बीकानेर में विवादित बयान: आईजी ने मोस्ट वांटेड रोहित गोदारा को बताया जेबकतरा, मचा हड़कंप

बीकानेर रेंज के आईजी ओम प्रकाश के एक बयान ने राज्य में हलचल पैदा कर दी है, जिसमें उन्होंने कुख्यात गैंगस्टर रोहित गोदारा को केवल एक साधारण जेबकतरा करार दिया है।

बीकानेर के आईजी के बयान पर खड़ा हुआ सवाल

राजस्थान के बीकानेर में इन दिनों पुलिस और अपराध जगत से जुड़ी एक बड़ी खबर चर्चा का विषय बनी हुई है। बीकानेर रेंज के आईजी ओम प्रकाश का एक बयान सोशल मीडिया और प्रशासनिक हलकों में तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने मोस्ट वांटेड अपराधी रोहित गोदारा को महज एक मामूली जेबकतरा बताया है। आईजी के इस बयान के बाद राज्य में पुलिस प्रशासन के आधिकारिक रुख को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

लूणकरणसर में बुल्डोजर की कार्रवाई और आईजी का रुख

यह पूरा मामला तब गरमाया जब बीकानेर के लूणकरणसर में मोस्ट वांटेड अपराधी रोहित गोदारा के पुश्तैनी घर पर आधी रात को कुछ अज्ञात लोगों द्वारा बुल्डोजर चला दिया गया। इस तोड़फोड़ की घटना के बाद जब मीडिया ने आईजी ओम प्रकाश से इस संबंध में सवाल पूछा, तो उन्होंने न केवल इस घटना से अनभिज्ञता जताई, बल्कि रोहित गोदारा के आपराधिक कद पर टिप्पणी करते हुए उसे एक मामूली जेबकतरा और भगोड़ा करार दिया। आईजी के इन शब्दों ने न केवल आम लोगों बल्कि सुरक्षा एजेंसियों को भी हैरत में डाल दिया है।

लॉरेंस बिश्नोई गैंग और अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क

कानून प्रवर्तन और विभिन्न जांच एजेंसियों के रिकॉर्ड के अनुसार, रोहित गोदारा को साधारण अपराधी नहीं, बल्कि देश के सबसे खतरनाक गिरोहों में से एक लॉरेंस बिश्नोई गैंग का एक बेहद सक्रिय और महत्वपूर्ण सदस्य माना जाता है। वह पिछले लंबे समय से भारत से बाहर रहकर अपना आपराधिक नेटवर्क संचालित कर रहा है। उसकी तलाश में राजस्थान और पंजाब सहित भारत के आधा दर्जन से अधिक राज्यों की पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां जुटी हुई हैं। उसकी गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के लिए राजस्थान एटीएस तक अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुरक्षा एजेंसियों से सहयोग की मांग कर चुकी है।

रंगदारी और हत्या की गंभीर घटनाएं

जांच एजेंसियों के पास मौजूद दस्तावेजों के मुताबिक, रोहित गोदारा का नाम प्रदेश के दर्जनों व्यापारियों से जबरन वसूली और रंगदारी मांगने के मामलों में प्रमुखता से दर्ज है। आरोप है कि यदि कोई व्यवसायी फिरौती देने से इनकार करता है, तो रोहित गोदारा का गिरोह सीधे जानलेवा हमलों, फायरिंग और हत्या जैसी हिंसक वारदातों को अंजाम देता है। कुछ समय पूर्व डीडवाना में एक व्यवसायी की जिम के भीतर हुई हत्या ने पूरे राज्य को दहला दिया था। उस मामले में भी गोदारा गैंग की भूमिका के स्पष्ट संकेत मिले थे। श्रीगंगानगर, बीकानेर, चूरू, सीकर और जयपुर जैसे जिलों में गोदारा गैंग का प्रभाव इतना है कि लोग विदेश से आने वाली फोन कॉल्स से खौफ खाते हैं।

चर्चित हत्याकांडों में भूमिका

रोहित गोदारा का नाम देश के उन हाई-प्रोफाइल हत्याकांडों में भी जुड़ चुका है जिन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियां बटोरी थीं। जयपुर में करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुखदेव सिंह गोगामेड़ी की हत्या और सीकर में गैंगस्टर राजू ठेहट की सनसनीखेज हत्या के मामले में जांच एजेंसियों ने उसके नेटवर्क से जुड़े शूटरों की संलिप्तता का दावा किया है। हालांकि, इन मामलों में अदालती फैसले अभी आने बाकी हैं और कानून की प्रक्रिया जारी है।

पुलिस के आकलन पर उठते प्रश्न

एक तरफ जहां विभिन्न जांच एजेंसियां रोहित गोदारा को संगठित अपराध का एक बड़ा चेहरा मानती हैं, वहीं बीकानेर रेंज के आईजी द्वारा उसे केवल एक जेबकतरा बताना पूरी तरह से विरोधाभासी है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के बयानों से अपराधियों के मनोबल पर असर पड़ सकता है और पुलिस की कार्यशैली पर आम जनता का भरोसा डगमगा सकता है। फिलहाल, इस बयान के बाद राज्य में सुरक्षा और पुलिसिंग के ढर्रे को लेकर एक नई बहस छिड़ गई है।

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