जेरेड कुशनर के रिजॉर्ट प्रोजेक्ट पर धोखाधड़ी का साया
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर इन दिनों एक बेहद गंभीर विवाद में फंस गए हैं। अल्बानिया में वे अरबों डॉलर की लागत से एक आलीशान रिजॉर्ट प्रोजेक्ट तैयार करने की योजना बना रहे थे, लेकिन अब पता चला है कि जिस जमीन पर यह रिजॉर्ट बनना था, उसके कागजात पूरी तरह से संदिग्ध हैं। जांच में सामने आया है कि इस जमीन की रजिस्ट्री करने वाले व्यापारी ने न केवल धोखाधड़ी की है, बल्कि इस पूरे मामले की जड़ें गहरे अपराध से जुड़ी हुई हैं।
कौन है अर्तुर शेहू और क्या है उसका आपराधिक बैकग्राउंड
इस पूरे फर्जीवाड़े के केंद्र में अर्तुर शेहू नाम का एक बिजनेसमैन है। जांच एजेंसियों के अनुसार, शेहू का अतीत बेहद खौफनाक रहा है। उस पर ड्रग्स के काले कारोबार और मनी लॉन्ड्रिंग के गंभीर आरोप दर्ज हैं। एजेंसियों का दावा है कि शेहू और उसके सहयोगी दक्षिण अमेरिका से यूरोप के विभिन्न बंदरगाहों तक कोकीन की तस्करी का बड़ा नेटवर्क चलाते थे।
इस अवैध धंधे से कमाए गए बेहिसाब काले धन को ठिकाने लगाने के लिए शेहू ने रियल एस्टेट क्षेत्र को अपना जरिया बनाया। आरोप है कि उसने फर्जी दस्तावेजों और जाली रजिस्ट्री के जरिए बड़े-बड़े जमीन के टुकड़ों पर कब्जा किया और बाद में उन्हें बेचकर अपनी काली कमाई को सफेद किया। इसी कड़ी में उसने एक विवादास्पद जमीन का हिस्सा कुशनर की कंपनी को बेच दिया।
इवांका ट्रंप का सपना और मेगा प्रोजेक्ट की योजना
इस साल अप्रैल के महीने में अर्तुर शेहू ने अल्बानिया की एक खूबसूरत कोस्टलाइन का बड़ा हिस्सा अल्बानिया लैंड डेवलपमेंट नाम की कंपनी को बेचा। यह कंपनी पूरी तरह से जेरेड कुशनर के स्वामित्व में है। इस प्रोजेक्ट को लेकर डोनाल्ड ट्रंप की बेटी और जेरेड कुशनर की पत्नी इवांका ट्रंप ने भी अपनी भावनाओं का इजहार किया था। उन्होंने बताया था कि कई साल पहले जब वे वहां अपनी नाव पर यात्रा कर रही थीं, तब उन्होंने इस सुंदर तट को देखा था और तभी से वहां एक भव्य रिजॉर्ट बनाने का सपना उन्होंने देख लिया था।
साल 2024 में जेरेड कुशनर ने सोशल मीडिया के माध्यम से इस मेगा प्रोजेक्ट को दुनिया के सामने पेश किया था। इस योजना के तहत वहां शानदार होटल, विला, विशाल स्विमिंग पूल और यॉट के लिए एक विशेष जेटी का निर्माण किया जाना था। हालांकि, अब अभियोजकों और जांचकर्ताओं का स्पष्ट तौर पर कहना है कि उनके हाथ ऐसे ठोस सबूत लगे हैं, जिनसे साबित होता है कि पूरी की पूरी जमीन जाली दस्तावेजों के आधार पर हथियाई गई थी।
करोड़ों का भुगतान और जांच का शिकंजा
इस रिजॉर्ट प्रोजेक्ट के लिए जमीन का सौदा करीब 110 मिलियन यूरो यानी अरबों रुपये में तय हुआ था। जैसे ही इस घोटाले की जानकारी सामने आई, जांच एजेंसियों ने तुरंत सख्त कदम उठाए। एजेंसियों ने एक नोटरी के बैंक खाते में जमा इस पूरी भारी-भरकम रकम को फ्रीज करने का आदेश जारी कर दिया, ताकि यह पैसा किसी भी सूरत में शेहू के हाथों तक न पहुंच सके।
जांच एजेंसी द्वारा तैयार की गई 200 पन्नों की गोपनीय फाइलों में इस धोखाधड़ी का विस्तृत ब्यौरा दिया गया है। इन दस्तावेजों के मुताबिक, शेहू ने गैरकानूनी फंड्स का उपयोग किया और संपत्तियों के आकार को कागजों में बढ़ाकर जाली टाइटल तैयार किए थे। यह मामला न केवल जेरेड कुशनर के लिए एक बड़ी मुसीबत बनकर सामने आया है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी रियल एस्टेट क्षेत्र में व्याप्त भ्रष्टाचार की एक बड़ी मिसाल बन गया है।
https://hindi.news18.com/world/america-businessman-handed-over-a-forged-land-deed-to-trump-son-in-law-kushner-ws-l-10649123.html