क हादसे का शिकार हुए मृतक युवक की पहचान हरनौत थाना क्षेत्र के चेरन गांव निवासी प्रद्युम्न कुमार के रूप में की गई है। प्रद्युम्न की मौत के बाद ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि जिस समय यह सड़क दुर्घटना हुई, उस वक्त गाड़ी चला रहे पुलिसकर्मी शराब के नशे में धुत थे। इसी बीच सोशल मीडिया पर एक कथित तस्वीर भी तेजी से वायरल हो रही है, जिसमें एक पुलिसकर्मी को कथित तौर पर मृतक के गले पर पैर रखे हुए देखा जा सकता है। हालांकि, इस वायरल तस्वीर की पुलिस प्रशासन या किसी अन्य आधिकारिक स्रोत द्वारा पुष्टि नहीं की गई है।
दो इंस्पेक्टर सहित आठ पुलिसकर्मी और कई राहगीर घायल
ग्रामीणों द्वारा किए गए इस भारी पथराव में कानून व्यवस्था संभालने पहुंचे दो इंस्पेक्टर समेत कुल 8 पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। इसके अलावा, सड़क जाम के कारण रास्ते में फंसे कई आम राहगीरों को भी इस हिंसक झड़प के दौरान चोटें आई हैं। हालात को बेकाबू होते देख घटनास्थल पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कई थानों की पुलिस के साथ 150 से अधिक अतिरिक्त सुरक्षाकर्मी मौके पर पहुंचे। इसके साथ ही प्रशासनिक अमला भी सक्रिय हुआ और SDPO, SDM और BDO जैसे वरिष्ठ अधिकारी तुरंत घटनास्थल पर पहुंच गए। अधिकारियों ने काफी मशक्कत के बाद आक्रोशित लोगों को समझा-बुझाकर शांत कराया और जाम खुलवाकर यातायात बहाल कराया। फिलहाल क्षेत्र में स्थिति नियंत्रण में है लेकिन तनाव बरकरार है।
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