अजमेर कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी, ईमेल में लिखा- 6 ब्लास्ट होंगे, जजों को बाहर निकालें

राजस्थान के अजमेर जिला सेशन न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद हड़कंप मच गया। अज्ञात व्यक्ति ने ईमेल भेजकर कोर्ट परिसर को निशाना बनाने की बात कही, जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियों ने मोर्चा संभाल लिया।

अजमेर जिला सेशन न्यायालय एक बार फिर सुरक्षा के लिहाज से चर्चा में है। कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद स्थानीय पुलिस और सुरक्षा तंत्र पूरी तरह सक्रिय हो गया है। धमकी भरा ईमेल प्राप्त होते ही सिविल लाइंस थाना पुलिस के साथ एटीएस, सिविल डिफेंस और बम निरोधक दस्ते को तुरंत घटनास्थल पर तैनात कर दिया गया। सुरक्षा के मद्देनजर पूरे न्यायालय परिसर को एहतियात के तौर पर खाली करवाया गया और वहां डॉग स्क्वायड व मेटल डिटेक्टर की मदद से गहन तलाशी अभियान चलाया गया। हालांकि घंटों चली सघन जांच-पड़ताल के बावजूद किसी भी प्रकार की संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई। इसी दिन उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्धनगर स्थित जिलाधिकारी कार्यालय को भी बम से उड़ाने की धमकी मिलने का मामला सामने आया है, जहां पुलिस द्वारा सर्च ऑपरेशन संचालित किया गया।

धमकी भरे ईमेल में धार्मिक टिप्पणियां और चेतावनी

अजमेर कोर्ट को जो ईमेल भेजा गया, उसमें बेहद चिंताजनक बातें लिखी थीं। ईमेल भेजने वाले ने पैगंबर मोहम्मद के अपमान का जिक्र करते हुए धमकी दी कि कोर्ट परिसर में 6 जिलेटिन बम धमाके किए जाएंगे। धमकी देने वाले का दावा था कि उसका उद्देश्य किसी की जान लेना नहीं, बल्कि केवल संपत्ति को नुकसान पहुँचाना है। इसी के साथ उसने प्रशासन को निर्देश देते हुए कहा कि सभी जजों को तुरंत कोर्ट से बाहर निकाल दिया जाए। संदेश में कुछ विवादित धार्मिक टिप्पणियां भी शामिल थीं, जो जांच का विषय बनी हुई हैं।

सुबह होते ही अलर्ट हुई पुलिस

इस धमकी के बारे में सूचना सुबह करीब 7.15 बजे मिली। खबर मिलते ही सीओ नॉर्थ शिवम जोशी और सिविल लाइंस थाना प्रभारी शंभू सिंह भारी पुलिस बल के साथ कोर्ट परिसर पहुंच गए। सौभाग्य से धमकी सुबह के समय मिली, जब कोर्ट का कामकाज शुरू नहीं हुआ था और परिसर में भीड़ कम थी। इससे सुरक्षाबलों को पूरे इलाके की घेराबंदी करने और बारीकी से छानबीन करने में काफी सुविधा हुई।

चप्पा-चप्पा खंगाला गया

सुरक्षा बलों ने कोर्ट के मुख्य भवन, पार्किंग क्षेत्र, जजों के चैंबर और परिसर के हर छोटे-बड़े हिस्से की सघन तलाशी ली। घेराबंदी इतनी सख्त थी कि किसी को भी अनावश्यक प्रवेश नहीं करने दिया गया। पुलिस और अन्य एजेंसियों ने सुनिश्चित किया कि कोई भी संदिग्ध वस्तु परिसर के भीतर न हो।

जांच और कानूनी कार्रवाई

फिलहाल सुरक्षा एजेंसियां इस मामले को अत्यंत गंभीरता से ले रही हैं। साइबर सेल के माध्यम से ईमेल भेजने वाले की पहचान का प्रयास किया जा रहा है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि अफवाह फैलाने या धमकी देने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और उसके खिलाफ कठोर कानूनी कार्यवाही की जाएगी।

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