गौरव यात्रा का भव्य समापन
राजस्थान विधानसभा की यात्रा के 75 वर्ष पूरे होने पर आयोजित 'विधायी गौरव यात्रा' का समापन बेहद गरिमामयी ढंग से हुआ। इस कार्यक्रम में राज्य की राजनीति से जुड़े कई दिग्गज चेहरे एक साथ नजर आए। समारोह का मुख्य केंद्र बिंदु राजस्थान का विकास, लोकतांत्रिक मर्यादाएं और सदन की गरिमा को बनाए रखना रहा।
पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की अपील
समारोह को संबोधित करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने कहा कि प्रदेश के विकास में हर सरकार की भूमिका रही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि राजनीति से ऊपर उठकर इंसानियत और आपसी सामाजिक रिश्तों को तवज्जो दी जानी चाहिए। उन्होंने अपने कार्यकाल की महत्वपूर्ण उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा:
- 50 प्रतिशत महिला आरक्षण की पहल।
- भामाशाह योजना का सफल क्रियान्वयन।
- फीडर सेपरेशन और जल प्रबंधन के कार्य।
- प्रदेश में 24 घंटे बिजली की उपलब्धता।
उन्होंने नए विधायकों को नसीहत दी कि वे सदन की परंपराओं का सम्मान करें और लोकतांत्रिक मर्यादाओं का सख्ती से पालन करें।
लोकतंत्र का संदेश
उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने अपने संबोधन में राजस्थान को वीरों की धरती करार दिया। उन्होंने स्पष्ट संदेश दिया कि लोकतंत्र, संविधान और जनता की सेवा किसी भी अन्य चीज से ऊपर है। इस कार्यक्रम के माध्यम से जनप्रतिनिधियों को जनसेवा के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने का संकल्प दोहराने का अवसर मिला।
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