केजीएमयू प्रशासन का बड़ा फैसला
लखनऊ स्थित किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी के हॉस्टल्स में रहने वाले करीब 7000 छात्र अब मांसाहारी भोजन का आनंद नहीं ले सकेंगे। विश्वविद्यालय की वाईस चांसलर डॉक्टर सोनिया नित्यानन्द ने स्पष्ट निर्देश जारी कर दिए हैं कि अब कैंपस की किसी भी मेस या कैंटीन में न तो मांसाहारी खाना पकाया जाएगा और न ही उसे परोसा जाएगा। इस फैसले के बाद से संस्थान के भीतर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।
छात्रों में मिलीजुली प्रतिक्रिया
इस फैसले को लेकर छात्रों के बीच दो तरह की राय देखने को मिल रही है। कुछ छात्र स्वच्छता और स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से इसे एक उचित कदम मान रहे हैं। हालांकि, बड़ी संख्या में ऐसे छात्र भी हैं जो इस निर्णय का विरोध कर रहे हैं। उनका तर्क है कि किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी एक प्रतिष्ठित संस्थान है जहाँ न केवल भारत के विभिन्न राज्यों से बल्कि विदेशों से भी छात्र शिक्षा ग्रहण करने आते हैं। ऐसे में खानपान की पसंद और विविधताओं पर प्रतिबंध लगाना तार्किक नहीं लगता है।
प्रोटीन और पोषण की चिंता
मेडिकल की कठिन पढ़ाई करने वाले कई छात्रों ने चिंता जताई है कि मांसाहारी भोजन पर रोक लगने से उनके दैनिक प्रोटीन सेवन में कमी आएगी। छात्रों का कहना है कि उनकी डाइट का एक बड़ा हिस्सा अब तक नॉनवेज से आता था, जिसके अचानक बंद होने से उनके स्वास्थ्य और खानपान पर असर पड़ना तय है।
राज्यपाल की टिप्पणी बनी आधार
गौरतलब है कि यह निर्णय राज्यपाल आनंदी बेन पटेल के हस्तक्षेप के बाद लिया गया है। कुछ समय पहले जब राज्यपाल केजीएमयू के दीक्षांत समारोह में शामिल होने पहुंची थीं, तब उन्होंने कैंपस में मांसाहारी भोजन के उपयोग और उससे जुड़ी साफ सफाई की व्यवस्था पर सवाल उठाए थे। इसी के चलते मुख्य प्रोवोस्ट डॉक्टर केके सावलानी ने तत्काल प्रभाव से मेस और कैंटीन में मांसाहारी व्यंजनों को पूरी तरह प्रतिबंधित करने का आदेश जारी कर दिया। इसके स्थान पर अब केवल शाकाहारी प्रोटीन के विकल्पों का उपयोग करने की सलाह दी गई है।
राजनीतिक गलियारों में विरोध
इस फैसले पर अब राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी आने लगी हैं। विपक्षी दल सरकार की इस नीति को तानाशाही करार दे रहे हैं। इसके साथ ही कई मुस्लिम धर्मगुरुओं ने भी इस आदेश पर कड़ा एतराज जताया है और इसे व्यक्तिगत खानपान की स्वतंत्रता में हस्तक्षेप बताया है।
https://www.indiatv.in/uttar-pradesh/lucknow-kgmu-students-not-be-served-non-vegetarian-food-governor-anandiben-patel-raised-question-2026-07-15-1231352