रामपुर में एचआरटीसी बस के इंजन से निकला धुआं, मची अफरातफरी, खटारा बसों की हालत पर उठे गंभीर सवाल

हिमाचल प्रदेश के रामपुर में एक दर्दनाक सड़क हादसे के अगले ही दिन उसी रूट पर दौड़ रही एचआरटीसी बस में तकनीकी खराबी के चलते धुआं निकलने लगा, जिससे यात्रियों में डर का माहौल पैदा हो गया।

हादसे के अगले दिन ही यात्रियों की सुरक्षा पर मंडराया खतरा

हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले में सड़क हादसों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। शिमला जिले के रामपुर उपमंडल में बुधवार शाम को हुए एचआरटीसी बस हादसे के गम अभी ताजे ही थे कि गुरुवार को उसी मार्ग पर एक और गंभीर स्थिति पैदा हो गई। रामपुर–खड़ाहण–कोटाधार–खोलीघाट मार्ग पर चलने वाली एक एचआरटीसी बस के इंजन से अचानक धुआं निकलने लगा। इस घटना के दौरान बस में स्कूली बच्चों समेत कई यात्री सवार थे, जिससे मौके पर अफरातफरी मच गई। आग लगने की आशंका को देखते हुए चालक ने तत्परता दिखाते हुए बस को सड़क किनारे रोका और सभी यात्रियों को सुरक्षित नीचे उतारा।

बुधवार को हुआ था भीषण हादसा

गौरतलब है कि बुधवार शाम लगभग 6:30 बजे इसी रूट पर गरटोला के पास एचआरटीसी की एक बस अनियंत्रित होकर गहरी खाई में गिर गई थी। इस दुखद हादसे में कंडक्टर समेत कुल 2 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 22 यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए थे। प्रशासन इस हादसे की जांच में जुटा ही था कि गुरुवार की सुबह उसी रूट पर जा रही दूसरी बस की हालत ने परिवहन विभाग की कार्यप्रणाली पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।

भाजपा नेता ने खटारा बसों को बताया जानलेवा

रामपुर से भाजपा के प्रत्याशी रहे और स्थानीय नेता कौल सिंह नेगी ने इस घटना पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से कहा कि रामपुर डिपो की सरकारी बसों का बीच रास्ते में तकनीकी खराबी के चलते हांफ जाना अब एक आम बात हो गई है। कौल सिंह नेगी ने बताया कि रामपुर-बाघी रूट पर जा रही बस आधे रास्ते में ही खराब हो गई, जिसमें मासूम स्कूली बच्चे भी अपनी जान जोखिम में डालकर सफर कर रहे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि रामपुर डिपो की अधिकतर बसों की हालत अत्यंत दयनीय है और ऐसी खटारा बसों को सड़कों पर उतारना यात्रियों की जान से सीधा खिलवाड़ है।

सरकार के उदासीन रवैये पर निशाना

कौल सिंह नेगी ने आगे कहा कि इस मुद्दे को लेकर उन्होंने बीते जून महीने में रामपुर डिपो के बाहर जनता की सुरक्षा के दृष्टिगत सांकेतिक धरना भी दिया था। उन्होंने मीडिया और मंचों के जरिए सरकार और अधिकारियों को कई बार आगाह किया, लेकिन सरकार का रवैया इतना उदासीन है कि वे इस अव्यवस्था को सुधारने के लिए बिल्कुल भी गंभीर दिखाई नहीं दे रहे हैं। नेगी के अनुसार, जब तक परिवहन विभाग खटारा बसों को रूट से नहीं हटाता और नई या फिट बसों को भेजने से पहले उनकी गहन तकनीकी जांच सुनिश्चित नहीं करता, तब तक यात्रियों का सफर असुरक्षित बना रहेगा।

घटना का वीडियो हुआ वायरल

मौके पर मौजूद लोगों द्वारा बनाए गए एक वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि बस के इंजन से धुआं निकल रहा है और बस के अंदर सवार स्कूली छात्राएं तथा अन्य यात्री काफी डरे हुए और परेशान नजर आ रहे हैं। हिमाचल प्रदेश में एचआरटीसी की पुरानी और खस्ताहाल बसों की स्थिति को लेकर लंबे समय से बहस चल रही है, लेकिन लगातार सामने आ रहे ऐसे मामले प्रशासन की अनदेखी को उजागर करते हैं। लोगों ने मांग की है कि संबंधित अधिकारी इस मामले में जल्द से जल्द ठोस कार्रवाई करें ताकि भविष्य में किसी बड़े हादसे को रोका जा सके।

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