दतिया उपचुनाव: नरोत्तम मिश्रा ने मुख्यमंत्री मोहन यादव से की मुलाकात, गिले-शिकवे मिटाकर नामांकन में शामिल होने का किया एलान

मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव के मद्देनजर बीजेपी ने डैमेज कंट्रोल की प्रक्रिया शुरू कर दी है। नरोत्तम मिश्रा ने मुख्यमंत्री मोहन यादव से मुलाकात कर एकजुटता का संदेश दिया है और आशुतोष तिवारी के नामांकन में जाने की बात कही है।

दतिया उपचुनाव में सुलह की कोशिश

मध्य प्रदेश में होने वाले दतिया विधानसभा उपचुनाव को लेकर जारी सियासी गहमागहमी के बीच एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। टिकट वितरण के बाद उपजे असंतोष को शांत करने के लिए भारतीय जनता पार्टी ने सक्रियता बढ़ा दी है। इसी क्रम में पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने भोपाल में मुख्यमंत्री मोहन यादव से एक महत्वपूर्ण मुलाकात की है। इस बैठक के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि पार्टी के भीतर मौजूद मतभेद अब दूर हो रहे हैं और नरोत्तम मिश्रा आगामी नामांकन प्रक्रिया में शामिल होने के लिए तैयार हैं।

बीजेपी ने आशुतोष तिवारी पर जताया है भरोसा

दतिया उपचुनाव के लिए जब पार्टी ने नरोत्तम मिश्रा का नाम हटाकर आशुतोष तिवारी को प्रत्याशी घोषित किया, तो दतिया में विरोध की लहर दौड़ गई थी। आशुतोष तिवारी लंबे समय से संगठन में सक्रिय हैं और पार्टी ने उनके अनुभव पर दांव लगाया है। हालांकि, टिकट कटने से नाराज नरोत्तम मिश्रा के समर्थकों ने सड़कों पर उतरकर भारी विरोध प्रदर्शन किया था, जिसके बाद से ही राजनीतिक गलियारों में खलबली मची हुई थी। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए ही नरोत्तम मिश्रा को तत्काल प्रभाव से भोपाल तलब किया गया था।

मुख्यमंत्री आवास पर हुई हाई प्रोफाइल बैठक

भोपाल में स्थित मुख्यमंत्री आवास पर हुई इस बैठक में मुख्यमंत्री मोहन यादव के अलावा भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और संगठन महामंत्री अजय जामवाल भी मौजूद रहे। इस हाई प्रोफाइल मीटिंग में दतिया उपचुनाव को लेकर विस्तृत रणनीति तैयार की गई। पार्टी का मुख्य लक्ष्य दतिया में संगठन को एकजुट करना और चुनाव में जीत सुनिश्चित करना है। बैठक के दौरान इस बात पर भी चर्चा हुई कि किस तरह से दतिया की जनता के बीच एक सकारात्मक संदेश भेजा जाए ताकि चुनाव में भाजपा की बढ़त कायम रहे।

पार्टी का स्टैंड: इस्तीफा मंजूर नहीं

बैठक के उपरांत प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि दतिया में भाजपा के किसी भी कार्यकर्ता का इस्तीफा स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं को याद दिलाया कि भाजपा एक अनुशासित परिवार है और इस समय हम सभी को एकजुट होकर मैदान में उतरना होगा। खंडेलवाल ने यह भी सुनिश्चित किया कि आगामी उपचुनाव पूरी तरह से नरोत्तम मिश्रा के मार्गदर्शन और नेतृत्व में लड़ा जाएगा। उनका कहना है कि पार्टी की रणनीति आशुतोष तिवारी को रिकॉर्ड मतों से विजयी बनाने की है।

नरोत्तम मिश्रा का रुख और नामांकन का संकल्प

मुख्यमंत्री के साथ सकारात्मक बातचीत के बाद नरोत्तम मिश्रा ने मीडिया से मुखातिब होते हुए कहा कि पार्टी के साथ उनकी चर्चा काफी फलदायी रही है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि दतिया में भाजपा की जीत तय है। अपने समर्थकों से धैर्य बनाए रखने की अपील करते हुए उन्होंने कहा कि धीरे-धीरे सब कुछ सामान्य हो जाएगा। नरोत्तम मिश्रा ने स्पष्ट किया है कि वह आशुतोष तिवारी के नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया में स्वयं उपस्थित रहेंगे। इस बयान ने दतिया की राजनीति में चल रही तमाम अटकलों पर विराम लगा दिया है।

ज्योतिरादित्य सिंधिया को मिली बड़ी जिम्मेदारी

इस उपचुनाव को जीतने के लिए भाजपा ने एक और मास्टरस्ट्रोक चलते हुए केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को दतिया विधानसभा उपचुनाव का मुख्य चुनाव प्रभारी नियुक्त किया है। सिंधिया की इस बड़ी जिम्मेदारी को पार्टी की गंभीरता के रूप में देखा जा रहा है। अनुभवी नेतृत्व को मैदान में उतारकर बीजेपी ने संकेत दे दिया है कि वह दतिया सीट को किसी भी स्थिति में गंवाना नहीं चाहती। जिस तरह से पार्टी ने पुराने और नए नेताओं के बीच समन्वय बिठाया है, उससे दतिया के आगामी चुनाव का मुकाबला काफी दिलचस्प होने की उम्मीद जताई जा रही है।

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