मध्य प्रदेश के दतिया में विधानसभा उपचुनाव की घोषणा के बाद राजनीतिक सरगर्मियां बेहद तेज हो गई हैं। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा को इस बार उपचुनाव में उम्मीदवार न बनाए जाने से नाराज उनके समर्थकों ने जमकर हंगामा और प्रदर्शन किया था। इस मामले में दतिया पुलिस ने कड़ा रुख अपनाते हुए कानून हाथ में लेने वाले 27 समर्थकों के खिलाफ नामजद एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली है। इन सभी आरोपियों के खिलाफ पथराव करने, आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन करने और अन्य सुसंगत धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। इस पुलिसिया कार्रवाई के बाद से क्षेत्र के सियासी गलियारों में हड़कंप मच गया है, वहीं नरोत्तम मिश्रा ने अपने समर्थकों से शांति बनाए रखने की अपील की है।
इन 27 नेताओं पर दर्ज हुआ मुकदमा
दतिया के कोतवाली थाना क्षेत्र में चुनाव प्रचार और आचार संहिता के दौरान हुई इस हिंसक घटना को लेकर पुलिस प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। पुलिस ने उपद्रव और पथराव करने के आरोप में जिन प्रमुख समर्थकों पर मुकदमा दर्ज किया है, उनके नाम इस प्रकार हैं:
- अक्कू दुबे, राजू गुगौरिया और अनूप यादव
- विपिन पाठक, लला रजक और प्रशांत दांगी
- अतुल भूरे, प्रदीप यादव और भानु ठाकुर
- बृजेश दुबे, मान सिंह कुशवाहा और विजय झंडा
- आकाश भार्गव, लवकुश गुर्जर और शंकर गुर्जर
- अमित परिहार, करण जाटव और सुनील दुबे
- अंशुल यादव, कृष्णा दुबे और प्रदीप गुर्जर
- अजय रजक, भैया दुबे और वीरपाल गुर्जर
- नियुक्त नागर, कमलेश चौबे और जितेंद्र कमरिया
इन सभी नेताओं पर दतिया कोतवाली पुलिस ने हंगामा करने और कानून व्यवस्था बिगाड़ने के गंभीर आरोपों में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
'मैं जनता की सेवा करता रहूंगा और कार्यकर्ताओं को मना लूंगा'- नरोत्तम मिश्रा
टिकट कटने और समर्थकों पर हुई कार्रवाई के बीच पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने भोपाल में पत्रकारों से बात करते हुए अपनी बात रखी। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह क्षेत्र की जनता के साथ हमेशा खड़े रहेंगे। उन्होंने कहा, "मैंने पहले भी कहा था और आज भी इस बात पर अडिग हूं कि मैं दतिया के लोगों की सेवा निरंतर करता रहूंगा। दतिया की जनता मेरी अपनी है और मैं उन्हें कभी नहीं छोड़ सकता। पार्टी संगठन ही यह तय करेगा और बताएगा कि मुझे दतिया उपचुनाव के लिए उम्मीदवार क्यों नहीं बनाया गया। मेरा मानना है कि अगर मेरी कार्यप्रणाली में कहीं कोई कमी रही होगी, तो मैं उसका आत्मनिरीक्षण करूंगा और उस कमी को सुधारने का प्रयास करूंगा।"
नाराज समर्थकों को शांत करने के प्रयास के तहत पूर्व मंत्री ने कहा, "हम अपने सभी कार्यकर्ताओं को समझाकर शांत कर लेंगे। ये सभी हमारे अपने कार्यकर्ता हैं और हमारी ही बात मानेंगे। मुझे किसी भी व्यक्ति या निर्णय से कोई शिकायत नहीं है। यह कौन कह रहा है कि उम्मीदवार को बदला जाना चाहिए? मैंने ऐसी कोई मांग नहीं की है। पार्टी का जो भी निर्णय होगा, मैं उसका पूरी तरह पालन करूंगा। मैं पार्टी द्वारा घोषित प्रत्याशी के नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया में भी शामिल होऊंगा और इस विषय पर सभी कार्यकर्ताओं से खुद बातचीत करूंगा।"
दतिया सीट का सियासी इतिहास और उपचुनाव की वजह
भारतीय जनता पार्टी ने इस बार दतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए आशुतोष तिवारी को अपना प्रत्याशी घोषित किया है। इस सीट पर नरोत्तम मिश्रा का मजबूत राजनीतिक प्रभाव रहा है और वह यहां से 3 बार विधायक निर्वाचित हो चुके हैं। हालांकि, वर्ष 2023 के पिछले मुख्य विधानसभा चुनाव में उन्हें कांग्रेस प्रत्याशी के हाथों नजदीकी मुकाबले में शिकस्त झेलनी पड़ी थी, जहां कांग्रेस उम्मीदवार ने उन्हें लगभग 7000 मतों से पराजित किया था। इसके बाद कांग्रेस के विजयी विधायक को एक पुराने अदालती मामले में सजा सुनाए जाने के कारण उनकी सदस्यता रद्द कर दी गई थी, जिसकी वजह से यह सीट रिक्त हो गई थी। इसी रिक्तता को भरने के लिए अब दतिया में उपचुनाव हो रहे हैं, जिसमें नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटने के बाद उनके समर्थक बेहद आक्रोशित नजर आ रहे हैं।
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