उत्तर भारत में मॉनसून का विकराल रूप
इस समय पूरा उत्तर भारत मॉनसून की भीषण मार झेल रहा है। पहाड़ों से लेकर मैदानों तक प्रकृति का रौद्र रूप देखने को मिल रहा है। मुंबई और सूरत जैसे पश्चिमी शहरों के बाद अब उत्तर भारत के प्रमुख राज्यों में बारिश का कहर जारी है। रविवार, 12 जुलाई 2026 के लिए मौसम विभाग ने हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और हरियाणा समेत कई क्षेत्रों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। स्थिति इतनी गंभीर है कि प्रशासन को जगह-जगह हाई अलर्ट घोषित करना पड़ा है।
शिमला में पहाड़ दरकने से मची तबाही
हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में शनिवार तड़के कुदरत ने अपना कहर बरपाया। शहर के राजहाना और संजौली कॉलेज के नजदीक बोथवेल इलाके में अचानक पहाड़ी का एक बड़ा हिस्सा ढह गया। घटना के समय सुबह के करीब 4 बजे थे, जब लोग गहरी नींद में सोए हुए थे। इस भयावह भूस्खलन के कारण मलबे का ढेर रिहायशी इलाकों की तरफ बढ़ गया, जिससे कई मकानों पर संकट के बादल छा गए हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, कम से कम 3 से 4 इमारतें सीधे तौर पर खतरे की जद में आ गई हैं और उन तक पहुंचने के रास्ते पूरी तरह टूट चुके हैं।
मलबे में दबी गाड़ियां और तबाही का मंजर
राजहाना इलाके में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के चलते ऊपरी पहाड़ियों से चट्टानें और बोल्डर सीधे सड़कों पर आ गिरे। मलबे के नीचे दबने से वहां खड़ी कई गाड़ियां बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई हैं। गनीमत यह रही कि इस बड़े भूस्खलन में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है, लेकिन इलाके में भारी दहशत का माहौल बना हुआ है। प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंच कर सड़कों से मलबा हटाने के कठिन काम में जुटी हुई हैं ताकि यातायात को किसी तरह बहाल किया जा सके।
हिमाचल प्रदेश के लिए मौसम विभाग की चेतावनी
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने राज्य के विभिन्न जिलों के लिए कड़े निर्देश जारी किए हैं।12 जुलाई के पूर्वानुमान के अनुसार, भारी बारिश का अलर्ट निम्नलिखित जिलों के लिए है:
- चंबा, कुल्लू, शिमला और सिरमौर: इन जिलों में गरज-चमक के साथ भारी बारिश होने की आशंका जताई गई है।
- मंडी, किन्नौर और कांगड़ा: यहां लगातार मध्यम से भारी बारिश का दौर जारी रह सकता है।
प्रशासन ने कांगड़ा और मंडी जैसे संवेदनशील जिलों में नदियों और झरनों के पास जाने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया है। मौसम विभाग ने लोगों को आगाह किया है कि निचले इलाकों में जलभराव और सड़कों पर फिसलन के कारण दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है, इसलिए यातायात पुलिस की सलाह का पालन करना अनिवार्य है।
हरियाणा में जलप्रलय और फसलों का नुकसान
पहाड़ों पर हो रही मूसलाधार बारिश का सीधा और विनाशकारी असर हरियाणा के मैदानी इलाकों पर पड़ रहा है। यमुनानगर स्थित हथनीकुंड बैराज का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है, जो खतरे के निशान की ओर इशारा कर रहा है। प्रशासन ने यमुना नदी के तट के करीब बसे गांवों के निवासियों को सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है। इसके अलावा, गुरुग्राम जैसे साइबर सिटी में भी भारी बारिश के कारण प्रमुख सड़कों पर पानी भर गया है, जिससे रोजमर्रा का आवागमन और ट्रैफिक व्यवस्था ठप हो गई है।
फरीदाबाद में 15 फीट पानी में डूबे खेत
हरियाणा के फरीदाबाद से आई तस्वीरों ने हर किसी को हैरान कर दिया है। यहां के एक गांव में स्थिति इतनी विकट हो गई है कि खेतों तक जाने वाले रास्ते 5 से 15 फीट गहरे पानी में डूब चुके हैं। किसानों की मेहनत पर पानी फिर गया है, क्योंकि उनकी धान और हरी सब्जियों की फसलें पूरी तरह जलमग्न हो गई हैं। खेती के लिए उपयोग होने वाली जमीन का यह हाल देख किसान गहरे आर्थिक संकट में हैं और प्रशासन से तुरंत मुआवजे और मदद की गुहार लगा रहे हैं।
आगे का अनुमान
मौसम विभाग के अनुसार, हरियाणा और दिल्ली के करीब एक नया मौसमी सिस्टम विकसित हो रहा है, जिसके प्रभाव से रविवार को भी भारी बारिश की संभावना बनी हुई है। पहाड़ों से लेकर पंजाब, चंडीगढ़ और उत्तराखंड तक बारिश का यह दौर अभी थमने वाला नहीं है। पहाड़ी रास्तों पर भूस्खलन का खतरा बना हुआ है, इसलिए प्रशासन ने लोगों को अनावश्यक यात्रा न करने की हिदायत दी है।
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