अवैध प्रवासियों को बचाने की साजिश, कर्नाटक में PRC के फैसले के खिलाफ कोर्ट जाएगी बीजेपी

कर्नाटक में कांग्रेस सरकार द्वारा जारी किए जा रहे स्थायी निवास प्रमाण पत्र (PRC) को लेकर भाजपा ने मोर्चा खोल दिया है। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र ने इसे असंवैधानिक कदम बताते हुए कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है।

कर्नाटक में कांग्रेस सरकार द्वारा उठाए गए एक कदम ने राज्य के सियासी पारे को पूरी तरह से गरमा दिया है। राज्य सरकार द्वारा जारी किए जा रहे स्थायी निवास प्रमाण पत्र यानी PRC को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस के खिलाफ सीधा मोर्चा खोल दिया है। कर्नाटक भाजपा के अध्यक्ष और विधायक बीवाई विजयेंद्र ने इस फैसले को अवैध प्रवासियों को बचाने की एक सोची-समझी चाल करार दिया है। उन्होंने साफ किया है कि भाजपा इस मुद्दे पर मूकदर्शक बनकर नहीं बैठने वाली है और वह सरकार के इस पूरी तरह से अतार्किक और असंवैधानिक कदम को चुनौती देने के लिए हर संभव कानूनी और राजनीतिक रास्ता अपनाएगी।

वोट बैंक और अवैध प्रवासियों को बचाने का आरोप

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र ने कर्नाटक की कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि यह पूरा कदम केवल अपने वोट बैंक को मजबूत करने की एक राजनीतिक साजिश है। उनका कहना है कि इस प्रमाण पत्र के जरिए राज्य की कांग्रेस सरकार अवैध प्रवासियों को संरक्षण देने की कोशिश कर रही है ताकि चुनावों में इसका फायदा उठाया जा सके। इस पूरे विवाद को लेकर भाजपा ने कांग्रेस नेता डीके शिवकुमार पर भी जमकर निशाना साधा है। भाजपा का मानना है कि राज्य सरकार का यह कदम पूरी तरह से गैर-कानूनी है और इसका उद्देश्य सिर्फ और सिर्फ राजनीतिक लाभ हासिल करना है।

कोर्ट का दरवाजा खटखटाएगी भाजपा

इस मामले में आगे की रणनीति का खुलासा करते हुए बीवाई विजयेंद्र ने स्पष्ट किया कि भाजपा इस फैसले की संवैधानिक वैधता को सीधे अदालत में घसीटने के लिए कानूनी विकल्पों पर विचार कर रही है। इसके लिए वे जल्द ही अपनी पार्टी की कानूनी टीम की एक विशेष बैठक बुलाने वाले हैं। इस बैठक में कांग्रेस सरकार के इस कदम को अदालत में चुनौती देने की रूपरेखा और कानूनी तरीकों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। इसके अलावा, भाजपा इस मुद्दे पर राज्य के संवैधानिक प्रमुख यानी राज्यपाल को भी एक याचिका सौंपने जा रही है। इस याचिका के माध्यम से राज्यपाल का ध्यान इस बात की ओर आकर्षित किया जाएगा कि किस तरह राज्य की कांग्रेस सरकार केंद्र सरकार की शक्तियों और उसके अधिकार क्षेत्र को हड़पने की कोशिश कर रही है।

NRC और PRC पर कांग्रेस के दोहरे मापदंड

बीवाई विजयेंद्र ने नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजन्स यानी NRC और स्थायी निवास प्रमाण पत्र यानी PRC के मुद्दे पर कांग्रेस पार्टी की नीति और नीयत पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कांग्रेस के दोहरे रवैये की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि जब केंद्र की भाजपा सरकार ने एनआरसी तैयार करने के अपने संवैधानिक अधिकार का इस्तेमाल करने की कोशिश की थी, तब कांग्रेस पार्टी ने इसका पुरजोर विरोध किया था और देश भर में भारी हंगामा खड़ा किया था। लेकिन आज वही कांग्रेस पार्टी कर्नाटक में खुद पूर्ण रूप से असंवैधानिक और अतार्किक तरीके से पीआरसी जारी करने में लगी हुई है, जो उनके दोहरे चरित्र को उजागर करता है।

केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधिकारों का हनन

भाजपा अध्यक्ष ने देश की संवैधानिक व्यवस्था का हवाला देते हुए कहा कि भारतीय नागरिकता अधिनियम के तहत नागरिकता से जुड़े किसी भी मामले पर फैसला करने का अधिकार केवल और केवल देश के केंद्रीय गृह मंत्रालय के पास सुरक्षित है। यह तय करना कि कौन इस देश का असली नागरिक है और कौन नहीं, पूरी तरह से केंद्र सरकार के अधिकार क्षेत्र में आता है। बीवाई विजयेंद्र ने सीधा आरोप लगाया कि कर्नाटक की कांग्रेस सरकार न केवल केंद्र सरकार के विपरीत काम कर रही है, बल्कि अपने संकीर्ण राजनीतिक फायदों के लिए केंद्र की शक्तियों और अधिकारों पर भी अवैध रूप से कब्जा करने की कोशिश कर रही है।

उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि यह सब ऐसे समय में किया जा रहा है जब राज्य में विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR की प्रक्रिया चल रही है। ऐसे संवेदनशील समय में अचानक पीआरसी जारी करने का फैसला सीधे तौर पर अवैध प्रवासियों को सुरक्षा देने और आगामी चुनावों में अनुचित फायदा लेने की साजिश की ओर इशारा करता है। भाजपा ने स्पष्ट किया है कि वह कांग्रेस सरकार को भारतीय नागरिकता से जुड़े संवेदनशील मामलों में केंद्र के अधिकारों का हनन नहीं करने देगी और इस लड़ाई को राजनीतिक और कानूनी, दोनों स्तरों पर मजबूती से लड़ा जाएगा।

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