चित्रकूट यात्रा: मानसून में जन्नत बन जाती है प्रभु श्री राम की यह पावन तपोभूमि, जरूर घूमें ये बेहद खूबसूरत जगहें

बारिश के सुहावने मौसम में चित्रकूट की प्राकृतिक सुंदरता और धार्मिक स्थलों का आकर्षण दोगुना हो जाता है। अगर आप भी मानसून में घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो चित्रकूट के इन शानदार झरनों, नदियों और पहाड़ों की सैर करना न भूलें।

रिमझिम फुहारों का सुहावना मौसम हर किसी के मन में उमंग और उत्साह भर देता है। इस ठंडे और खुशनुमा मौसम में हर व्यक्ति रोजमर्रा की भागदौड़ से दूर प्रकृति की छांव में कुछ पल सुकून के बिताना चाहता है। यदि आप भी इस मानसून में किसी ऐसी जगह की यात्रा करना चाहते हैं जहां धार्मिक शांति के साथ-साथ प्राकृतिक सौंदर्य का भी संगम मिले, तो मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम की पावन तपोभूमि चित्रकूट आपके लिए सबसे उत्तम विकल्प है।

वैसे तो साल भर चित्रकूट में पर्यटकों और श्रद्धालुओं का आना-जाना लगा रहता है, लेकिन वर्षा ऋतु के दस्तक देते ही यहां की घाटियों, जंगलों और नदियों का नजारा बिल्कुल बदल जाता है। मानसून के इस मौसम में चित्रकूट आने वाले यात्रियों को केवल मंदिरों के दर्शन करके ही नहीं लौट जाना चाहिए, बल्कि यहां की हरियाली और प्राकृतिक स्थलों का भी आनंद उठाना चाहिए। आइए जानते हैं चित्रकूट की कुछ ऐसी ही चुनिंदा और जादुई जगहों के बारे में, जहां बारिश के मौसम में घूमने का मजा कई गुना बढ़ जाता है।

पहाड़ों से गिरते प्राकृतिक झरने और बहता शीतल जल

अगर आप बरसात के सुहावने दिनों में चित्रकूट की वादियों में कदम रख रहे हैं, तो यहां के शानदार वॉटरफॉल्स और ऊंची पहाड़ियों से कलकल करते हुए नीचे गिरते झरनों का दीदार करना बिल्कुल न भूलें। घने जंगलों और पहाड़ों के बीच से बहते हुए इस ठंडे पानी में स्नान करने का अनुभव बेहद रोमांचक होता है। चारों तरफ फैली हरी-भरी वादियों के बीच पानी के बहने की मधुर आवाज आपके इस सफर को हमेशा के लिए यादगार बना देगी।

1. तुलसी वॉटरफॉल: पाठा टिकरिया का जादुई नजारा

चित्रकूट के पाठा टिकरिया क्षेत्र में स्थित तुलसी वॉटरफॉल बारिश के दिनों में अपनी चरम सुंदरता पर होता है। मानसून के दौरान इस वॉटरफॉल में पानी का बहाव बेहद तेज हो जाता है। जब ऊंची पहाड़ियों से पानी बड़ी तेजी के साथ नीचे गिरता है, तो पानी की बेहद बारीक बूंदें हवा में बिखर जाती हैं। इससे वहां का वातावरण ऐसा प्रतीत होता है मानो आसमान की ओर सफेद धुआं उठ रहा हो। इस अद्भुत और जादुई दृश्य को देखने के लिए बड़ी संख्या में पर्यटक यहां आते हैं।

2. धारकुंडी: घने जंगलों और पहाड़ों के बीच बसा आध्यात्मिक धाम

उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश की सीमा पर स्थित धारकुंडी प्रकृति और अध्यात्म का एक अनोखा संगम है। यह स्थान ऊंचे पहाड़ों और बेहद घने जंगलों से घिरा हुआ है, जिसके कारण बरसात के दिनों में यहां चारों तरफ मखमली हरियाली की चादर बिछ जाती है। इस अत्यंत शांत और पवित्र वातावरण में लोग मानसिक शांति की तलाश में आते हैं। यहां बने एक पवित्र कुंड में स्नान करने का भी विशेष महत्व है, जहां का शीतल जल श्रद्धालुओं को तरोताजा कर देता है।

3. हनुमान धारा: जहां पवनपुत्र को मिली थी शीतलता

चित्रकूट का हनुमान धारा एक बेहद प्रसिद्ध और पौराणिक महत्व वाला स्थल है। वर्षा ऋतु में पहाड़ियों के बीच से बहने वाली प्राकृतिक जलधारा का वेग बहुत बढ़ जाता है, जिससे यह स्थान और भी आकर्षक लगने लगता है। यहां पहाड़ की ऊंचाई पर संकटमोचन हनुमान जी की एक प्राचीन प्रतिमा स्थापित है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, लंका दहन करने के बाद जब बजरंगबली के शरीर में अत्यधिक उष्णता पैदा हो गई थी, तब उन्होंने इसी पावन स्थान पर आकर अपनी पूंछ की आग को बुझाया था और उन्हें शीतलता मिली थी। आज भी पहाड़ी से निकलने वाली जलधारा सीधे हनुमान जी की प्रतिमा को स्पर्श करती है।

4. रामघाट: मंदाकिनी नदी में नौकाविहार का अनोखा रोमांच

पावन मंदाकिनी नदी के तट पर बसा रामघाट चित्रकूट का सबसे प्रमुख केंद्र माना जाता है। वैसे तो इस घाट पर पूरे साल नावों का संचालन होता है, लेकिन मानसून के दिनों में जब मंदाकिनी नदी का जलस्तर बढ़ जाता है, तब यहां नौकाविहार करने का मजा ही कुछ और होता है। रिमझिम बारिश के बीच नाव पर सवार होकर नदी की लहरों का आनंद लेना और घाट के दोनों ओर की सुंदर छटा को निहारना एक सुखद एहसास कराता है।

5. कामतानाथ: कामदगिरि पर्वत की पावन परिक्रमा

चित्रकूट आने वाले हर एक श्रद्धालु के लिए कामतानाथ के दर्शन करना और कामदगिरि पर्वत की परिक्रमा करना सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, वनवास काल के दौरान भगवान श्री राम को स्वयं इस पर्वत का आशीर्वाद मिला था, इसलिए कामतानाथ की प्रतिमा को साक्षात प्रभु राम का ही स्वरूप माना जाता है। बारिश के खुशनुमा और ठंडे मौसम में कामदगिरि की परिक्रमा करना श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर देता है और परिक्रमा पथ के चारों ओर फैली हरियाली यात्रा को और भी सुगम बना देती है।

6. आरोग्य धाम: प्राकृतिक स्विमिंग पूल का आनंद

चित्रकूट में स्थित आरोग्य धाम एक अत्यंत सुंदर, स्वच्छ और बेहद व्यवस्थित परिसर है। गर्मी से लेकर बरसात के मौसम तक, यह स्थान पर्यटकों के लिए नहाने और समय बिताने का पसंदीदा केंद्र बना रहता है। इस परिसर के भीतर से होकर मां मंदाकिनी का अत्यंत शुद्ध और निर्मल जल बहता है। पर्यटकों के लिए यह जगह किसी प्राकृतिक स्विमिंग पूल से कम नहीं है। यदि आप चित्रकूट की यात्रा पर जा रहे हैं, तो इस पावन और औषधीय गुणों से भरपूर जल में स्नान का अनुभव लेना बिल्कुल न भूलें।

https://hindi.news18.com/photogallery/uttar-pradesh/chitrakoot-best-places-to-visit-in-chitrakoot-during-monsoon-local18-10649012.html