छत्तीसगढ़ कोरिया तिहरा हत्याकांड: सीबीआई जांच शुरू, पांच सदस्यीय टीम ने घटनास्थल का लिया जायजा

छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में हुए चर्चित नौगई तिहरे हत्याकांड की जांच अब सीबीआई ने अपने हाथों में ले ली है। जांच एजेंसी की टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर सबूत जुटाने का काम शुरू कर दिया है।

कोरिया तिहरे हत्याकांड की जांच सीबीआई के हवाले

छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले के सोनहत क्षेत्र में हुए सनसनीखेज नौगई तिहरे हत्याकांड की जांच अब केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी सीबीआई ने शुरू कर दी है। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए छत्तीसगढ़ सरकार ने 30 जून को सीबीआई जांच की सिफारिश की थी, जिसे स्वीकार करते हुए जांच एजेंसी की एक टीम कोरिया पहुंच गई है। यह कोरिया जिले का अपनी तरह का पहला ऐसा मामला है जिसकी जांच अब सीबीआई कर रही है, जिसके चलते पूरे इलाके की नजरें इस कार्रवाई पर टिकी हैं।

घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण

सोमवार को सीबीआई की टीम कोरिया पहुंची और मामले की कमान संभाल ली। टीम के सदस्यों ने सीधे नौगई गांव का रुख किया, जहां 16 जून को यह खूनी घटना हुई थी। सीबीआई के अधिकारियों ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और हत्या से जुड़ी हर एक कड़ी को समझने के लिए साक्ष्य जुटाए। अब तक की स्थानीय पुलिस की कार्रवाई में इस मामले में 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, लेकिन सीबीआई की एंट्री से इस मामले में नए खुलासे होने की उम्मीद बढ़ गई है।

रेत तस्करी का वर्चस्व और खूनी खेल

घटनाक्रम के बारे में जानकारी मिली है कि 16 जून की रात नौगई गांव में रेत तस्करी के वर्चस्व को लेकर दो पक्षों के बीच तनाव चरम पर था। यह विवाद जल्द ही हिंसक संघर्ष में बदल गया। आरोप है कि हमलावरों ने एक सुनियोजित तरीके से एक ही परिवार को निशाना बनाया। इस हिंसा के दौरान तीन लोगों की निर्मम हत्या कर दी गई, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए थे।

फॉर्च्यूनर कार में जिंदा जलाया

इस हत्याकांड की क्रूरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि हमलावरों ने मृतकों की गाड़ी को ही हथियार बना लिया। हमलावरों ने पहले बीजेपी नेता भरत सिंह उर्फ लल्ला और उनके साथियों की फॉर्च्यूनर कार को एक टिपर वाहन से जोरदार टक्कर मारी। इसके बाद हमलावरों ने गाड़ी पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी, जिससे कार के अंदर ही फंसने के कारण भरत सिंह की जलकर मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।

इलाज के दौरान गई तीन जानें

इस हमले में जान बचाने के लिए लोगों ने हर संभव कोशिश की, लेकिन हमलावरों ने किसी को नहीं छोड़ा। नागेंद्र सिंह किसी तरह जलती कार से बाहर निकलने में सफल रहे और अपनी जान बचाने के लिए करीब एक किलोमीटर दूर अपनी बहन के घर तक भागते हुए पहुंचे। हालांकि, गंभीर रूप से घायल होने के कारण अस्पताल में उपचार के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। इसी तरह, तीसरे मृतक वीरेंद्र सिंह ने भी कार से निकलकर बचने का प्रयास किया, लेकिन हमलावरों ने उन पर फरसे से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। उन्हें गंभीर चोटें आई थीं, जिसके चलते इलाज के दौरान उनकी भी मृत्यु हो गई। अब सीबीआई की टीम पूरे घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने के साथ-साथ मामले से जुड़े संदिग्धों से पूछताछ कर रही है ताकि सच्चाई सामने आ सके।

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