टीएमसी उम्मीदवार तीर्थंकर घोष गिरफ्तार, कोर्ट ले जाते समय जनता ने बरसाए अंडे

पश्चिम बंगाल में टीएमसी नेता के बेटे और पार्टी उम्मीदवार तीर्थंकर घोष को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। उन्हें कोर्ट ले जाते समय स्थानीय लोगों के भारी विरोध और आक्रोश का सामना करना पड़ा।

गिरफ्तारी के बाद मची हलचल

पश्चिम बंगाल की राजनीति में उस वक्त एक बड़ी हलचल मच गई जब तृणमूल कांग्रेस के नेता और पानीहाटी से पूर्व विधायक निर्मल घोष के बेटे तीर्थंकर घोष को पुलिस ने दबोच लिया। तीर्थंकर घोष को वर्ष 2026 के विधानसभा चुनाव के लिए संभावित उम्मीदवार के तौर पर देखा जा रहा था। खरदाह थाने की पुलिस पिछले काफी समय से उनकी तलाश में जुटी हुई थी। लंबी जद्दोजहद के बाद 12 जुलाई को दक्षिणेश्वर के इलाके से उन्हें गिरफ्तार करने में पुलिस को सफलता मिली है।

लॉटरी और चुनावी हिंसा के गंभीर आरोप

पुलिस के आधिकारिक सूत्रों की मानें तो तीर्थंकर घोष पर कई गंभीर कानूनी धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। उन पर मुख्य रूप से दो बड़े आरोप हैं। पहला यह कि वर्ष 2021 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के संपन्न होने के बाद राज्य में जो हिंसा भड़की थी, उसमें उनकी संलिप्तता थी। दूसरा मामला एक व्यक्ति से जबरन लॉटरी के पैसे ऐंठने से जुड़ा हुआ है। तीर्थंकर घोष काफी समय से कानून की नजरों से बचकर भाग रहे थे, लेकिन पुलिस ने अंततः जाल बिछाकर उन्हें हिरासत में ले लिया है।

कोर्ट में पेशी और रिमांड की तैयारी

गिरफ्तारी की प्रक्रिया पूरी करने के बाद खरदाह पुलिस उन्हें बैरकपुर मजिस्ट्रेट अदालत में पेश करने की तैयारी में है। आज 13 जुलाई को पुलिस बल उन्हें कोर्ट ले जा रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस यह रणनीति बना रही है कि कोर्ट के समक्ष तीर्थंकर घोष की 14 दिनों की पुलिस रिमांड की मांग की जाए। पुलिस का मानना है कि रिमांड मिलने पर इस मामले में जुड़े अन्य सहयोगियों और साजिशकर्ताओं का खुलासा हो सकेगा।

जनता का फूटा गुस्सा, बरसाए अंडे

जब पुलिस तीर्थंकर घोष को थाने से बाहर निकालकर कोर्ट ले जाने के लिए पुलिस वैन की तरफ ले जा रही थी, तब मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों ने अपना तीखा विरोध दर्ज कराया। भीड़ के बीच से कुछ लोग अचानक आगे आए और तीर्थंकर घोष पर अंडों की बारिश कर दी। इस अप्रत्याशित विरोध से पुलिस महकमे में अफरातफरी मच गई। पुलिसकर्मियों ने जैसे-तैसे तीर्थंकर घोष को अपनी सुरक्षा घेरे में लिया और उन्हें वैन के अंदर सुरक्षित बैठाया। इस घटना का एक वीडियो भी सामने आया है।

दिलचस्प बात यह है कि पिछले कुछ समय में टीएमसी नेताओं के प्रति जनता का गुस्सा बार-बार देखने को मिला है। जुलाई के पहले सप्ताह में ही सांसद महुआ मोइत्रा के ऊपर भीड़ द्वारा अंडे फेंके जाने का मामला सामने आया था। इससे पहले 7 जून को मिदनापुर में टीएमसी नेता सुजॉय हाजरा की गाड़ी को भी भीड़ ने निशाना बनाते हुए उन पर अंडे फेंके थे। इन घटनाओं से साफ जाहिर है कि जनता का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है।

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