लद्दाख में नियमों के खिलाफ सख्ती
लद्दाख में प्राकृतिक सुंदरता का लुत्फ उठाने पहुंचे पर्यटकों द्वारा नियमों की अनदेखी करने पर प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई की है। हाल ही में लद्दाख के संरक्षित वन्यजीव इलाकों में अवैध रूप से ऑफ-रोडिंग कर रहे 12 बाइक सवारों पर प्रशासन ने 1.20 लाख रुपये का भारी जुर्माना लगाया है। इसके अतिरिक्त, इकोसिस्टम को नुकसान पहुँचाने के जुर्म में एक एसयूवी चालक से भी 50,000 रुपये का जुर्माना वसूला गया है। उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने इस पर चिंता जताते हुए सभी पर्यटकों से लद्दाख की नाजुक प्रकृति और वन्यजीवों को सुरक्षित रखने में सहयोग करने की अपील की है।
पहली बार बाइकर्स ग्रुप पर कार्रवाई
यह पहला मौका है जब लद्दाख प्रशासन ने संरक्षित क्षेत्रों में नियमों का उल्लंघन करने वाले किसी बाइकर्स ग्रुप के खिलाफ इतनी बड़ी कार्रवाई की है। प्रशासन का स्पष्ट मानना है कि लद्दाख की पारिस्थितिकी तंत्र और वन्यजीवों का संरक्षण सर्वोपरि है। 12 बाइक सवारों पर प्रति बाइक 10,000 रुपये के हिसाब से कुल 1.20 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया। वहीं, पैंगोंग झील के निकट अवैध तरीके से ऑफ-रोडिंग करते पकड़े गए एक वाहन मालिक पर 50,000 रुपये का दंड लगाया गया है।
त्सो मोरीरी के पास पकड़े गए बाइकर्स
घटनाक्रम के अनुसार, 4 जुलाई 2026 को वन्यजीव विभाग के अधिकारियों ने त्सो मोरीरी झील के समीप स्थित चांगथांग वन्यजीव अभयारण्य में अवैध ऑफ-रोडिंग करते हुए 12 बाइकर्स को पकड़ा। ये सभी बाइकर्स गुरुग्राम की एक टूर ऑपरेटर कंपनी, जिसका नाम 'Wanderon Experiences Pvt. Ltd.' है, के साथ जुड़े थे। जांच में पाया गया कि इन सभी ने वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की धारा 29 का उल्लंघन किया था। इस मामले को बाद में धारा 54 के तहत निस्तारित किया गया और जुर्माना वसूलने की प्रक्रिया पूरी की गई।
पैंगोंग झील के पास एसयूवी चालक पर जुर्माना
बाइकर्स से पहले, 30 जून 2026 को पैंगोंग झील के पास मान गांव के समीप वन विभाग की टीम ने नियमित गश्त के दौरान उत्तर प्रदेश नंबर (UP12CA5111) की एक महिंद्रा XUV 3XO को अवैध ऑफ-रोडिंग करते हुए रंगे हाथों पकड़ा था। वाहन को वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की धारा 50 के अंतर्गत तुरंत जब्त कर लिया गया। चालक, जो मेरठ (उत्तर प्रदेश) का रहने वाला है, को 50,000 रुपये का जुर्माना भरना पड़ा। दंड की राशि जमा करने के बाद ही वाहन को छोड़ा गया।
पर्यावरण के लिए खतरा बनी ऑफ-रोडिंग
लद्दाख पिछले कुछ वर्षों में बाइकर्स और पर्यटकों के लिए एक प्रमुख गंतव्य बनकर उभरा है। हालांकि, पर्यटन की इस होड़ में संरक्षित क्षेत्रों, आर्द्रभूमि, और झीलों के तटवर्ती इलाकों में ऑफ-रोडिंग की घटनाएं भी बढ़ी हैं। प्रशासन के मुताबिक, इस प्रकार की गतिविधियों से लद्दाख के नाजुक पारिस्थितिकी तंत्र को अपूरणीय क्षति पहुँच रही है, जो यहाँ के वन्यजीवों के लिए एक बड़ा खतरा बन गया है।
उपराज्यपाल की पर्यटकों से खास अपील
उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने लद्दाख की धरोहर को बचाने के लिए कड़ा संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि यहाँ के पहाड़, नदियां और झीलें केवल स्थानीय लोगों की नहीं, बल्कि पूरे देश की एक अमूल्य विरासत हैं। उपराज्यपाल ने सभी पर्यटकों का स्वागत करते हुए उनसे अनुरोध किया कि वे यहां की प्राकृतिक सुंदरता का जिम्मेदारी से आनंद लें और वन्यजीवों के आवास को नुकसान पहुँचाने वाली किसी भी गतिविधि में शामिल न हों। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पर्यावरण को नुकसान पहुँचाने वालों के खिलाफ कानून के दायरे में सख्ती जारी रहेगी। उल्लेखनीय है कि इकोसिस्टम की रक्षा के लिए पूर्व में 100 पूर्व सैनिकों को पर्यावरण संरक्षण बल के रूप में तैनात किया गया है।
https://www.indiatv.in/india/national/12-bikers-fined-1-point-20-lakh-for-off-roading-in-ladakh-suv-owner-also-penalized-2026-07-14-1231099