श्री माता वैष्णो देवी मंदिर चढ़ावा विवाद: 20 टन चांदी मामले में कोर्ट की सख्ती, जांच अधिकारी को किया तलब

जम्मू-कश्मीर के कटरा स्थित वैष्णो देवी मंदिर में दान की गई 20 टन चांदी में गड़बड़ी के मामले ने तूल पकड़ लिया है। कोर्ट ने जांच रिकॉर्ड मांगते हुए अधिकारी को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का आदेश दिया है।

मामले में न्यायिक हस्तक्षेप

जम्मू-कश्मीर के कटरा स्थित सुप्रसिद्ध श्री माता वैष्णो देवी मंदिर में चढ़ावे के तौर पर दी गई लगभग 20 टन चांदी से जुड़े कथित भ्रष्टाचार और धांधली के मामले ने एक नया मोड़ ले लिया है। इस गंभीर मसले पर सुनवाई करते हुए जम्मू की एक अदालत ने अब कड़ा रुख अपनाया है। अदालत ने क्राइम ब्रांच से इस पूरे मामले से संबंधित जांच का आधिकारिक रिकॉर्ड तलब किया है। इसके साथ ही, मामले की जांच कर रहे अधिकारी को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वह अगली सुनवाई के दौरान स्वयं कोर्ट में उपस्थित रहें।

क्राइम ब्रांच की भूमिका पर सवाल

इस विवाद के केंद्र में वह शिकायत है जिसमें आरोप लगाया गया है कि मंदिर में चढ़ाए गए कीमती धातु में बड़े स्तर पर हेराफेरी की गई है। क्राइम ब्रांच ने अपनी शुरुआती स्टेटस रिपोर्ट में यह जानकारी दी है कि इस शिकायत को मंजूरी और आगे की कार्रवाई के लिए श्रीनगर स्थित क्राइम डिपार्टमेंट के मुख्यालय में भेजा गया है। हालांकि, शिकायतकर्ता का पक्ष इस देरी पर सवाल उठा रहा है। शिकायतकर्ता का तर्क है कि कानून के अनुसार, इस तरह के गंभीर आरोपों पर क्राइम ब्रांच के लिए प्राथमिकी यानी FIR दर्ज करना और त्वरित जांच शुरू करना अनिवार्य है।

क्या है पूरा घटनाक्रम

यह पूरा विवाद श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड को भक्तों द्वारा दान की गई 20 टन से अधिक चांदी की गुणवत्ता से जुड़ा है। विशेषज्ञों की जांच और प्रोसेसिंग के दौरान यह हैरान करने वाला तथ्य सामने आया कि दान में मिली कुल चांदी में से केवल 5 से 6 प्रतिशत हिस्सा ही शुद्ध चांदी का था। बाकी बचे हिस्से में कथित तौर पर कैडमियम और आयरन जैसी धातुओं की मिलावट पाई गई थी। इस खुलासे के बाद से ही मंदिर प्रबंधन और चढ़ावे की शुद्धता को लेकर सवाल उठने लगे थे।

कानूनी लड़ाई और आरोप

इस मामले को न्यायालय की चौखट तक एडवोकेट दीपक शर्मा लेकर आए हैं। उन्होंने अदालत से इस पूरे प्रकरण में प्राथमिकी दर्ज करने और एक विस्तृत निष्पक्ष जांच की मांग की है। 9 मई को क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर जनरल को दी गई अपनी लिखित शिकायत में उन्होंने कई गंभीर आरोप लगाए हैं, जिनमें आपराधिक साजिश, जालसाजी, आपराधिक विश्वासघात, गबन और आधिकारिक रिकॉर्ड के साथ छेड़छाड़ जैसे जुर्म शामिल हैं। उनका मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि क्या भक्तों की आस्था के प्रतीक असली चढ़ावे को बदलकर उसे नकली से बदल दिया गया या फिर इसमें कोई बड़ा गबन हुआ है।

भक्तों की आस्था और सुरक्षा

शिकायतकर्ता ने यह भी आशंका जताई है कि क्या श्रद्धालु अनजाने में बाजार से नकली चांदी खरीदकर मंदिर में ला रहे थे, या फिर इस मिलावट के पीछे किसी बड़े रैकेट का हाथ है। कटरा की त्रिकूट पहाड़ियों पर स्थित इस पवित्र गुफा मंदिर में हर साल 90 लाख से अधिक भक्त दर्शन के लिए आते हैं। इन भक्तों द्वारा बड़ी मात्रा में सोना और चांदी दान स्वरूप दिया जाता है। इस मामले में कथित तौर पर ₹550 करोड़ के घोटाले की बात कही जा रही है, जिसने पूरे धार्मिक संस्थान की कार्यप्रणाली पर संदेह के बादल खड़ा कर दिए हैं। अब सबकी निगाहें कोर्ट की अगली सुनवाई पर टिकी हैं, जहां यह तय होगा कि जांच का दायरा कितना विस्तृत होगा।

https://www.indiatv.in/jammu-and-kashmir/jammu-court-seeks-case-records-regarding-irregularities-concerning-20-tonnes-silver-offered-at-mata-vaishno-devi-temple-2026-07-14-1231209