गुरुग्राम: हरियाणा के गुरुग्राम में बीते दिनों हुई एक पुलिस मुठभेड़ ने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया है। इस मुठभेड़ में चार कथित बदमाशों को ढेर कर दिया गया, लेकिन इस कहानी का सबसे दर्दनाक पहलू यह है कि मारे गए लोगों में दो नाबालिग थे, जिनकी उम्र महज 17 साल थी। इनमें से एक किशोर अपने घर पर यह कहकर निकला था कि वह सावन के पावन महीने में हरिद्वार से कांवड़ लाने जा रहा है, लेकिन वह कभी वापस नहीं लौटा। गलत संगति के दलदल में फंसकर अपनी जान गंवाने वाले इन किशोरों की मौत ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
कांवड़ यात्रा का झांसा देकर निकला था अंकित
जुलाई के अंतिम सप्ताह से सावन का पवित्र महीना शुरू होने वाला है। इस दौरान देश भर से शिव भक्त भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए हरिद्वार और अन्य धार्मिक स्थलों से कांवड़ में गंगाजल लेकर आते हैं। गुरुग्राम का रहने वाला 17 वर्षीय अंकित भी अपने परिवार से यही कहकर घर से निकला था कि वह हरिद्वार कांवड़ लेने जा रहा है। परिवार वालों को लगा कि उनका बेटा धार्मिक यात्रा पर जा रहा है, लेकिन उन्हें क्या पता था कि यह उसका आखिरी सफर साबित होगा। वह बदमाशों की टोली में शामिल होकर अपराध की राह पर चल पड़ा था और अंततः पुलिस मुठभेड़ में मारा गया।
भाला फेंक खिलाड़ी था आर्यन
इस मुठभेड़ में मारा गया दूसरा नाबालिग आर्यन था, जो रोहतक के भालौठ गांव का निवासी था। आर्यन की कहानी भी बेहद दर्दनाक है। वह कक्षा 11वीं का छात्र था और खेलकूद में काफी रुचि रखता था। वह एक बेहतरीन जेवलिन (भाला फेंक) खिलाड़ी था और अपने भविष्य को लेकर सपने संजो रहा था। हालांकि, गलत दोस्तों की सोहबत ने उसे अपराध की दुनिया की तरफ धकेल दिया। आर्यन के परिजनों ने बताया कि वह कुछ दिनों से लापता था और उन्होंने पुलिस में उसकी गुमशुदगी की शिकायत भी दर्ज कराई थी। इन दोनों ही नाबालिगों का इससे पहले कोई भी आपराधिक इतिहास या पुलिस रिकॉर्ड नहीं था।
मुठभेड़ की पूरी कहानी: सुशांत लोक में क्या हुआ था?
गुरुग्राम पुलिस के अनुसार, यह पूरी घटना 10 जुलाई की देर रात को गुरुग्राम के पॉश इलाके साउथ सिटी-1 में घटित हुई। पुलिस को सूचना मिली थी कि दीपक नांदल गैंग से जुड़े पांच हथियारबंद शूटर रंगदारी वसूलने के उद्देश्य से एक रियल एस्टेट कारोबारी के घर में जबरन घुस गए हैं। कारोबारी ने किसी तरह सूझबूझ दिखाई और तुरंत पुलिस को फोन कर मामले की जानकारी दी।
शिकायत मिलते ही सुशांत लोक थाने की पुलिस टीम मौके पर पहुंची और पूरे मकान की घेराबंदी कर ली। खुद को घिरा देख बदमाशों ने पुलिस पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस को भी गोलियां चलानी पड़ीं। पुलिस और बदमाशों के बीच हुई इस भीषण मुठभेड़ के दौरान दोनों तरफ से करीब 65 राउंड फायरिंग हुई।
तीन पुलिसकर्मी भी हुए घायल
इस जबरदस्त गोलीबारी में पुलिस ने चार बदमाशों को मार गिराया, जबकि एक आरोपी गंभीर रूप से घायल हो गया। मुठभेड़ की इस कार्रवाई में एक एएसआई (ASI) समेत तीन पुलिसकर्मी भी गोलियां लगने से घायल हुए हैं। घायल पुलिसकर्मियों और जख्मी बदमाश को तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है। पुलिस ने मुठभेड़ स्थल से भारी मात्रा में अवैध हथियार भी बरामद किए हैं।
मारे गए और घायल आरोपियों की पहचान
गुरुग्राम पुलिस ने मुठभेड़ में मारे गए चारों आरोपियों की पहचान उजागर कर दी है। पुलिस के मुताबिक, दीपक नांदल गैंग के मारे गए चार शूटरों में शामिल थे:
- दीपा उर्फ संदीप: फतेहाबाद का रहने वाला।
- आर्यन: भालौठ गांव, रोहतक का निवासी (नाबालिग)।
- नितिन: भालौठ गांव, रोहतक का निवासी।
- अंकित: भालौठ गांव, रोहतक का निवासी (नाबालिग)।
इस मुठभेड़ में घायल हुए पांचवें बदमाश की पहचान मेवात के रहने वाले शिवम के रूप में हुई है, जो फिलहाल अस्पताल में पुलिस की निगरानी में है।
परिजनों ने पुलिस कार्रवाई पर उठाए गंभीर सवाल
एनकाउंटर की इस घटना के बाद से ही मारे गए नाबालिगों के परिवारों में कोहराम मचा हुआ है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और वे पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई पर कई तरह के सवाल उठा रहे हैं। आर्यन के पिता ने अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए कहा कि उनके बेटे का कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं था, वह महज 17 साल का बच्चा था जो गलत रास्ते पर भटक गया था।
"पुलिस को मेरे बेटे को सुधरने का कम से कम एक मौका जरूर देना चाहिए था। अगर पुलिस को गोली चलानी ही थी, तो उन्होंने सीधे उसकी छाती पर गोली क्यों मारी? वे उसके पैरों पर भी गोली मार सकते थे जिससे उसकी जान बच जाती।"
परिजनों के इन दावों और आरोपों के बाद गुरुग्राम का यह एनकाउंटर अब विवादों के घेरे में आ गया है। हालांकि, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बदमाशों की तरफ से भारी गोलीबारी हो रही थी और आत्मरक्षा में पुलिस बल को यह कदम उठाना पड़ा। पुलिस फिलहाल पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करने की बात कह रही है।
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