दंतेवाड़ा और कांकेर में सुरक्षा बलों को मिली बड़ी सफलता
छत्तीसगढ़ में नक्सल विरोधी अभियानों के तहत सुरक्षा बलों को एक और बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। दंतेवाड़ा और कांकेर जिलों में सुरक्षा बलों ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए नक्सलियों द्वारा जमीन के नीचे छिपाकर रखे गए डंप को बरामद किया है। हाल ही में मुख्यधारा में लौटने वाले आत्मसमर्पित माओवादियों से मिली गुप्त सूचना के बाद पुलिस और सुरक्षा बलों की टीमों ने सुनियोजित तरीके से तलाशी अभियान चलाया, जिसके बाद यह महत्वपूर्ण बरामदगी संभव हो पाई है।
दंतेवाड़ा में सोने और नकदी का जखीरा
दंतेवाड़ा जिले के बारसूर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले तोड़मा गांव के पहाड़ी और जंगली इलाकों में पुलिस ने एक बड़ा सर्च ऑपरेशन चलाया। सुरक्षा बलों के अनुसार, यहां नक्सलियों ने जमीन में खोदकर एक डंप छिपा रखा था। जब सुरक्षा बलों ने इस स्थान की खुदाई की, तो वहां से हैरान कर देने वाली सामग्री बरामद हुई। बरामद सामान में 116 ग्राम सोने का बिस्कुट, 2 लाख रुपये नकद और हथियार व विस्फोटक सामग्री शामिल है। अधिकारियों का अनुमान है कि इस पूरे डंप की कुल कीमत लगभग 18 लाख रुपये है। यह सामग्री नक्सलियों ने सुरक्षा बलों को निशाना बनाने और अपने नापाक इरादों को पूरा करने के लिए जुटा रखी थी।
कांकेर और नारायणपुर सीमा पर भी बड़ी कार्रवाई
दंतेवाड़ा के साथ-साथ कांकेर जिले में भी नक्सलियों के खिलाफ अभियान तेज कर दिया गया है। कोयलीबेड़ा थाना क्षेत्र के अंतर्गत कांकेर और नारायणपुर की सीमा के पास सुरक्षा बलों ने एक अन्य नक्सली डंप को खोज निकाला है। इस अभियान को जिला पुलिस और बीएसएफ (BSF) की संयुक्त टीम द्वारा अंजाम दिया गया। 11 जुलाई को जब सुरक्षा बल आलपरस और गुमचुर के बीच सघन गश्त कर रहे थे, तभी उन्हें नक्सलियों के इस ठिकाने का पता चला।
क्या-क्या बरामद हुआ?
कांकेर में चलाए गए इस सर्चिंग अभियान के दौरान सुरक्षा बलों के हाथ कई घातक उपकरण और नक्सली साहित्य लगे हैं। बरामद की गई प्रमुख वस्तुओं की सूची इस प्रकार है:
- दो 303 राइफलें
- 31 जिंदा कारतूस
- एक लैपटॉप और एक टैबलेट
- वायरलेस बैटरी और रेडियो
- नक्सलियों की वर्दी
- चार्जर और अन्य बिजली से संबंधित उपकरण
- भारी मात्रा में नक्सली साहित्य
नक्सलियों की घेराबंदी तेज
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि लगातार चलाए जा रहे नक्सल उन्मूलन अभियानों के सार्थक परिणाम सामने आ रहे हैं। इसके अलावा, जो माओवादी आत्मसमर्पण कर रहे हैं, वे नक्सलियों के सुरक्षित ठिकानों और उनके द्वारा छिपाई गई सामग्री के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दे रहे हैं। इसी कारण से सुरक्षा बलों के लिए उन दुर्गम इलाकों तक पहुंचना आसान हो गया है जहां नक्सली अपना सामान छिपाकर रखते हैं। सुरक्षा बलों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि प्रभावित इलाकों में भविष्य में भी सर्च ऑपरेशन इसी तरह जारी रहेंगे ताकि नक्सली गतिविधियों को जड़ से खत्म किया जा सके।
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