सफर में उपजा प्यार और मंदिर में शादी का बंधन
बेंगलुरु के पास नेलमंगला इलाके से एक ऐसी दर्दनाक घटना सामने आई है जिसने प्रेम और विश्वास के रिश्तों पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। 31 वर्षीय तनुजा, जो मूल रूप से गौरीबिदानूर के बीरम्मनहल्ली गांव की रहने वाली थी, ने अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली है। इस पूरी घटना की जड़ में वह सफर है जहां से तनुजा और रवींद्र की मुलाकात हुई थी। रवींद्र, जो येलहंका के मायाचंद्रा का रहने वाला है, सफर के दौरान तनुजा के संपर्क में आया था। रोज की मुलाकातें पहले गहरी दोस्ती में बदलीं और फिर यह दोस्ती प्यार में बदल गई। दोनों ने साथ जीने और मरने के वादे किए और इन वादों को पूरा करने के लिए उन्होंने प्रसिद्ध धार्मिक स्थल 'धर्मस्थल' जाकर चुपके से विवाह कर लिया।
शादी के बाद छिपी हुई जिंदगी की मजबूरी
शादी तो हो गई थी, लेकिन यह एक ऐसी सच्चाई थी जिसे रवींद्र अपने परिवार के सामने लाने से घबरा रहा था। शादी के तुरंत बाद, रवींद्र ने तनुजा को यह कहकर समझाया कि फिलहाल उसके घरवाले इस रिश्ते को स्वीकार नहीं करेंगे। उसने तनुजा से वादा किया कि वह कुछ समय बाद ही अपने माता-पिता को सब कुछ बता देगा। इस बीच, रवींद्र ने येलहंका में एक किराए का मकान लिया और तनुजा को वहां शिफ्ट कर दिया। तनुजा वहां अकेली रहने लगी और इस उम्मीद में दिन गुजारने लगी कि जल्द ही उसका पति उसे अपने घर ले जाएगा और समाज के सामने उसे अपनी पत्नी का दर्जा दिलाएगा। लेकिन यह इंतजार तनुजा की मानसिक उलझन का कारण बनने लगा।
एक फोन कॉल जिसने सब कुछ बदल दिया
घटना वाले दिन तनुजा ने अपने पति रवींद्र को फोन किया। उस समय रवींद्र अपने माता-पिता के घर पर था। तनुजा ने फोन पर उससे जिद की कि वह तुरंत उसके पास किराए के मकान पर आए। रवींद्र ने पारिवारिक परिस्थितियों का हवाला देते हुए उससे आने में असमर्थता जताई और उसे आश्वासन दिया कि वह अगली सुबह मिलने जरूर आएगा। पति का न आना तनुजा को बर्दाश्त नहीं हुआ और वह बुरी तरह आहत हो गई। गुस्से, अवसाद और अकेलापन महसूस करते हुए उसने खुद को पूरी तरह से अलग कर लिया और अपना मोबाइल फोन भी स्विच ऑफ कर दिया।
अंतिम संदेश और मौत की खबर
तनुजा और रवींद्र के बीच हुआ वह विवाद उस समय एक बड़ी त्रासदी में बदल गया जब अगली सुबह करीब 10 बजे रवींद्र के मोबाइल पर एक मैसेज आया। तनुजा ने उस संदेश में लिखा था कि उसने जहर खा लिया है और वह इस समय नेलमंगला के बसवनहल्ली इलाके में मौजूद है। संदेश मिलते ही रवींद्र के होश उड़ गए। वह घबराकर तुरंत उस लोकेशन की ओर भागा जहां तनुजा थी। वहां पहुंचकर उसने तनुजा को बेहद गंभीर हालत में पाया। रवींद्र ने बिना समय गंवाए उसे तुरंत नेलमंगला के सरकारी अस्पताल में भर्ती करवाया, लेकिन उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। इलाज के दौरान तनुजा ने दम तोड़ दिया।
पुलिस जांच और पूरे मामले का दायरा
इस घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है और स्थानीय लोग हैरान हैं कि मामूली सी अनबन इतनी भयावह हो सकती है। नेलमंगला टाउन पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज कर लिया है और अब अधिकारी हर उस पहलू की जांच कर रहे हैं जो इस आत्महत्या की वजह बन सकता था। पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि क्या उस फोन कॉल के अलावा भी कोई अन्य दबाव या तनाव था, जिसने तनुजा को यह खौफनाक कदम उठाने पर मजबूर किया। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की विस्तृत विवेचना कर रही है ताकि मौत के पीछे के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके।
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