वंशिका मौत मामला: इंसाफ के लिए बीजेपी मुख्यालय के बाहर धरने पर बैठे माता-पिता, CBI जांच की मांग पर अड़े

जयपुर के प्रताप नगर की वंशिका की संदिग्ध मौत के मामले ने अब तूल पकड़ लिया है। न्याय की गुहार लगाते हुए मृतका के माता-पिता ने शनिवार को भाजपा प्रदेश मुख्यालय के बाहर डेरा डाल दिया और मामले की CBI से जांच कराने की मांग की है।

जयपुर में गरमाया वंशिका मौत का मामला

राजस्थान की राजधानी जयपुर के प्रताप नगर इलाके में हुई युवती वंशिका की संदिग्ध मौत का मामला अब बेहद संवेदनशील मोड़ पर पहुंच गया है। इस पूरे घटनाक्रम में न्याय की मांग को लेकर शनिवार को मृतका के माता-पिता ने एक बड़ा कदम उठाया। वे सीधे जयपुर स्थित भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश मुख्यालय पहुंचे और वहां मुख्य द्वार के ठीक बाहर जमीन पर धरने पर बैठ गए। वंशिका के माता-पिता का साफ तौर पर कहना है कि जब तक उन्हें इस पूरे मामले में न्याय का ठोस आश्वासन नहीं मिलता, वे वहां से पीछे हटने वाले नहीं हैं। परिजनों की सबसे बड़ी मांग इस संवेदनशील मामले की जांच CBI से कराने की है।

लिखित आश्वासन पर अड़े परिजन

भाजपा मुख्यालय के बाहर धरना दे रहे वंशिका के माता-पिता का गुस्सा और दर्द साफ देखा जा सकता है। मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल मौखिक आश्वासनों और कोरे वादों से वे संतुष्ट होने वाले नहीं हैं। परिजनों ने मांग की है कि राज्य सरकार या प्रशासनिक अधिकारियों की ओर से उन्हें लिखित में यह आश्वासन दिया जाए कि इस मामले की जांच CBI को सौंपी जाएगी। उनका कहना है कि जब तक उन्हें ऐसा कोई आधिकारिक और लिखित दस्तावेज नहीं मिल जाता, तक तक वे अपना धरना और प्रदर्शन समाप्त नहीं करेंगे। इस दौरान परिजनों ने भाजपा के वरिष्ठ पदाधिकारियों को एक विस्तृत ज्ञापन भी सौंपा है, जिसमें उन्होंने अपनी सभी चिंताओं और मांगों को प्रमुखता से रेखांकित किया है। हालांकि, भाजपा नेताओं से उनकी बातचीत हुई है और उन्हें निष्पक्ष जांच का भरोसा भी दिलाया गया है, लेकिन परिजन ठोस कानूनी कार्रवाई की मांग पर डटे हुए हैं।

"यह सामान्य मौत नहीं, यह एक सोची-समझी हत्या है"

वंशिका के माता-पिता ने अपनी बेटी की मौत को लेकर बेहद गंभीर और चौंकाने वाले दावे किए हैं। उनका सीधे तौर पर आरोप है कि उनकी बेटी वंशिका की मौत कोई सामान्य हादसा या सामान्य घटना नहीं है, बल्कि यह एक सोची-समझी हत्या का मामला है। परिजनों का मानना है कि इस कथित हत्या के पीछे कई गहरे राज छिपे हैं, जिन्हें दबाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने मांग की है कि पूरे मामले की तह तक जाकर निष्पक्षता से जांच की जाए और जो भी अपराधी इस घिनौने कृत्य में शामिल हैं, उन्हें सख्त से सख्त सजा दिलाई जाए ताकि उनकी दिवंगत बेटी को वास्तविक न्याय मिल सके।

जांच को दबाने और पुलिसिया दबाव के गंभीर आरोप

मृतका के परिजनों ने जांच प्रक्रिया पर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उनका आरोप है कि इस मामले में कुछ बेहद प्रभावशाली और रसूखदार लोगों के नाम सामने आ रहे हैं, जिसके कारण स्थानीय स्तर पर जांच को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है। परिजनों ने आशंका व्यक्त की है कि राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों से आने वाले दबाव के चलते इस पूरे मामले को रफा-दफा करने का प्रयास किया जा सकता है। इसी वजह से वे चाहते हैं कि जांच किसी ऐसी स्वतंत्र एजेंसी से कराई जाए जिस पर किसी भी प्रकार का राजनीतिक प्रभाव न हो, और CBI इसके लिए सबसे उपयुक्त विकल्प है।

इसके साथ ही, धरने पर बैठे माता-पिता ने पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी उंगली उठाई है। उनका दावा है कि पुलिस उन पर धरना समाप्त करने के लिए अलग-अलग तरीकों से मानसिक और व्यावहारिक दबाव बना रही है। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें मीडिया के समक्ष अपनी बात खुलकर रखने से रोका जा रहा है और आंदोलन खत्म न करने पर पुलिस द्वारा उन्हें जबरन वहां से हटाने की धमकियां भी दी जा रही हैं। हालांकि, उन्होंने साफ कर दिया है कि वे किसी भी तरह के दबाव या धमकी के आगे झुकने वाले नहीं हैं और अपनी बेटी के हक की लड़ाई अंतिम सांस तक लड़ेंगे।

भाजपा पदाधिकारियों की पहल और सुरक्षा व्यवस्था

घटना की संवेदनशीलता और भाजपा मुख्यालय के बाहर बढ़ते तनाव को देखते हुए संगठन की ओर से भी त्वरित कदम उठाए गए। धरने की सूचना मिलते ही भाजपा प्रदेश मुख्यालय के कार्यालय प्रभारी मुकेश पारीक तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने धरना दे रहे परिजनों से मुलाकात की, उनका दुख-दर्द सुना और उन्हें समझाने का हरसंभव प्रयास किया। मुकेश पारीक ने परिजनों को आश्वस्त करने की कोशिश की कि सरकार और पार्टी न्याय के पक्ष में हैं।

दूसरी ओर, सुरक्षा और कानून व्यवस्था की स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए अशोक नगर थाना पुलिस की टीम भी भारी संख्या में मौके पर तैनात रही। पुलिस के आला अधिकारी लगातार स्थिति पर अपनी पैनी नजर बनाए हुए हैं ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति पैदा न हो। हालांकि, यहां यह स्पष्ट करना आवश्यक है कि वंशिका के परिजनों द्वारा लगाए गए हत्या, जांच को प्रभावित करने के प्रयास और पुलिस द्वारा दी गई धमकियों जैसे गंभीर आरोपों की अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इस पूरे मामले की विस्तृत और गहन जांच संबंधित जांच एजेंसियों द्वारा लगातार की जा रही है।

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