बिहार में मानसून का दोहरा मिजाज
बिहार में इस वर्ष मानसून की स्थिति काफी चुनौतीपूर्ण बनी हुई है, जहां राज्य के अलग-अलग हिस्सों में मौसम के दो विपरीत चेहरे देखने को मिल रहे हैं। मौसम विभाग द्वारा जारी ताजा जानकारी के अनुसार, राज्य में मानसून की सक्रियता असंतुलित है। जहां उत्तर बिहार के कई जिलों में मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को प्रभावित किया है और बाढ़ का डर पैदा कर दिया है, वहीं दक्षिण बिहार के कई क्षेत्र सूखे जैसी गंभीर स्थिति का सामना कर रहे हैं। 16 और 17 जुलाई को लेकर मौसम विभाग ने राज्य के विभिन्न हिस्सों में भारी बारिश के लिए विशेष चेतावनी जारी की है।
उत्तर बिहार में ऑरेंज अलर्ट और भारी बारिश की संभावना
मौसम विशेषज्ञों का अनुमान है कि किशनगंज, कटिहार, पश्चिम चंपारण और अररिया जैसे जिलों में आज और कल मूसलाधार बारिश होने की पूरी संभावना है। इसके अलावा सहरसा, मधेपुरा, पूर्णिया और सुपौल जैसे उत्तरी जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी कर दिया गया है। इन क्षेत्रों में रहने वाले निवासियों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। मौसम विभाग ने यह भी चेतावनी दी है कि उत्तर और पूर्वी बिहार के इलाकों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जो सामान्य जनजीवन में बाधा डाल सकती हैं।
दक्षिण बिहार में सूखे का संकट
राज्य का दक्षिणी हिस्सा मानसून की कमी के कारण बेहाल है। राजधानी पटना समेत दक्षिण बिहार के कई जिलों में आकाश में बादल तो छाए रहते हैं, लेकिन पर्याप्त बारिश नहीं हो रही है। इन क्षेत्रों के किसान फसलों की सिंचाई के लिए पानी की भारी किल्लत से जूझ रहे हैं। आंकड़ों पर नजर डालें तो 14 जुलाई तक पूरे राज्य में सामान्य से 41 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है, जो राज्य के कृषि क्षेत्र के लिए एक चिंता का विषय है।
बुधवार का मौसम और तापमान का हाल
बीते बुधवार का दिन बिहार के अलग-अलग हिस्सों में अलग-अलग रहा। सुबह के समय पटना, बगहा, पूर्वी चंपारण, बेगूसराय और समस्तीपुर में जोरदार बारिश रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा गया, जहानाबाद, सीतामढ़ी और पूर्णिया में भी अच्छी वर्षा हुई। बेगूसराय, पूर्णिया और जहानाबाद में दोपहर के बाद मौसम ने करवट ली और तेज बौछारें पड़ीं। तापमान की बात करें तो कैमूर जिला 37.3 डिग्री सेल्सियस तापमान के साथ सबसे गर्म रहा, जबकि राजधानी पटना का अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
नेपाल की बारिश से नदियों का जलस्तर बढ़ा
उत्तर बिहार की नदियों में उफान का एक मुख्य कारण पड़ोसी देश नेपाल में हो रही मूसलाधार वर्षा है। नेपाल के पहाड़ी इलाकों में पानी बरसने का सीधा असर बिहार की सीमावर्ती नदियों पर पड़ रहा है। कोसी, गंडक और कमला बलान जैसी प्रमुख नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। मंगलवार को इन नदियों का जलस्तर इस वर्ष के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया। नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए वाल्मीकिनगर गंडक बराज के सभी 36 फाटकों को आंशिक रूप से खोल दिया गया है। बराज से नदी में 1 लाख 75 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया है, जिससे निचले इलाकों और वाल्मीकिनगर जंगल के पास के रिहायशी क्षेत्रों में बाढ़ का पानी फैल गया है। प्रशासन ने प्रभावित इलाकों में स्थिति को देखते हुए अलर्ट जारी किया है। राजधानी पटना में भी गंगा नदी का जलस्तर धीरे-धीरे ऊपर की ओर बढ़ रहा है, जिस पर प्रशासन की नजर बनी हुई है।
आने वाले दिनों का पूर्वानुमान
अगले 7 दिनों तक बिहार के कई जिलों में भारी बारिश का सिलसिला बने रहने की उम्मीद है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 16 से 20 जुलाई के बीच अररिया, किशनगंज, कटिहार, पूर्वी-पश्चिमी चंपारण, भागलपुर और जमुई में लगातार भारी बारिश होने का अनुमान है। वहीं, राजधानी पटना में गुरुवार को आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहने की संभावना है। शहर के कुछ हिस्सों में गरज के साथ बौछारें पड़ने की उम्मीद है, जिससे तापमान में थोड़ी राहत मिल सकती है।
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