अलवर में मानसून की जोरदार वापसी, बारिश ने फसलों में फूंकी जान और बाला किला की वादियों में बहे झरने

राजस्थान के अलवर में भीषण गर्मी और उमस के बाद हुई मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को राहत दी है। इस मानसूनी बारिश से न केवल कपास और बाजरे की फसलों को नई संजीवनी मिली है, बल्कि अरावली की पहाड़ियों का प्राकृतिक सौंदर्य भी देखते ही बन रहा है।

मानसून की मेहरबानी से अलवर में राहत की फुहारें

राजस्थान के अलवर जिले में पिछले कई दिनों से जारी भीषण गर्मी और असहनीय उमस से जूझ रहे लोगों के लिए मंगलवार का दिन एक बड़ी राहत लेकर आया। दोपहर करीब 2 बजे अचानक आसमान में घने काले बादल छा गए और मानसूनी बारिश का दौर शुरू हो गया। लगभग एक घंटे तक हुई झमाझम बारिश ने न केवल शहर बल्कि जिले के कई ग्रामीण इलाकों को भी भिगो दिया। मूसलाधार वर्षा के कारण निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी, वहीं ऐतिहासिक महल चौक की सीढ़ियों से पानी का बहाव किसी झरने के समान दिखाई दिया, जिसे देखकर स्थानीय लोग बेहद उत्साहित नजर आए। लंबे समय से गर्मी की मार झेल रहे निवासियों के लिए यह बारिश सुकून का मरहम बनकर आई है।

किसानों के चेहरे पर लौटी मुस्कान

इस मानसून की बारिश का सबसे बड़ा फायदा जिले के किसानों को हुआ है। पिछले काफी समय से बारिश न होने के कारण अलवर के खेतों में लगी कपास और बाजरे की खरीफ फसलें सूखने की कगार पर थीं, जिससे किसान भारी चिंता में डूबे हुए थे। लगातार तपिश के कारण फसलों की बढ़त रुक गई थी, लेकिन मंगलवार को हुई अच्छी वर्षा ने मुरझाई हुई इन फसलों को एक नई संजीवनी प्रदान की है। कृषि जानकारों का मानना है कि यदि मौसम का यही रुख बरकरार रहा, तो इस बार खरीफ फसलों की पैदावार में बेहतरीन सुधार देखने को मिलेगा और किसानों के चेहरे पर बरसों बाद खुशहाली लौट सकती है।

बाला किला और कृष्ण कुंड में बदला नजारा

बारिश के बाद अलवर के प्राकृतिक पर्यटन स्थलों का रूप ही बदल गया है। अरावली की पर्वतमालाओं में स्थित ऐतिहासिक बाला किला की पहाड़ियों से पानी के छोटे-छोटे झरने फूट पड़े हैं, जिससे वहां का वातावरण बेहद मनोरम हो गया है। इसी के साथ शहर के निकट स्थित प्राचीन कृष्ण कुंड में भी जल की भारी आवक हुई है। कुंड लबालब भरने के बाद जब पानी ओवरफ्लो होकर सागर की ओर बढ़ा, तो वहां का दृश्य किसी हिल स्टेशन से कम नहीं लग रहा था। कुदरत के इस अनूठे करिश्मे को देखने और ठंडी हवाओं का आनंद लेने के लिए बड़ी संख्या में स्थानीय पर्यटक और सैलानी इन स्थलों पर उमड़ पड़े। लोग बारिश के बीच इस प्राकृतिक सुंदरता को अपने मोबाइल कैमरों में कैद करते हुए नजर आए।

अगले पांच दिनों के लिए मौसम विभाग का अलर्ट

मौसम विभाग के ताजा अनुमानों के अनुसार, आने वाले कुछ दिन अलवर जिले के लिए काफी महत्वपूर्ण रहने वाले हैं। विभाग ने 14 से 19 जुलाई के बीच जिले में रुक-रुक कर बारिश होने की संभावना जताई है। हालांकि पहले 15 जुलाई तक मौसम शुष्क रहने का पूर्वानुमान था, लेकिन चक्रवाती तंत्र में आए अचानक बदलाव के चलते अब स्थिति बदल गई है। वैज्ञानिकों ने जिले के अलग-अलग हिस्सों में घने बादलों की आवाजाही, हल्की से मध्यम बारिश और तेज हवाएं चलने का यलो अलर्ट जारी किया है।

तापमान में आई भारी गिरावट

मंगलवार को हुई इस बारिश का असर तापमान पर भी साफ देखा गया है। गर्मी और उमस से राहत मिलते ही जिले का अधिकतम तापमान गिरकर लगभग 36 डिग्री सेल्सियस पर आ गया है। तापमान में हुई इस गिरावट ने आमजन को सुकून दिया है और मौसम पूरी तरह से सुहावना हो गया है। प्रशासन ने बारिश के दौरान निचले इलाकों में जलभराव को देखते हुए सावधानी बरतने की सलाह भी दी है। फिलहाल, अलवर के किसान और आम नागरिक आने वाले दिनों में और बारिश होने की उम्मीद लगाए बैठे हैं, ताकि अरावली का यह हरा-भरा स्वरूप और लंबे समय तक बना रहे।

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