जमशेदपुर में विधायक का पुतला फूंकना पड़ा भारी, आग की चपेट में आने से झुलसे कांग्रेसी कार्यकर्ता

जमशेदपुर में विधायक सरयू राय के विरोध में प्रदर्शन के दौरान पुतला दहन में बड़ा हादसा हो गया, जिससे कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ता आग की चपेट में आकर झुलस गए।

पुतला दहन के दौरान हुआ बड़ा हादसा

झारखंड के जमशेदपुर से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। जमशेदपुर पश्चिम विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले मानगो इलाके में विरोध प्रदर्शन का एक कार्यक्रम उस समय एक बड़े हादसे में बदल गया, जब आग ने बेकाबू होकर प्रदर्शनकारियों को ही अपनी चपेट में ले लिया। यह पूरी घटना विधायक सरयू राय के एक हालिया बयान के विरोध में आयोजित पुतला दहन के दौरान घटी।

घटनाक्रम का विवरण

प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस पार्टी के स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं ने काफी आक्रामक रुख अपनाया हुआ था। विरोध दर्ज कराने के क्रम में उन्होंने विधायक सरयू राय की तस्वीर का अपमान किया और उस पर पान थूकने के साथ ही चप्पल से पिटाई भी की। इसके बाद आक्रोशित प्रदर्शनकारियों ने विधायक का पुतला फूंका। हालांकि, जैसे ही पुतले पर पेट्रोल छिड़कर आग लगाई गई, आग की लपटें अचानक अनियंत्रित हो गईं। देखते ही देखते आग की चपेट में विधायक का पुतला और वहां मौजूद कांग्रेसी कार्यकर्ता आ गए। इस अफरा-तफरी के बीच दो पुरुष नेता और एक महिला कार्यकर्ता बुरी तरह से झुलस गए। घायलों को तुरंत आनन-फानन में इलाज के लिए एक नजदीकी निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

राजनीतिक गलियारों में मची हलचल

इस घटना के बाद जमशेदपुर की राजनीति में एक नया विवाद खड़ा हो गया है। जेडीयू के जिला अध्यक्ष सुबोध श्रीवास्तव ने इस पूरे घटनाक्रम की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने कहा कि इस तरह का स्तरहीन प्रदर्शन कर कांग्रेस पार्टी खुद अपनी प्रतिष्ठा को धूमिल कर रही है। जेडीयू ने इस मामले को लेकर मानगो थाना में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के खिलाफ विधिवत शिकायत दर्ज कराई है और पुलिस से कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की है। सुबोध श्रीवास्तव का कहना है कि मानगो की आम जनता ऐसे व्यवहार के खिलाफ जल्द ही जन आक्रोश रैली भी निकालने की योजना बना रही है।

विधायक पूर्णिमा दास साहू ने जताया विरोध

भारतीय जनता पार्टी की विधायक पूर्णिमा दास साहू ने भी इस घटना पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों के प्रति इस तरह का घिनौना व्यवहार और अपमानजनक कृत्य अक्षम्य है। उन्होंने टिप्पणी की कि विरोध जताने के लोकतांत्रिक तरीके होते हैं, लेकिन किसी की तस्वीर पर इस तरह की हरकत करना बेहद घटिया मानसिकता को दर्शाता है। विधायक साहू ने जिला प्रशासन से मांग की है कि दोषियों पर इतनी सख्त कार्रवाई होनी चाहिए कि भविष्य में सोशल मीडिया पर या सार्वजनिक तौर पर किसी जनप्रतिनिधि को निशाना बनाने से पहले लोग दस बार सोचें।

आजसू और अन्य दलों की प्रतिक्रिया

आजसू पार्टी के जिला अध्यक्ष कन्हैया सिंह ने भी कड़े शब्दों में इस घटना की निंदा की है। उनका मानना है कि राजनीतिक कार्यकर्ता इस तरह की हरकतों के जरिए राजनीति को सबसे निचले स्तर पर ले जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे व्यक्तियों को तत्काल पार्टी से निष्कासित किया जाना चाहिए ताकि समाज में एक कड़ा संदेश जाए।

कांग्रेस पार्टी का रुख

इस पूरे मामले पर कांग्रेस पार्टी के जिला अध्यक्ष ने भी अपना पक्ष रखा है। उन्होंने घटना पर खेद प्रकट करते हुए कहा कि ऐसे कार्यकर्ता पार्टी की छवि को बदनाम करने का काम कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी इस मामले की आंतरिक जांच करेगी और दोषियों के खिलाफ संगठन स्तर पर भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, साथ ही उन्होंने पलटवार करते हुए भाजपा पर भी निशाना साधा और कहा कि भारतीय जनता पार्टी के नेताओं को दूसरों पर उंगली उठाने से पहले अपने गिरेबान में झांकना चाहिए, क्योंकि अपमानजनक व्यवहार और बदतमीजी अक्सर उन्हीं के चाल-चरित्र का हिस्सा रही है।

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