पंजाब चुनाव से पहले अभिषेक मनु सिंघवी ने अरविंद केजरीवाल की जमकर तारीफ की, क्या फिर बदलेगी सियासत?

पंजाब विधानसभा चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस के दिग्गज नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल की प्रशंसा करके सियासी गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। उन्होंने केजरीवाल को एक बुद्धिमान और व्यावहारिक नेता बताते हुए राष्ट्रीय स्तर पर गठबंधन की आवश्यकता पर जोर दिया है।

पंजाब की राजनीति में नया मोड़

पंजाब में होने वाले आगामी चुनावों को लेकर राज्य का सियासी तापमान लगातार बढ़ रहा है। इस बीच कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता और जाने-माने वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल को लेकर एक ऐसा बयान दिया है, जिसने राजनीतिक जानकारों को सोचने पर मजबूर कर दिया है। वरिष्ठ पत्रकार शाहिद सिद्दीकी के पॉडकास्ट में चर्चा के दौरान सिंघवी ने अरविंद केजरीवाल की खूब तारीफ की है, जिसे लोग कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के बीच दोबारा दोस्ती की संभावनाओं से जोड़कर देख रहे हैं।

केजरीवाल की बुद्धिमत्ता के मुरीद हुए सिंघवी

पॉडकास्ट के दौरान बातचीत करते हुए अभिषेक मनु सिंघवी ने अरविंद केजरीवाल को देश के चुनिंदा मेधावी राजनेताओं की सूची में शामिल किया। उन्होंने कहा कि भारत में बुद्धिमान नेताओं की संख्या बहुत सीमित है और केजरीवाल निस्संदेह उनमें से एक हैं। सिंघवी के अनुसार, केजरीवाल के भीतर व्यावहारिक और तकनीकी बुद्धिमत्ता का एक ऐसा संतुलन देखने को मिलता है, जो उन्हें दूसरे नेताओं से अलग खड़ा करता है।

सिंघवी ने आगे कहा कि अरविंद केजरीवाल की संवाद कला यानी कम्युनिकेशन स्किल भी अद्भुत है। वह जटिल से जटिल विषयों को इतनी सरलता से आम जनता के समक्ष पेश करते हैं कि वह सीधे लोगों के दिल में उतर जाती है। कांग्रेस नेता ने केजरीवाल के उज्ज्वल राजनीतिक भविष्य की ओर इशारा करते हुए उन्हें लंबी रेस का घोड़ा बताया और कहा कि अभी उनका राजनीतिक सफर काफी लंबा बाकी है।

भ्रष्टाचार के आरोपों पर दी सफाई

बातचीत के दौरान अभिषेक मनु सिंघवी ने उन आरोपों पर भी अपना पक्ष रखा जो अक्सर अरविंद केजरीवाल की राजनीति पर लगाए जाते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि केजरीवाल ने अपनी राजनीति की नींव मुख्य रूप से सादगी और भ्रष्टाचार के विरोध पर रखी थी। जब उनसे भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों पर सवाल किया गया, तो सिंघवी ने केजरीवाल का बचाव करते हुए कहा कि भले ही उनकी पार्टी के कुछ लोगों पर ऐसे आरोप लगे हों, लेकिन भारतीय जनता पार्टी ने इन मुद्दों को जरूरत से ज्यादा बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया है और इसे एक बड़ा राजनीतिक हथियार बना दिया है।

पंजाब चुनाव और राष्ट्रीय गठबंधन का भविष्य

पंजाब की मौजूदा चुनावी स्थिति पर बात करते हुए सिंघवी ने स्वीकार किया कि वहां के समीकरण काफी पेचीदा हैं। उन्होंने माना कि पंजाब में कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के बीच कड़ा और सीधा मुकाबला है। सिंघवी के मुताबिक, प्रादेशिक स्तर पर दोनों दलों को अपनी लड़ाई मजबूती से लड़नी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि अगर दोनों पार्टियों ने पहले से ही अपनी चुनावी रणनीति को सही तरीके से तैयार किया होता, तो स्थिति अलग होती।

हालांकि, क्षेत्रीय स्तर पर खींचतान और प्रतिद्वंद्विता के बावजूद, अभिषेक मनु सिंघवी ने राष्ट्रीय स्तर पर विपक्षी एकता की जोरदार वकालत की है। उनका मानना है कि क्षेत्रीय स्तर पर गठबंधन न होने का मतलब यह नहीं है कि राष्ट्रीय राजनीति में भी दूरियां बनी रहें। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर विपक्ष को एकजुट होना ही होगा। उनके शब्दों में कहें तो, क्षेत्रीय लड़ाई और राष्ट्रीय गठबंधन के बीच कोई विरोधाभास नहीं है, बशर्ते राजनीतिक दल अपने सिद्धांतों को एक बार फिर से नए सिरे से व्यवस्थित करने के लिए तैयार हों।

गौरतलब है कि वर्तमान में कांग्रेस और आम आदमी पार्टी ने यह साफ कर दिया है कि आगामी राज्य चुनावों में वे अलग-अलग चुनाव लड़ेंगे और उनके बीच कोई औपचारिक गठबंधन नहीं है। ऐसे में कांग्रेस के एक शीर्ष नेता द्वारा केजरीवाल के प्रति इतनी नरम टिप्पणी करना बड़े राजनीतिक संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।

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